जयपुर में किसान महापंचायत से भीड़ रही गायब, टिकैत ने 26 मार्च को भारत बंद का किया ऐलान

जयपुर में आयोजित किसान महासभा में आज राकेश टिकैत ने 26 मार्च को भारत बंद का ऐलान किया है.

जयपुर में आयोजित किसान महासभा में आज राकेश टिकैत ने 26 मार्च को भारत बंद का ऐलान किया है.

कृषि कानूनों (Agricultural Laws) के विरोध में जयपुर (Jaipur) में आयोजित किसान महापंचायत में बहुत कम भीड़ जुटने से किसान नेता परेशान हैं. यहां भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने दिल्ली को दोबारा घेरने की घोषणा की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 23, 2021, 8:20 PM IST
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जयपुर. कृषि कानूनों (Agricultural Laws) के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए आज राजधानी जयपुर (Jaipur) में संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा बड़ी महापंचायत बुलाई गई. महापंचायत में बड़ी संख्या में किसानों (Farmers) के जुटने का दावा भी किया गया था, लेकिन आयोजकों के सपनों पर पानी फिर गया. यहां ज्यादातर पांडाल खाली ही पड़े रहे. करीब 30 से 40 हजार लोगों के बैठने के लिहाज से तैयार किए गये शामियाने में एक हजार लोग भी बमुश्किल जुट पाये.

किसान आंदोलन से सुर्खियों में आए राकेश टिकैत के साथ ही युद्धवीर सिंह, योगेन्द्र यादव और भीम आर्मी के चन्द्रशेखर जैसे बड़े नेताओं ने भी इस किसान महापंचायत को संबोधित किया. अचानाक हुई बारिश के चलते राकेश टिकैत का सभा में छोटा भाषण हुआ. टिकैत ने कहा कि हम अपनी फसल पार्लियामेंट में बेच कर दिखाएंगे. पहले देश भर से साढे़ तीन लाख ट्रैक्टर दिल्ली गए थे और अब जल्द ही संयुक्त मोर्चा तारीख देगा और उस दिन फिर से दिल्ली का घेराव होगा. उन्होंने 26 मार्च को प्रस्तावित भारत बंद में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया. टिकैत ने कहा कि देश को बचाना है तो हमें जय राम, जय भीम और अल्लाहू अकबर, हर हर महादेव के नारे साथ लगाने पडेंगे.

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बंगाल चुनाव में क्यों नहीं कृषि कानूनों का जिक्र?
किसान मंहापंचायत को संबोधित करते हुए दूसरे किसान नेताओं ने भी केन्द्र सरकार को घेरने का प्रयास किया. भारतीय किसान यूनियन के महासचिव युद्धवीर सिंह ने कहा कि अगर केन्द्र सरकार ने अच्छे कृषि कानून बनाए हैं तो फिर इन्हें बंगाल चुनाव में क्यों नहीं बताया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जिस दिन देश का किसान जाति-धर्म से ऊपर उठकर वोट करेगा देश बदल जाएगा. वहीं योगेन्द्र यादव ने कहा कि राजस्थान की मंडियों के आंकड़े बता रहे हैं कि किसानों को फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा है. उन्होंने कहा कि किसान आन्दोलन सफल हो चुका है क्योंकि इसने किसान के आत्मसम्मान को लौटाया है.

योगेन्द्र यादव ने कहा कि आन्दोलन ने किसान की राजनीतिक हैसियत बताई है और इस आन्दोलन ने किसान को एक कर दिया है. यादव ने कहा कि तीनों कृषि कानून मर चुके हैं बस प्रधानमंत्री के अड़ियल रवैये के चलते इसकी घोषणा नहीं हो रही है.





जयपुर में महापंचायत बड़ी गलती


महापंचायत में जुटी कम भीड़ को देखकर आयोजकों ने भी स्वीकार किया कि उन्होंने जयपुर में किसान मंहापंचायत कर गलती की है. बता दें कि राकेश टिकैत राजस्थान में करीब 10 किसान महापंचायतें कर चुके हैं, जिनमें अच्छी खासी भीड़ जुटी थी. वहीं बारिश और अंधड़ के चलते महापंचायत का पांडाल भी जगह-जगह से धराशायी हो गया. पांडाल के एक हिस्से के गिरने से एक व्यक्ति घायल भी हुआ है. उधर महापंचायत में कोरोना प्रोटोकोल भी तार-तार हुआ है. महापंचायत में जुटे ज्यादातर लोग जहां बिना मास्क के नजर आए वहीं मंच पर मौजूद ज्यादातर लोगों के चेहरों से भी मास्क नदारद रहे, जबकि मुख्यमंत्री द्वारा बार-बार कोरोना को लेकर लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी जा रही है.
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