दौसा जिले में अपराध में 25% की बढ़ोतरी, रेप के मामले बढ़े और कम हुए मर्डर

जिले में वर्ष 2019 में करीब 30% मुकदमों में वृद्धि हुई है.

दौसा जिले (Dausa District) में अपराध (Crime Records) में वर्ष 2019 में करीब 30% मुकदमों में वृद्धि हुई है. वर्ष 2018 में दौसा में जहां 3,519 मुकदमे दर्ज हुए थे, वहीं वर्ष 2019 में 5,167 मुकदमे दर्ज हुए हैं.

  • Share this:
    दौसा. पुलिस ने वर्ष 2019 का लेखा-जोखा प्रस्तुत कर दिया है. दौसा जिले में अपराध (Crime) की की बात करें तो जिले में वर्ष 2019 में करीब 30% मुकदमों (Police Cases) में वृद्धि हुई है. वर्ष 2018 में दौसा में जहां 3,519 मुकदमे दर्ज हुए थे, वहीं वर्ष 2019 में 5,167 मुकदमे दर्ज हुए हैं. वर्ष 2019 में चोरियों (theft) की वारदातों ने पुलिस की पोल खोल दी. वहीं हत्या व हत्या के प्रयास के मामले में पुलिस ने अंकुश भी लगाया है. दौसा में 2017 में चोरी के 660 मुकदमे दर्ज हुए थे, वहीं 2018 में 638 मुकदमे दर्ज हुए थे लेकिन 2019 में इन मुकदमों की संख्या 927 पहुंच गई.

    वर्ष 2018 में 91 बलात्कार के मुकदमे दर्ज हुए थे

    नकबजनी की वारदातों में भी वृद्धि देखी गई. 2018 में 51 नकबजनी की वारदातें हुई थी, जबकि वर्ष 2019 में इन वारदातों में बढ़ोतरी दर्ज की गई. वर्ष 2018 में बलवा की 3 घटनाएं हुई थीं, वहीं वर्ष 2019 में यह संख्या 7 हो गई. वर्ष 2019 बलात्कार की घटना ने पूरे देश में दौसा सुर्खियों में रहा. यहां वर्ष 2018 में 91 बलात्कार के मुकदमे दर्ज हुए थे, वहीं इस बार 130 मुकदमे दर्ज हुए थे. हालांकि करीब आधे मुकदमों में पुलिस ने एफआर लगा दी है यानी आधे मुकदमे झूठे पाए गए हैं.

    अपहरण के मामलों में हुई भारी बढ़ोतरी

    अपहरण के मुकदमों में भी दौसा में भारी वृद्धि हुई है. वर्ष 2018 में अप्रैल के 95 मुकदमे दर्ज हुए थे, वहीं वर्ष 2019 में 195 मुकदमे दर्ज हुए हैं. लूट के मामलों की बात करें तो 2018 में 11 वारदातें हुई थीं, वहीं 2019 में 17 वारदातें हुई हैं. इसी तरह डकैती की 2018 में 2 वारदात हुई थी. वहीं 2019 में चार डकैती की वारदात हुई है.

    हत्या के प्रयास में आई कमी

    वर्ष 2019 में केवल हत्या के प्रयास के मुकदमे कम हुए हैं. वर्ष 2018 में 19 हत्या के प्रयास के मुकदमे दर्ज हुए थे, वहीं 2019 में केवल 14 मुकदमे दर्ज हुए हैं. वहीं हत्या की बात करें तो 35 मुकदमे 2018 में दर्ज हुए थे और 2019 में 34 मुकदमे दर्ज हुए हैं. हालांकि 2019 में हुए अधिकतर हत्याकांडों में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है.

    सीआरपीसी के तहत मामलों में हुई वृद्धि

    भारतीय दंड संहिता के अलावा सीआरपीसी की धाराओं में भी पुलिस ने कार्रवाई की है. CRPC की धाराओं में वर्ष 2018 में 1479 कार्रवाई हुई थी, वहीं वर्ष 2019 में 1565 कार्रवाई हुई है. पुलिस ने 2018 में एक्साइज एक्ट के तहत 279 कार्रवाई की थी लेकिन 2019 में केवल 259 ही कार्रवाई कर पाई है. इसी तरह जुआ एक्ट में 2018 में 497 कार्रवाई हुई थी, वहीं 2019 में 521 कार्रवाई हुई है.

    आर्म्स एक्ट में 2019 में हुई बढ़ोतरी

    आर्म्स एक्ट में पुलिस ने 2018 में 31 कार्रवाई की थी, वहीं 2019 में 39 कार्रवाई की है. एनडीपीएस एक्ट में 2018 में जहां 9 कार्रवाई हुई थी, वहीं 2019 में पुलिस ने 16 कार्रवाई की है. कुल मिलाकर बात करें तो सीआरपीसी की कार्रवाई में पुलिस कुछ खास बढ़ोतरी नही कर पाई है, वहीं भारतीय दंड संहिता के तहत दर्ज है. अपराधों में भी बढ़ोतरी हुई है. चोरी, अपहरण और बलात्कार जैसी घटनाओं में भारी बढ़ोतरी देखी गई है.

    (दौसा से आशीष की रिपोर्ट)

    यह भी पढ़ें: नशे में धुत्त व्यक्ति सांप के साथ घंटों खेलता रहा खौफनाक खेल, VIRAL VIDEO

    वेश बदलकर हंसाने वाले कलाकार ने फांसी के फंदे से झूलकर दे दी जान

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.