राजस्थान: कांग्रेस विधायक पृथ्वीराज मीणा बोले-पायलट कहेंगे मरना है तो मर जाएंगे, जहां कहेंगे वहां जायेंगे

विधायक मीणा ने कहा कि आलाकमान के द्वारा पायलट की आवाज नहीं सुनना गलत बात है.

विधायक मीणा ने कहा कि आलाकमान के द्वारा पायलट की आवाज नहीं सुनना गलत बात है.

Ashok Gehlot Vs Sachin Pilot: राजस्थान में सियासी संकट की आहट के बीच दौसा के भंडाणा में पायलट समर्थक विधायक पृथ्वीराज मीणा ने कहा कि वे पायलट जहां कहेंगे वहां जायेंगे. अगर पायलट कहेंगे मरना है तो मर जायेंगे.

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दौसा. राजस्थान कांग्रेस की राजनीति में इन दिनों जबर्दस्त उथलपुथल मची हुई है. सियासी संकट (Political crisis) के मुहाने पर खड़े राजस्थान में सचिन पायलट (Sachin Pilot) समर्थक एक-एक विधायक एक बार फिर से खुलकर सामने आने लग गये हैं. इससे साफ है कि राजस्थान कांग्रेस में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. अंदर ही अंदर जबर्दस्त लावा उबल रहा है.

ऐसा ही उदाहरण आज कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे सचिन पायलट के पिता राजेश पायलट की 21वीं पुण्यतिथि पर सामने आया. दौसा के समीप भंडाणा में स्थित राजेश पायलट के स्मारक पर श्रद्धाजंलि देने जुटे पायलट समर्थकों में शामिल टोडाभीम विधायक पृथ्वीराज मीणा ने कहा कि पायलट साहब यदि कहीं जाने के लिए कहेंगे तो वे जाएंगे. उन्होंने कहा कि पायलट कहेंगे मरना है तो मर जाएंगे.

गहलोत सरकार की प्रशंसा की थी लेकिन वे हैं पायलट के साथ

मीणा ने कहा कि आलाकमान के द्वारा पायलट की आवाज नहीं सुनना गलत बात है. आलाकमान को शीघ्र ही इस मामले पर निर्णय लेना चाहिए. क्योंकि सभी लोग मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार कर रहे हैं. मीणा ने कहा कि पिछले दिनों उनके अनेक कार्य हुए हैं. इसलिए उन्होंने गहलोत सरकार की प्रशंसा की थी लेकिन वे हैं पायलट के साथ.
विधायक मुरारीलाल बोले पार्टी के अंदर आवाज उठाना आंतरिक लोकतंत्र है

वहीं विधायक मुरारीलाल मीणा ने कहा कि वे कांग्रेसी हैं और कांग्रेस के लिए मेहनत करते हैं. विधायक मीणा ने कहा कि पार्टी के अंदर आवाज उठाना आंतरिक लोकतंत्र है और इसमें कोई गलत बात नहीं है. वे खुद और पायलट अपनी बातें पार्टी के अंदर उठाते रहेंगे. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे कांग्रेस के साथ नहीं हैं.

सचिन पायलट भी पहुंचे थे



राजेश पायलट की पुण्यतिथि पर आज बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेताओं के एकत्रित होने की संभावना थी लेकिन कोविड-19 के चलते सर्व धर्म सभा का कार्यक्रम नहीं आयोजित किया गया. इसके कारण कम संख्या में लोग आए. अपने पिता को पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए सचिन पायलट भी भंडाणा पहुंचे लेकिन उन्होंने राजनीतिक मुद्दों पर मीडिया से बात नहीं की.

पायलट के सवाल पर मंत्री ममता ने नहीं दिया जवाब

इस दौरान जब महिला एवं बाल विकास मंत्री ममता भूपेश से पूछा गया कि राजेश पायलट ने पार्टी के लिए और किसानों के लिए  महत्वपूर्ण योगदान दिया लेकिन उनके बेटे सचिन पायलट की बातें पार्टी नहीं सुन रही है. इस सवाल पर मंत्री ममता भूपेश बिना जवाब दिए ही चली गई. बयाना विधायक अमर सिंह जाटव से सचिन पायलट को लेकर जब सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पार्टी आगामी दिनों में मजबूत होगी और सभी नेताओं की बात सुनी जाएगी. इस दौरान उन्होंने कहा कि सचिन पायलट के मुद्दे का समाधान करना आलाकमान का कार्य है.

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