Dausa: किसानों की हुंकार, सरकार बाजार भाव से दे मुआवजा, अन्यथा नहीं बनने दिया जाएगा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे
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Dausa: किसानों की हुंकार, सरकार बाजार भाव से दे मुआवजा, अन्यथा नहीं बनने दिया जाएगा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे
सांसद डॉक्टर किरोड़ीलाल मीणा के नेतृत्व में किसान धनावड़ गांव में पहुंचे और वहां पेड़ों के चिपक कर प्रदर्शन किया.

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे (Delhi-Mumbai Expressway) के लिए अवाप्त की गई जमीन का बाजार भाव से मुआवजा दिये जाने की मांग को लेकर जिले के किसानों (Farmers) ने एक बार फिर हुंकार भरी है.

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दौसा. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे (Delhi-Mumbai Expressway) के लिए अवाप्त की गई जमीन का बाजार भाव से मुआवजा दिये जाने की मांग को लेकर जिले के किसानों (Farmers) ने एक बार फिर हुंकार भरी है. किसानों ने राज्यसभा सांसद डॉक्टर किरोड़ीलाल मीणा (MP Kirodilal meena) और किसान नेता हिम्मत सिंह गुर्जर के नेतृत्व में सोमवार को धनावड़ गांव में पेड़ों से चिपककर प्रदर्शन करते हुए चेतावनी दी कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो इस एक्सप्रेस-वे को नहीं बनने दिया जाएगा. किसान नेताओं ने मांग करते हुए कहा कि इसके साथ ही अवाप्त की गई जमीन में आये मकान और पेड़-पौधों का भी मुआवजा दिया जाए.

मकान और पेड़ पौधों का भी मुआवजा दिया जाए
सोमवार को इससे पहले किसान नेता पहले कलक्ट्रेट पहुंचे और जिला कलक्टर सहित अन्य अधिकारियों से वार्ता कर पूरे मामले का फीडबैक लिया. उसके बाद सांसद डॉक्टर किरोड़ीलाल मीणा के नेतृत्व में किसान धनावड़ गांव में पहुंचे और वहां पेड़ों के चिपक कर प्रदर्शन किया. सांसद मीणा ने कहा कि अवाप्त की गई जमीन का बाजार भाव से मुआवजा दिया जाए. अवाप्तशुदा जमीन में जो संपत्तियां जैसे मकान, पेड़ पौधे आए हैं उनका भी मुआवजा दिया जाए. इसके साथ ही सरकार यह भी वादा करे कि जितने पेड़ एक्सप्रेस-वे निर्माण के दौरान काटे जाएंगे उनसे दुगुने पेड़ लगाए जाएंगे.

धारा-144 और सोशल डिस्टेंस की उड़ी धज्जियां
इस दौरान किसानों ने चेतावनी दी कि कोरोना के चलते यह आंदोलन केवल सांकेतिक किया गया है. यदि सरकार ने पेड़ पौधे और जमीन का बाजार भाव से मुआवजा नहीं दिया तो शीघ्र ही बड़ा आंदोलन किया जाएगा. किसानों के आंदोलन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया. आंदोलन स्थल पर बांदीकुई, बसवा और कोलवा थाना पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे. लेकिन इस आंदोलन के दौरान धारा-144 और सोशल डिस्टेंस की धज्जियां भी उड़ती हुई नजर आई. सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष आंदोलन स्थल पर एक साथ भीड़ के रूप में एकत्र थे.



पिछले कई माह से किसानों का आंदोलन जारी है
उल्लेखनीय है कि दिल्ली से मुंबई एक्सप्रेस-वे को लेकर पिछले कई माह से किसानों का आंदोलन जारी है. करीब 2 माह पूर्व किसानों ने दौसा के लाहड़ी का बास गांव में जमीन समाधि सत्याग्रह करके अवाप्त की गई जमीन का बाजार भाव से मुआवजा देने की मांग रखी थी. इस मांग के बाद सरकार के स्तर पर 13 सूत्रीय मांगों पर समझौता हुआ था. करीब 2 माह बीत जाने के बाद भी किसानों ने समझौते की पालना नहीं होने का आरोप लगाते हुए एक बार फिर आंदोलन शुरू किया है.

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