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Dausa:आभानेरी में पहुंचने लगे विदेशी पावणे, जानें चांद बावड़ी का इतिहास

दौसा जिले में स्थित आभानेरी की चांद बावड़ी को देखने के लिए देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी पर्यटक आते हैं. देश और विदेश ...अधिक पढ़ें

    पुष्पेंद्र मीणा
    दौसा. राजस्थान के दौसा जिले के बांदीकुई में स्थित चांद बावड़ी अपनी अनूठी स्थापत्य शैली के निर्माण के लिए जानी जाती है. इसके पास ही हर्षद माता का प्राचीन मंदिर है. वैसे तो यह मां दुर्गा को समर्पित है, लेकिन इसे खुशी और उल्लास का मन्दिर भी कहा जाता है. मंदिर का निर्माण चौहान वंशीय राजा चांद ने 8वीं-9वीं सदी में कराया था. आभानेरी का असली पंनाम आभा नगरी था. इस नगर के संस्थापक राजा चांद का मानना था कि उनके नगर में खुशी और उल्लास दुर्गा माता की देन है, इसलिए उन्होंने माता दुर्गा को समर्पित यह भव्य मन्दिर बनवाया.

    आभानेरी चांद बावड़ी में पिछले कई वर्षों से कोरोना के चलते पर्यटकों का आना बंद था, लेकिन हाल ही में विश्व पर्यटन दिवस मनाया तभी से आभानेरी में पर्यटकों की आने की शुरुआत भी हो गई. आभानेरी की चांद बावड़ी पर देशी और विदेशी पावणे पहुंचे आभानेरी की आभा देखकर अपने मन को रोमांचित किया.

    राजस्थानी परंपरा से किया जाता है स्वागत
    दौसा जिले के अंतर्गत स्थित आभानेरी में राजस्थानी अंदाज में विदेशी पावणों का स्वागत किया जाता है. इस दौरान कलाकारों के द्वारा कच्ची घोड़ी सहित अन्य कलाओं का प्रदर्शन किया जाता है और विदेशी पावणों के मन में राजस्थानी स्वागत को उतारने का प्रयास किया जाता है.

    आभानेरी आने वाले पर्यटक आते हैं मेहंदीपुर बालाजी
    देश और विदेश से आभानेरी की चांद बावड़ी को देखने के लिए पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है. पर्यटक आभानेरी की चांद बावड़ी को अपने कैमरे मोबाइल में कैद करते हैं और आभानेरी की खूबसूरती को देखकर पर्यटकों के मन में बहुत कुछ विषय आते हैं. वहीं देश और विदेश से आने वाले पर्यटक आभानेरी के साथ ही मेहंदीपुर बालाजी को भी देखने के लिए पहुंचते हैं. आभानेरी और मेहंदीपुर बालाजी में करीब 30-35 किलोमीटर की दूरी है.

    आभानेरी की बावड़ी के पास स्थित हर्षद माता का मंदिर
    आभानेरी की चांद बावड़ी के पास ही हर्षद माता का मंदिर भी स्थापित है. इस को दुर्गा के रूप में लोग मानते हैं. यहां आभानेरी को देखने आने वाले पर्यटक हर्षद माता के दर्शन भी करते हैं और अपनी मनोकामना पूर्ण करने की ढोक लगाते हैं.

    Tags: Dausa news

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