GehlotVsPilot: पायलट-गहलोत विवाद से पूर्वी राजस्थान में बदलेंगे राजनीतिक समीकरण!
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GehlotVsPilot: पायलट-गहलोत विवाद से पूर्वी राजस्थान में बदलेंगे राजनीतिक समीकरण!
सचिन पायलट का आरोप है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उनको राज्य की राजनीति में साइडलाइन कर रहे हैं (न्यूज़ 18 ग्राफिक्स)

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट (Ashok Gehlot Vs Sachin Pilot) के बीच जारी राजनीतिक घमासान के बीच दौसा जिले के तीन कांग्रेस विधायकों (Congress MLA) के सचिन पायलट खेमे में जाने की बात सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल हो रही है

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दौसा. राजस्थान कांग्रेस (Rajasthan Congress) में चल रहे अंतर्कलह के बीच दौसा जिले (Dausa District) के तीन विधायकों के सचिन पायलट (Sachin Pilot) के समर्थन में आने की बात सामने आ रही है. यदि ऐसा हुआ तो जिले की राजनीतिक समीकरण बदल जाएगी और सामाजिक स्तर पर भी इसका असर दिखेगा. यह भविष्य में होने वाले चुनावों में देखने को मिल सकती है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट (Ashok Gehlot Vs Sachin Pilot) के बीच जारी राजनीतिक घमासान के बीच दौसा जिले के तीन कांग्रेस विधायकों (Congress MLA) के सचिन पायलट खेमे में जाने की बात सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल हो रही है.

जिस तरीके से इन एसटी विधायकों ने सचिन पायलट को अकेला नहीं छोड़ा है, उसको देखते कहा जा सकता है कि भविष्य में गुर्जर-मीणा का नया समीकरण देखने को मिल सकता है. हालांकि अभी औपचारिक रूप से न तो सचिन पायलट का कोई बयान आया ह और न ही किसी विधायक ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की खिलाफत करने वाला कोई बयान दिया है. लेकिन विधायकों के समर्थकों द्वारा सोशल मीडिया पर जिस तरीके से नाराजगी के कारण गिनाए जा रहे हैं. और पार्टी स्तर पर बयानबाजी हो रही है उस आधार पर जिले की आगामी राजनीति में बड़ा परिवर्तन होना तय माना जा रहा है.

इधर मुरारी मीणा समर्थकों ने विधायक की नाराजगी का कारण बताते हुए कहा कि दौसा में पानी की समस्या थी. इस मसले के निवारण के लिए विधायक मुरारी लाल मीणा ने इसरदा बांध से पानी लाने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को कई बार अवगत कराया था लेकिन उनकी नहीं सुनी गई. इसके अलावा सीवरेज, नांगल में सीएससी सहित अन्य मांगें थी. जिसे मुख्यमंत्री ने तरजीह नहीं दी.



बता दें कि सचिन पायलट ने दौसा से ही अपनी राजनीति शुरू की थी. उनके दिवंगत पिता राजेश पायलट ने भी दौसा की धरती से राजनीतिक मुकाम हासिल किया था. ऐसे में इस क्षेत्र में उनके लाखों समर्थक हैं जो सचिन पायलट का साथ नहीं छोड़ने वाले नेताओं के लिए सदैव तत्पर रहेंगे.
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