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Dausa : बारिश ने किसानों के अरमानों पर फेरा पानी, फसल को भारी नुकसान, मुआवज़े के लिए ऐसे करें क्लेम

माॅनसून के सीज़न के आखिरी दिनों में भी भारी बरसात ने किसानों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है. अगर आपकी फसल को भी नुकसान ह ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट – पुष्पेंद्र मीना

दौसा. ज़िले में पिछले 3 दिन से लगातार तेज़ बारिश के चलते खेतों में खड़ी और कटी हुई बाजरे की फसल चौपट हो गई है. इस बार दौसा ज़िले में बाजरे की फसल अच्छी होने से किसान खुश थे, लेकिन फसल कटाई के दौरान हुई बारिश ने किसानो के मंसूबों पर पानी फेर दिया. किसानों ने बताया कि सबसे ज्यादा नुकसान बाजरे की कटी हुई फसल में हुआ है. एक तरफ किसान परेशान हैं, तो इस बात का संतोष भी है कि इस बारिश से आने वाले दिनों बुआई और सिंचाई में फायदा मिलेगा. इधर, मौसम विभाग की मानें तो अभी दो दिन और तेज़ बारिश हो सकती है.

स्थानीय किसानों के अनुसार कटी हुई बाजरे की करीब 50-60 प्रतिशत फसल खराब होने के आसार हैं. हालांकि कुछ किसानों का कहना है कि नुकसान के साथ.साथ आगामी फसल बुआई के लिए बारिश फायदेमंद भी है. सिंचाई की ज़रूरत कम पड़ेगी, जो अच्छी फसल होने के संकेत हैं. रामकिशोर, प्रह्लाद मीना, भरत लाल, मुंशी योगी, धर्मी आदि किसानों ने बताया कि बरसात के कारण अबकी बार बाजरे के शीटें और कड़बी 70 फीसदी तक खराब हो चुकी है. इसका नुकसान किसानों के लिए बड़ा होगा.

किसानों को लगा बड़ा झटका, ये है गणित

किसान गिरिराज प्रसाद मीणा ने बताया कि एक किसान के हज़ारों रुपयों के निवेश और मेहनत पानी फिर गया है. गणित यह है कि बुवाई के वक्त बाजरे का एक पैकेट 400 से 600 रुपये तक में मिला. अच्छी फसल उपज होने के लिए प्रत्येक किसान ने खाद भी खेतों में डाली. यूरिया खाद 300 रुपये प्रति बैग के हिसाब से किसानों ने खरीदी. मज़दूर लगाकर निराई, गुड़ाई करवाई. इसमें 200 से 300 की प्रत्येक मज़दूर के हिसाब से भुगतान हुआ. इसके बाद फसल कटाई के लिए 300 से 350 रुपये प्रति मज़ूदर फिर खर्च हुए. फिर ट्रैक्टर, थ्रेसर के लिए हज़ारों का खर्च हुआ. अब किसानों का यह निवेश बर्बाद हो गया है.

72 घंटे में यहां सूचना दे दें किसान

कृषि अधिकारी अशोक मीणा ने बताया कि बारिश के कारण किसानों को फसल के नुकसान के बारे में 72 घंटे के अंदर लिखित में संबंधित कृषि पर्यवेक्षक, सहायक कृषि अधिकारी या फसल बीमा कंपनी के प्रतिनिधि को बताना होगा. जिला स्तरीय कृषि विभाग कार्यालय में पहुंचकर या फिर एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी के टोल फ्री नंबर 18002091111 पर 72 घंटे के अंदर किसानों को सूचना देनी होगी. इसके बाद नियम के मुताबिक कमेटी जांच करेगी और फिर फसल खराबे के क्लेम का एक्शन होगा.

Tags: Crop Damage, Dausa news

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