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लोकसभा चुनाव: यहां कराना पड़ा 3 बार मतदान, कलेक्टर और SP को भी पड़ा था हटाना

राजस्थान के दौसा जिले में जौण मतदान केंद्र पर तीन बार हुआ था मतदान.
राजस्थान के दौसा जिले में जौण मतदान केंद्र पर तीन बार हुआ था मतदान.

राजस्थान के दौसा जिले में 23 साल पूर्व देश में पहली बार लोकसभा चुनाव में ट्रिपल पोल कराना पड़ा था. यहां रिपोल के बाद एक बार फिर से रिपोल हुआ था.

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देश में छत्तीसगढ़ का नक्सली एरिया हो या फिर जम्मू की घाटी या फिर कोई अन्य संवेदनशील जगह, हर जगह चुनाव होते हैं. आपने चुनाव में रिपोल होते हुए देखे होंगे लेकिन रिपोल के बाद भी तीसरी बार मतदान कराना पड़े तो यह सुनकर आश्चर्य जरूर होगा. दरअसल, करीब 23 साल पूर्व देश में पहली बार लोकसभा चुनाव में ट्रिपल पोल कराना पड़ा था. वर्ष 1996 के लोकसभा चुनाव में वह मतदान केंद्र था दौसा का जौण मतदान केंद्र. आज भी जब लोकसभा चुनाव आते हैं तो जौण गांव के ग्रामीणों में वो कभी ना भुलाने वाली तस्वीरों की याद ताजा हो जाती है.

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दौसा जिले का जौण मतदान केंद्र, करीब 10 किलोमीटर दूर से आने वाले मुख्य रास्तों पर पूर्णतया पाबंदी, किसी को भी आने और जाने के लिए कोई अनुमति नहीं, मतदान केंद्र के आसपास के खेतों में भी करीब 2 से 3 किलोमीटर तक सुरक्षा पहरा, ग्रामीणों को पूरी तरह पाबंद केवल मतदाता ही निकले घरों से बाहर, अनगिनत संख्या में सुरक्षा कर्मी और पुलिस और प्रशासन के आला अफसरो का डेरा, तत्कालीन सरकार के मंत्री बूथ पर मौजूद, यह दृश्य था वर्ष 1996 में दौसा जिले के जौण मतदान केंद्र का.



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इस चुनाव में राजनीति के दो कद्दावर नेता कांग्रेस से राजेश पायलट और भारतीय जनता पार्टी से किरोड़ी लाल मीणा आमने-सामने थे. चुनाव के दौरान दोनों दिग्गजों के समर्थकों की ओर से जौण मतदान के दौरान बूथ को कैप्चर करने का प्रयास किया गया और बैलेट पेपर फाड़ दिए गए थे. ऐसे में रिपोल कराना पड़ा. रिपोल में सुरक्षा के इंतजाम भी किए लेकिन राजनीति के दिग्गजों का यह चुनाव रिपोल में भी अखाड़ा बन गया और लोगों ने मतदान केंद्र की खिड़कियां तोड़ दी, मतपेटी में पानी भर दिया और बैलेट लूट लिए गए. फिर क्या था... पूरे देश की ऐसी पहली घटना हो गई जिसमें तीसरी बार मतदान कराने की तारीख तय हुई. इस तारीख को सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए, उस जमाने मे पैरामिलिट्री फोर्स तैनात की गई. चप्पे चप्पे पर सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए.

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आश्चर्य की बात यह भी है कि 1996 के बाद ठीक 13 वर्ष बाद 2009 में देश मे एक बार फिर ट्रिपल पोलिंग की घटना हुई. यह घटना भी दौसा में हुई लेकिन वह मतदान केंद्र था गोठड़ा.

ग्रामीण महिलाओं को जरूरी कार्य जैसे कुंए या हैंडपम्प से पानी लेकर आना आदि मतदान से पहले से करने के लिए पाबंद किया गया. मतदान के दौरान सिर्फ मतदाता को घर से बाहर निकलने की अनुमति दी गई. तत्कालीन सरकार के मंत्री भी बूथ पर इंतज़ाम करते हुए दिखाई दिए. चुनाव तो तीसरी बार मतदान कराने के बाद सम्पन्न हो सका लेकिन इस चुनाव में तत्कालीन कलेक्टर पवन गोयल और तत्कालीन एसपी एमएल लाठर को जिले से हटाना पड़ा और नए कलेक्टर के रूप में विनोद जुत्शी और एसपी पुखराज सीरवी को लगाकर ट्रिपल पोल कराना पड़ा.

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