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Dausa: बिवाई कस्बे की पहाड़ी से निकलता था देसी घी! जानें पूरी हकीकत

Dausa News: दौसा जिले के बांदीकुई उपखंड क्षेत्र के बास बिवाई कस्बे में एक चट्टान है. स्थानीय लोगों का दावा है कि प्राच ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट-पुष्पेंद्र मीना

दौसा. राजस्थान के दौसा जिले में एक ऐसी पहाड़ी है, जिसको लेकर कई प्रकार के दावे किए जाते हैं. दरअसल दौसा जिले के बांदीकुई उपखंड क्षेत्र के बास बिवाई कस्बे की पहाड़ी पर मांगा सिद्ध मंदिर बना हुआ है. वहीं, इस मंदिर के ऊपर एक बड़ी पत्थर की शिला रखी हुई है. स्थानीय लोगों का दावा है कि प्राचीन काल में इस चट्टान से देसी घी निकलता था.वहीं, चट्टान से निकले घी को रोटियों पर लगाकर खाया जाता था. चौंकने वाली बात यह है कि आज भी इस चट्टान के नीचे चिकनाई बनी हुई है.

स्‍थानीय लोगों का कहना है कि इस पहाड़ी में काफी वर्षों पूर्व स्थानीय लोग पशु चराने के लिए आते थे और वह चट्टान से निकलने वाले घी से रोटी खाते थे. हालांकि इस दावे की NEWS 18 LOCAL पुष्टि नहीं करता है. बहरहाल, जिस चट्टान से घी निकलने का दावा किया जा रहा है, वहां न्‍यूज़ 18 लोकल की टीम पहुंची, तो देखा कि उस जगह पर आज भी चिकनाई बनी हुई है. इस दौरान देसी घी जैसी खुशबू आ रही थी.

पहाड़ी पर बना मांगा सिद्ध महाराज का स्थान
बिवाई कस्बे की पहाड़ी पर मांगा सिद्ध महाराज का स्थान काफी वर्षों से बना हुआ है. इस पहाड़ी पर पूर्णिमा के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और मांगा महाराज को प्रसाद चढ़ाकर अपनी मन्नत रखते हैं.

बड़ी चट्टान से निकलता था देसी घी! लेकिन…
स्थानीय निवासी लोकेश शर्मा सहित अन्य लोगों का दावा है कि पहाड़ी पर बड़ी-बड़ी चट्टान हैं, लेकिन पहाड़ी की सबसे ऊपर स्थित सबसे बड़ी चट्टान से काफी वर्षों पूर्व देसी घी निकलता था. वहीं, 60 साल के पुजारी विजय दास महाराज का कहना है कि इस चट्टान से निकलने वाले घी से पीपी भर-भर कर गांव में ले जाते थे और धार्मिक कार्यक्रम और अनुष्ठान में उपयोग लेते थे, लेकिन पशु चराने वाले लोगों में से किसी ने झूठी रोटी उस स्थान पर लगा दी थी. इसके बाद चट्टान से घी आना बंद हो गया.

पूर्णिमा के मौके पर पहाड़ी के चारों लोग करते हैं परिक्रमा
पहाड़ी के चारों तरफ करीब डेढ़ से दो किलोमीटर की परिक्रमा का दायरा है, जिसमें बड़ी संख्या में पूर्णिमा पर लोग परिक्रमा करते हैं. इस पहाड़ी की परिक्रमा के अंतर्गत बावड़ी मंडा, अघोरी बाबा, चावंड माता, गिरिराज महाराज, ठोड़ी माता, शीतला माता, मसाना बाबा सहित अन्य स्थल आते हैं.

पहाड़ी के ऊपर बना हुआ है अभी भी पानी
वहीं, पहाड़ी पर ऊपर एक कुआं बना हुआ है. कुए में अभी भी पानी है, जिसे पीने के उपयोग में लिया जाता है. जबकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं तो इस पानी को ही काम में लेते हैं. हैरानी की बात है कि पहाड़ी के नीचे स्थित अन्य कुएं में पानी सूख गया है.

Mangesidhe Baba Mandir

Tags: Dausa news, OMG News

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