Rajasthan Panchayat Election: हिंसा या बूथ कैप्चरिंग नहीं हुई फिर भी दौसा में 4 बूथों पर होगा पुनर्मतदान ! जानिये वजह

इस मामले निर्वाचन आयोग से दिशा-निर्देश मिलने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा पुनर्मतदान की घोषणा की जाएगी.
इस मामले निर्वाचन आयोग से दिशा-निर्देश मिलने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा पुनर्मतदान की घोषणा की जाएगी.

Rajasthan Panchayat Election: दौसा जिले में मतदान दल में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही (Negligence) के कारण एक सरपंच और तीन पंचों के चुनाव परिणाम अटक गये हैं. यहां 4 बूथों पर पुनर्मतदान (Re-polling) की संभावनायें हो गई हैं.

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दौसा. हिंसा और बूथ कैप्चरिंग (Violence and Booth Capturing) के बाद पुनर्मतदान होने की घटनाएं तो आपने सुनी होगी, लेकिन किसी कर्मचारी या अधिकारी की लापरवाही (Negligence) से ऐसा हो जाये तो प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल जरूर उठेगा. ऐसा ही एक मामला सामने आया है दौसा में जहां 4 बूथों पर पुनर्मतदान (Re-polling) की संभावना हो गई है. चारों ही बूथों पर कर्मचारियों की गलतियां सामने आई हैं.

कर्मचारियों की गलती के चलते दौसा में अभी तक एक सरपंच पद और तीन वार्ड पंच पद के परिणाम अटके हुए हैं. इन सभी बूथों पर पुनर्मतदान की संभावना को देखते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी पीयूष सामरिया ने निर्वाचन आयोग को तथ्यात्मक रिपोर्ट भी भेज दी है.

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डिलीट मतदाताओं के वोट भी ईवीएम में डलवा दिए
दरअसल दौसा जिले के तलाव गांव ग्राम पंचायत के एक बूथ पर कर्मचारियों ने डिलीट मतदाताओं के वोट भी ईवीएम में डलवा दिए जबकि इन मतदाताओं के अन्य वार्डों में भी वोट थे और उन्होंने वहां भी मतदान किया है. एक बूथ पर हुई इस गड़बड़ी के चलते ग्राम पंचायत के सरपंच पद का परिणाम अटक गया है. इसी तरह श्यामपुरा, झांपदा, और शायपुर पाखर ग्राम पंचायत में 1-1 वार्ड पंच का परिणाम भी अटका हुआ है. इन वार्ड पंचों के बूथों पर समस्या यह हुई कि कर्मचारियों की गफलत के चलते यहां पर अन्य जगह के प्रत्याशियों के बैलेट पेपर पहुंच गए और मतदान दल ने उन प्रत्याशियों के बैलेट ही मतदाताओं को दे दिए.

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गलत बैलेट पेपर से मतदान करवा दिया
उसके बाद मतदाताओं ने भी अन्य जगह के प्रत्याशियों को वोट देकर मत पेटी में डाल दिये. जब कई घंटे बाद मतदान दल और मतदाताओं को इस बात की जानकारी हुई तो आनन-फानन में सही बैलेट-पत्र मंगवा कर वोट डलवाए गए. लेकिन जो गलत बैलेट से वोट डाले गए थे वे अब गले की फांस बन गए हैं. इसके चलते वार्ड पंचों के चार जगह पर पुनर्मतदान की स्थिति पैदा हो गई है. इस मामले निर्वाचन आयोग से दिशा-निर्देश मिलने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा पुनर्मतदान की घोषणा की जाएगी.
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