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फसल अच्छी और कमाई भी, किसान ऐसे कमा रहा फायदा

Organic farming: दौसा जिले के सिकराय डूंगर में जैविक खेती और वर्मी कम्पोस्ट के माध्यम से किसान खेती करता है और किसान को ...अधिक पढ़ें

    रिपोर्ट- पुष्पेंद्र मीणा

    दौसा: किसानों को लेकर सरकार भी दावे करती है और किसानों को अच्छे फायदे देने के दावे हमेशा किए जाते हैं लेकिन एक किसान ने वर्मी कम्पोस्ट खाद के माध्यम से इनकम करना शुरू किया. साथ ही अपने द्वारा बनाए गए खाद को लोगों को भी बेच रहा है और अपनी खेती में भी काम में ले रहा है. यह किसान दौसा जिले के सिकराय डूंगर का रहने वाला है. किसान जगदीश सैनी ने पिछले वर्षों में वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाने की शुरुआत की थी जिससे अब लाभ कमाने लगा है.

    1 लाख 50 हजार की लागत से शुरू किया काम

    किसान जगदीश सैनी ने बताया कि उन्होंने एक लाख पचास हजार रुपए लगाकर काम की शुरुआत की थी. लेकिन अब लगाई गई राशि से इनकम आनी शुरू हो गई है. किसान के काम का परिणाम भी अब उसे मिलने लगा है.

    जैविक खेती प्रमाण पत्र सम्मान में मिला

    किसान जगदीश को उपनिदेशक कृषि एवं पदेन निदेशक, आत्मा दौसा, सीताराम मीणा के द्वारा भी प्रमाण पत्र एवं 10 हजार देकर सम्मानित भी किया गया है. किसान के द्वारा जैविक खेती की जा रही है. जिसमें सामान्य खाद काम में नहीं लिया जा रहा है बल्कि जैविक खाद ही काम में लिया जाता है या उनके द्वारा निर्मित खाद को ही खेतों में डालते हैं.

    कई प्रकार की जैविक खेती की

    सिकराय डूंगर निवासी जगदीश सैनी ने सरसों, गेहूं, बाजरा एवं फूलों की खेती की है. जिसमें जैविक खेती ही वह कर रहा है. जिससे उसके लाभ भी अधिक हो रहा है. उन्होंने बताया कि खुद के द्वारा बनाए गए जैविक खाद को ही मैं खेतों में डालता है. जिससे फसलों में अच्छा मुनाफा हो जाता है और फसल भी अच्छी होती है. किसान जगदीश के द्वारा हाल ही में तैयार की गई बाजरे की फसल में खाद डाला तो 1900 से 2000 तक की कीमत में बाजरा बेचा गया जबकि अन्य किसानों के बाजरे की कीमत कम लगाई गई थी.

    जैविक खेती से आय में बढ़ोतरी

    किसान की पत्नी शांति देवी ने बताया कि हमारे द्वारा जैविक खेती की जाती है. जिसके मंडियों में भी भाव अलग मिलते हैं और प्रतिवर्ष 70 से 80 हजार के फसल बेच देते हैं. वहीं खाद 7 रूपए प्रति किलो के हिसाब से लोगों को बेचते हैं.

    कृषि विभाग की जानकारी से हुआ किसान प्रेरित

    किसान जगदीश ने बताया कि वह कृषि अधिकारियों से कार्यालय में बैठकर चर्चा कर रहा था. तभी कृषि पर्यवेक्षक द्वारा उन्हें वर्गी कम्पोस्ट लगाने की सलाह दी गई तो उन्होंने अपने घर पर ही वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाने की शुरुआत की. जिससे वह अब अच्छी इनकम कमा रहा है.

    कई बार लिया प्रशिक्षण

    किसान जगदीश ने बताया कि जैविक खेती और वर्मी कम्पोस्ट के लिए कृषि विभाग के द्वारा जामडोली और दौसा में कई बार प्रशिक्षण दिया गया. यहां प्रशिक्षण लेने के बाद प्रतियोगिता आयोजित होती है. जिसमें प्रश्न किए जाते हैं और जैविक खेती से ही संबंधित प्रश्न होते हैं. जो किसान अच्छे जवाब देते हैं उन्हें इनाम भी दिए गए हैं.

    जैविक खेती और वर्मी कम्पोस्ट से तैयार फसल नहीं करती है नुकसान

    किसान जगदीश का कहना है कि वर्मी कम्पोस्ट और जैविक खेती खाने के लिए भी स्वादिष्ट होती है और किसी भी प्रकार का साइड इफेक्ट नहीं पड़ता है. जबकि अन्य खादों के द्वारा तैयार की गई फसल खाने में भी अच्छी नहीं लगती और उसके कई प्रकार के असर भी देखने को मिलते हैं. किसान जगदीश ने अन्य किसानों को सलाह देते हुए कहा कि वर्मी कम्पोस्ट लगाएं और जैविक खेती से फसल तैयार करें. जिससे अच्छी फसल तैयार हो सके और सभी को इससे फायदा होगा इनसे बीमारी भी नहीं होती है.

    कृषि पर्यवेक्षक सरला झांझोरिया का कहना है कि किसानों को जैविक खेती और वर्मी कम्पोस्ट को अपनाना चाहिए. जिससे किसानों को अच्छा लाभ मिल सके और पैसे की आमदनी भी हो सके क्योंकि किसान वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाकर बेचता है तो उसे पैसे की आय भी अच्छी होती है. इसे सभी किसानों को अपनाना चाहिए. और किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ भी रहना चाहिए जिससे किसानों को फायदा हो सके.

    Tags: Dausa news, Farmer, Rajasthan news

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