दौसा में जलसंकट बना चुनावी मुद्दा, दोनों पार्टियां कर रही पानी की कमी दूर करने का वादा

जलदाय विभाग एक-दो या चार दिन में पानी नहीं सप्लाई करता, बल्कि 7-8 दिनों में एक बार ही पानी की सप्लाई करता है. इसके अलावा शहर के करीब 30% हिस्सों में नलों से पानी सप्लाई नहीं होती है.

Ashish Sharma | News18 Rajasthan
Updated: April 18, 2019, 12:33 PM IST
दौसा में जलसंकट बना चुनावी मुद्दा, दोनों पार्टियां कर रही पानी की कमी दूर करने का वादा
दौसा में जल संकट बना चुनावी मुद्दा
Ashish Sharma | News18 Rajasthan
Updated: April 18, 2019, 12:33 PM IST
राजस्थान का दौसा शहर में इन दिनों गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहा है. शहर में जलदाय विभाग द्वारा नलों से सप्लाई की जाती है. जलदाय विभाग एक-दो या चार दिन में पानी नहीं सप्लाई करता, बल्कि 7-8 दिनों में एक बार ही पानी की सप्लाई करता है. इसके अलावा शहर के करीब 30% हिस्सों में नलों से पानी सप्लाई नहीं होती है. ऐसे में लोगों को टैंकर के पानी का ही सहारा है. ऐसी स्थिति केवल दौसा शहर की नहीं है, बल्कि जिले के अधिकांश इलाकों ने पेयजल की गंभीर समस्या है.

दौसा शहर की महिलाओं को बूंद-बूंद पानी के लिए दिनभर जद्दोजहद करना पड़ रहा है. शहर का अधिकांश हिस्सा टैंकर की जलापूर्ति पर ही निर्भर है. पनघट पर पानी खींच रही महिलाएं कभी सरकार को कोसती हैं तो कभी नेताओं को. उनका कहना है कि जब भी चुनाव का मौसम आता है तो नेता पानी देना का वादा तो कर जाते हैं लेकिन आज तक पानी की समस्या का हल नहीं हुआ. कुछ महिलाओं ने यहां तक कहा कि 'ससुराल ऐसा हो, जहां पानी हो'.



70 के दशक में पूर्व मंत्री रामकरण जोशी ने दौसा में कुओं से घरों में नल व्यवस्था की थी. पानी खारा होने की वजह से 1974 में होदायली परियोजना लाई गई और दौसा शहर में पेयजल आपूर्ति की जाने लगी. गिरते भूजल स्तर और बारिश की कमी के कारण होदायली परियोजना फेल हो गई. इसके बाद से ही शुरू हुआ नेताओं का वादा करने का दौर. 2008 से 2013 के बीच कांग्रेस की गहलौत सरकार ने ईसरदा परियोजना की घोषणा की लेकिन आज तक पानी नहीं आया. वहीं 2013 से 2018 में बीजेपी की वसुंधरा सरकार के दौरान ईस्टर्न कैनाल परियोजना से दौसा सहित 13 जिलों को पानी पिलाने का वादा किया गया.

हालांकि पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार ने बीसलपुर से 20 लाख लीटर पानी लाकर पेयजल समस्या का वैकल्पिक इंतज़ाम किया, लेकिन होदायली में पानी की कमी के चलते बीसलपुर का पानी भी दौसा शहर की प्यास नहीं बुझा पा रहा है. वर्तमान में 7 से 8 दिनों में शहर के 70 प्रतिशत हिस्से में सफ्लाई होती है, वह भी मात्र 25 से 30 मिनट. चुनावी मौसम में दौसा के लोगों से बीजेपी और कांग्रेस पेयजल समस्या दूर करने का वादा कर रही है.

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