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Rajasthan: नए मंत्रिमंडल में धौलपुर की अनदेखी! जिले में कांग्रेस के 3 विधायक, किसी को नहीं मिला मौका

Rajasthan: नए मंत्रिमंडल में धौलपुर की अनदेखी! जिले में कांग्रेस के 3 विधायक, किसी को नहीं मिला मौका

Rajasthan Cabinet Expansion News: धौलपुर से गहलोत गुट के प्रबल दावेदार मलिंगा को भी नए मंत्रिमंडल में नहीं मिला मौका

Rajasthan Cabinet Expansion News: धौलपुर से गहलोत गुट के प्रबल दावेदार मलिंगा को भी नए मंत्रिमंडल में नहीं मिला मौका

Rajasthan Cabinet Reshuffle: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नए मंत्रिमंडल में मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया है. हालांकि प्रदेश में सियासी चर्चा उन जिलों को लेकर अभी भी जारी है जिन्हें कोई प्रतिनिधित्व नहीं मिला. ऐसा ही जिला धौलपुर है. जिले में कांग्रेस के तीन विधायक रोहित बोहरा, गिर्राज सिंह मलिंगा और खिलाड़ी लाल बैरवा हैं लेकिन तीनों विधायकों को नए मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली.

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    हरिवीर शर्मा.

    धौलपुर. गहलोत सरकार के नए मंत्रिमंडल में फिर एक बार धौलपुर जिले को उपेक्षित किया है. कांग्रेस के रोहित बोहरा, गिर्राज सिंह मलिंगा एवं खिलाड़ी लाल बैरवा तीन विधायक दावेदारी रखते हैं. लेकिन इस बार भी तीनों विधायकों को निराशा हाथ लगी है. सबसे सीनियर एवं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नजदीकी बाड़ी विधानसभा क्षेत्र के विधायक गिरिराज सिंह मलिंगा की दावेदारी प्रबल रूप से देखी जा रही थी. मलिंगा का नाम प्रदेश नेतृत्व में सुर्खियों में भी चल रहा था लेकिन ऐन वक्त पर 15 मंत्रियों की सूची में नाम दर्ज कराने में वह भी नाकाम रहे. बकि पड़ोसी जिला भरतपुर से 4 विधायकों को मंत्री बनाया गया है.

    विगत 1 वर्ष पूर्व प्रदेश की कांग्रेस सरकार में हुई उठापटक के बाद नए मंत्रिमंडल विस्तार के लिए 15 मंत्री बनाए गए लेकिन धौलपुर जिले को मायूसी हाथ लगी. कांग्रेस के तीनों विधायकों में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सबसे नजदीकी बाड़ी विधायक गिरिराज सिंह मलिंगा का नाम मंत्रिमंडल में प्रमुखता से देखा जा रहा था. उसके साथ ही बसेड़ी विधानसभा क्षेत्र के विधायक खिलाड़ी लाल बैरवा भी दलित कोटे से दावेदारी दिखा रहे थे. कांग्रेस के पूर्व वित्त मंत्री प्रद्युम्न सिंह के पुत्र रोहित बोहरा की भी दावेदारी देखी जा रही थी लेकिन तीनों विधायक मंत्रिमंडल में अपना नाम दर्ज नहीं करा सके.

    जिले के चार विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस के तीन विधायक हैं. उसके बावजूद प्रदेश सरकार ने धौलपुर जिले को मंत्रिमंडल से उपेक्षित रखा है. स्थानीय कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में भारी निराशा देखी जा रही है. हालांकि संभावना ऐसी भी व्यक्त की जा रही है कि संसदीय सचिव या किसी बोर्ड का अध्यक्ष किसी विधायक को बनाया जा सकता है.

    बाड़ी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेसी विधायक गिरिराज सिंह मलिंगा तीसरी बार विधायक चुने गए थे. वर्ष 2008 में बहुजन समाज पार्टी से चुनाव जीतकर आए मलिंगा ने तत्कालीन समय पर कांग्रेस की अशोक गहलोत सरकार को समर्थन दिया था. तत्कालीन समय पर कांग्रेस की सरकार बनने पर मलिंगा को संसदीय सचिव बनाया गया था. तभी से मलिंगा विधायक चुनते आ रहे हैं. एक वर्ष पूर्व प्रदेश सरकार में आए भूचाल के दौरान गिरिराज सिंह मलिंगा के बयान भी सुर्खियों में रहे थे. अशोक गहलोत गुट के माने जाने वाले गिर्राज सिंह मलिंगा ने तत्कालीन समय के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट पर सरकार गिराने को लेकर डीलिंग के गंभीर आरोप लगाए थे. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नजदीकी विधायक होने पर भी मलिंगा को नए मंत्रिमंडल में निराशा हाथ लगी है.

    बसेड़ी विधानसभा क्षेत्र के विधायक खिलाड़ीलाल बैरवा की बात की जाए तो वर्ष 2010 में परिसीमन होने पर करौली धौलपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद चुने गए थे. बसेड़ी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के सिंबल पर विधायक चुने गए. पूर्व में खिलाड़ी लाल बैरवा को सचिन पायलट गुट का माना जाता था लेकिन किन्हीं परिस्थितियों के कारण मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खेमे में शामिल हो गए. मुख्यमंत्री गहलोत का नजदीकी एवं दलित कोटे से खिलाड़ी लाल बैरवा की भी मंत्रिमंडल में प्रबल एवं दमदार दावेदारी मानी जा रही थी लेकिन रविवार को शपथ लेने वाले 15 मंत्रियों की सूची में उनका नाम भी गायब रहा है.

    राजाखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेसी विधायक रोहित बोहरा की बात की जाए तो उनके परिवार की राजनैतिक पृष्ठभूमि काफी दमदार है. रोहित बोहरा प्रदेश के कद्दावर नेता एवं पूर्व वित्त मंत्री प्रद्युम्न सिंह के पुत्र हैं. प्रद्युमन सिंह को राजनीति का चाणक्य माना जाता है. लेकिन पूर्व वित्त मंत्री भी अपने पुत्र विधायक रोहित बोहरा को मंत्री पद दिलाने में कामयाब नहीं हो सके. हालांकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार में पूर्व वित्त मंत्री प्रद्युम्न सिंह को वित्त आयोग का अध्यक्ष भी बनाया गया है.

    जिले वासियों को लगी निराशा हाथ
    गहलोत सरकार के मंत्रिमंडल में जिले की चार विधानसभा क्षेत्रों में से तीन विधायक कांग्रेस के चुने हुए हैं. लेकिन तीनों में से किसी को भी मंत्री नहीं बनाए जाने से जिले वासियों को भारी निराशा हुई है. विगत 2 महीने से मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर जिले भर में शियाशी गुफ्तगू चल रही थी. लेकिन रविवार को 15 मंत्रियों की सूची में जिले का नाम नहीं होने से जिले वासियों में भारी निराशा देखी गई है.

    Tags: Ashok gehlot, Dholpur news, Rajasthan Cabinet Expansion, Rajasthan news, Sachin pilot

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