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खास भाई से भी ज्यादा अटूट है इस शख्स का अनाथ बहनाें के साथ रिश्ता, 250 गरीब बच्चियों की करवाई शादी

अनिल अग्रवाल हर साल आगे आकर पुण्य के काम काे परिवार के साथ आगे बढा रहे हैं. वे अभी तक 250 कन्याओं की शादी मचकुंड मंदिर ...अधिक पढ़ें

    दयाशंकर शर्मा/धौलपुर. धाैलपुर के एक समाजसेवी अग्रवाल परिवार है. जिनका उद्देश्य अनाथ, गरीब, निराश्रित परिवाराें का संबल बनकर उनका घर का गुजर बसर करना ताे है ही वहीं ऐसी कन्याएं जाे अनाथ हैं या फिर जिनका परिवार में काेई भाई नहीं हैं, उन बहनाें काे बीहड एरिया, डांग व जंगल में तलाशकर उनके लिए वर तलाश कर शादी कराकर कन्यादान करते हैं. पूरा परिवार उनकी शादी में ऐसे सम्मिलित हाेता है जैसे की उनके खुद के घर की बहन बेटी की शादी हाे. फिर ऐसा माैका 12 फरवरी 2023 काे आएगा, जहां करीब 65 से 70 अनाथ, गरीब, जरुरतमंद बहनाें की खाेज पूरी कर उनकी शादी के लिए दहेज के सामान के साथ-साथ उनके विवाह की तैयारियां में दिल जान से लगे हुए हैं.

    इस बार भी ये करीब 65 से 70 अनाथ बच्चियों की शादी कराएंगे। इन बच्चियों में निराश्रित, जरुरतमंद, अनाथ बहनाें जिनके भाई न हैं और घर में शादी ताे दूर खाने के लाले पडे हुए हैं, उनके लिए समाजसेवी अनिल अग्रवाल हर साल आगे आकर पुण्य के काम काे परिवार के साथ आगे बढा रहे हैं. वे अभी तक 250 कन्याओं की शादी मचकुंड मंदिर धौलपुर में करा चुके हैं. वहीं इससे पहले काेराेना काल में 85 कन्याओं की शादी कराकर उनके घर दहेज का सामान पहुंचाया.

    सहयाेगी मित्र धर्मेंद्र भी ऐसी बहनाें की तलाश में हमराही
    अनिल अग्रवाल के दाेस्त धर्मेंद्र शर्मा जाे कि बीहड़, डांग और जंगलाें में ऐसी जगह पहुंचते हैं जहां रास्ता नहीं हैं, पत्थर की पगडंडियां पानी भी नसीब नहीं हाेता है। चिलचिलाती धूप में ये उस जगह पहुंचते हैं. इस बार ये बहनें जिनकी शादी संपन्न हाेगी, उमें मध्यप्रदेश, यूपी, राजस्थान के कराैली, धाैलपुर, सवाईमाधाेपुर, भरतपुर की बहनें हैं.

    14 साल से ये कारवां जारी
    समाजसेवी अनिल अग्रवाल 14 साल से बीहडाें में डांग में ये गांव-गांव, ढाणी जाकर कन्यााएं ऐसी देखते हैं जाे निराश्रित हाें. 13 साल पहले कराैली मैया मंदिर में विकलांग का कैंप लगाया था. उसमें 360 विकलांगाें काे जंगल में जाकर ढूंढा. जिसमें 160 विकलांग ऐसे थे, जिनके पैर कटे हुए थे. लगभग 400 से अधिक परिवाराें काे 50 किलाे प्रति माह गेहूं भेजते हैं.

    डांग व जंगल में गरीबाें का बनवाया आशियाना
    करीब 100 से अधिक बीहड डांग व जंगल में रह रहे लाेगाें के लिए घर का सपना पूरा किया। राेजगार के लिए सैंकडाें परिवार काे चार चार बकरियां बच्चे वाली देते हैं. राेजगार के लिए डांग के लाेंगाें काे गाय भैंस आजीविका के लिए देते हैं. ज्यादा जरुरतमंद काे छाेटी-छाेटी गुमटियां खुलवाकर राेजगार शुरु कराते हैं।

    गरीब बच्चाें के पढाई में भी दिल खाेलकर करते हैं खर्च
    अनिल अग्रवाल मूल रूप से धौलपुर के निवासी हैं जो हाल आगरा, जयपुर निवासी, समाजसेवी अनिल अग्रवाल ऐसे सैंकडाें बच्चे अनाथ हैं जिनकी पढाई के लिए खर्चा, काेचिंग व क्लास का वहन करते आ रहे हैं. जिसमें से एक ऐसी बच्ची बाडी निवासी शहनाज काे निशुल्क पढाई का जिम्मा उठाया, जाे आज वो ही शहनाज धाैलपुर में हैडमास्टर बन चुकी हैं.

    Tags: Dholpur news, Rajasthan news

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