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Dhaulpur News : शादियों के सीजन में बढ़ने लगी बताशों की डिमांड, जानिए कैसे बनते हैं

धौलपुर शहर के कालीमाई रोड पर बताशे बना रहे नौशाद खान निवासी बड़ा पीर पुराना शहर धौलपुर ने बताया कि हम यहां बरसों से बताश ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट -दयाशंकर शर्मा

धौलपुर. शादियों का सीजन शुरू होते ही शादियों के जरूरत के सामान की डिमांड बढ़ जाती है. इनमें से एक बताशा भी महत्वपूर्ण होता है. इसी को लेकर धौलपुर शहर में बताशे बनाने का काम जोरों पर है. शादियों में हर समय बताशे की जरूरत पड़ती है. इसलिए लोग शादियों के लिए बताशे खरीदते हैं. पूजा पाठ के दौरान बताशे को शुद्ध व पवित्र माना जाता है. इसलिए मंदिरों में बताशे चढ़ाए जाते हैं. शादियों में होने वाली पूजा में भी सबसे पहले बताशे का इस्तेमाल किया जाता है.

धौलपुर शहर के कालीमाई रोड पर बताशे बना रहे नौशाद खान निवासी बड़ा पीर पुराना शहर धौलपुर ने बताया कि हम यहां बरसों से बताशे बना रहे हैं. अब शादियां भी शुरू हो गई हैं, इसलिए हमने बताशे बनाने का काम तेज कर दिया है. जिससे हमारे पास बताशे का स्टॉक भी रहेगा. क्योंकि शादियों में सबसे ज्यादा बताशे को ही खरीदा जाता है. नौशाद ने बताया कि बताशा चीनी से बनाया जाता है. चीनी की पहले चासनी बनाई जाती है. जिसकी सफाई के लिए चासनी में हाइड्रो डालकर साफ किया जाता है.
उसके बाद एक छत में लगे कुंडी में रस्सी बांधकर डोरा को लटका दिया जाता है. डोरा में चासनी भर ली जाती है. उसके बाद लकड़ी की बनी चिड़ियों से धीरे-धीरे हिलाकर बताशा बनाया जाता है. बताशे बनाने के चार पांच मिनट बाद सूखकर तैयार हो जाते हैं, फिर इनको इकट्ठा किया जाता है. नौशाद ने बताया कि यह बताशा बनाने का छोरा और चिड़िया सोरों उत्तर प्रदेश से लाई जाती हैं. थोक में बताशे की कीमत करीब 50 रुपए रहती है, लेकिन बताशों की कीमत में उतार-चढ़ाव होता रहता है.

Tags: Dholpur news, Rajasthan news

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