धौलपुर: बजरी माफिया और पुलिस में मुठभेड़, पुलिस की गोली से नाबालिग की मौत

मृतक के परिजनों को पुलिस की तरफ से 5 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की गई है.
मृतक के परिजनों को पुलिस की तरफ से 5 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की गई है.

धौलपुर (Dholpur) जिले के बाड़ी (Badi) सदर थाना क्षेत्र के पगुली गांव के जंगलों में गुरुवार को बजरी माफियाओं (Gravel mafia) और पुलिस (Police) के बीच हुई फायरिंग (Firing) में पुलिस की गोली लगने से बजरी की ट्रोली में सवार एक नाबालिग की मौत (death) हो गई.

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धौलपुर. राजस्थान (Rajasthan) के धौलपुर जिले (Dholpur) में बजरी को लेकर खूनी खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है. बाड़ी (Badi) सदर थाना क्षेत्र के पगुली गांव के जंगलों में बजरी माफियाओं (Gravel Mafia) और पुलिस के बीच हुई फायरिंग में पुलिस की गोली लगने से बजरी की ट्रोली में सवार एक नाबालिग की मौत हो गई. वहीं गोलीबारी में एक पुलिसकर्मी भी घायल (Injured) हुआ है. घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है. इस संबंध में एक पुलिसकर्मी के खिलाफ बाड़ी थाने में हत्या का केस दर्ज किया गया है.

पुलिस पर बजरी माफियाओं को बढ़ावा देने का आरोप
तनाव को देखते जिला कलक्टर के आदेश पर देर रात मृतक के शव का पोस्टमॉर्टम करवाया गया. जिसके बाद शुक्रवार की सुबह उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया. पुलिस की तरफ से मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की गई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीजी गोविंद गुप्ता इसकी जांच के लिए शुक्रवार को बाड़ी पहुंच रहे हैं. वहीं विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा ने पुलिस पर बजरी माफियाओं को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है.

पुलिस की गोली से हुई नाबालिग की मौत
जानकारी के अनुसार यह घटना बाड़ी सदर थाना इलाके के पुगली गांव के जंगलों में गुरुवार को दोपहर में हुई. यहां पुलिस का बजरी परिवहन (तस्करी) करने वाले लोगों से आमना-सामना हो गया. इस दौरान दोनों तरफ से जमकर फायरिंग हुई. इस गोलीबारी में बजरी की ट्रोली में बैठे 14 साल के रोहित की गोली लगने से मौत हो गई. जबकि एक पुलिसकर्मी विवेक कुमार भी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया. घटना की जानकारी मिलते ही वहां तनाव फैल गया.



परिजनों ने शव लेने से किया मना
घटना के बाद पुलिस तत्काल मृतक के शव को बाड़ी से लेकर धौलपुर पहुंची. लेकिन वहां उसका जिला अस्पताल में आक्रोशित लोगों की जबरदस्त भीड़ से सामना हो गया. मृतक के परिजनों ने पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए शव लेने से मना कर दिया. तनाव की स्थिति को देख वहां पुलिस का भारी तैनाती कर दी गई. विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा भी वहां पहुंच गए. विधायक ने पुलिस पर बजरी माफियाओं को बढ़ावा देने का आरोप लगाया.

पुलिसकर्मी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज
मामला बढ़ता देखकर पुलिस-प्रशासन ने मृतक के परिजनों को समझाया-बुझाया. पुलिस ने मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपए मुआवजा देने और आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करने की हामी भरी तब वो शव लेने के लिए तैयार हुए. हालात और न बिगड़े इसके लिए जिला कलक्टर ने रात को ही मृतक के शव का पोस्टमॉर्टम कराने के आदेश दिए. पोस्टमॉर्टम के बाद रोहित के शव को उसके परिवारवालों को सौंप दिया गया. जिसके बाद शुक्रवार सुबह उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया.

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