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Panchayat Raj elections: वसुंधरा राजे के गढ़ धौलपुर में कांग्रेस की बड़ी जीत, ये रहे बीजेपी की हार के 3 कारण

Panchayat Raj elections: वसुंधरा राजे के गढ़ धौलपुर में कांग्रेस की बड़ी जीत, ये रहे बीजेपी की हार के 3 कारण

धौलपुर में गुटबाजी कांग्रेस में 
भी थी लेकिन उसने समय रहते डैमेज कंट्रोल कर लिया था. बीजेपी ऐसा नहीं कर पायी.

धौलपुर में गुटबाजी कांग्रेस में भी थी लेकिन उसने समय रहते डैमेज कंट्रोल कर लिया था. बीजेपी ऐसा नहीं कर पायी.

Dholpur Zilla Parishad Elections: पूर्वी राजस्थान के बॉर्डर पर स्थित धौलपुर जिले को बीजेपी की दिग्गज नेता एवं पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का गढ़ माना जाता है. लेकिन इस बार यहां कांग्रेस ने बीजेपी की आपसी गुटबाजी का भरपूर फायदा उठाते हुये अपनी मजबूत रणनीति के चलते उसे पंचायतराज संस्थाओं के चुनाव में बुरी तरह से हराकर जिला प्रमुख के पद पर कब्जा कर लिया है.

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    हरवीर शर्मा.

    धौलपुर. बीजेपी की दिग्गज नेता एवं पूर्व सीएम वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) के गढ़ माने जाने वाले धौलपुर जिले में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में बीजेपी को बड़ी हार का सामना करना पड़ा है. यहां खेमों में बंटी बीजेपी के हाथ से इस बार जिला प्रमुख का पद भी छिन गया है. वहीं पंचायत समितियों में भी बीजेपी को करारी हार मिली है. धौलपुर में बीजेपी (BJP) के इस हाल के लिये पार्टी की आपसी फूट को ही जिम्मेदार माना जा रहा है. पहले अंदरखाने चल रही खींचतान पंचायत राज चुनावों के आते ही परवान चढ़ गई. पार्टी की अंदरुनी गुटबाजी खुलकर सड़कों पर आ गई. इसका नतीजा शुक्रवार को आये चुनाव परिणामों में सामने आ गया.

    पार्टी सूत्रों के अनुसार धौलपुर में हार के लिये बीजेपी खुद जिम्मेदार है. पार्टी अगर एकजुट होती तो शायद परिणाम कुछ और ही होते. भले ही बीजेपी जीतती नहीं लेकिन वह कांग्रेस को कड़ी चुनौती जरुर देती. उसे इतनी करारी हार का सामना नहीं करना पड़ता. ऐसा नहीं है यहां कांग्रेस में गुटबाजी नहीं है. वहां भी है लेकिन पार्टी ने समय रहते डैमेज कंट्रोल कर लिया जिससे जीत उसकी झोली में आ गई और उसने जिला प्रमुख का पद बीजेपी से झटक लिया. बीजेपी की हार के तीन प्रमुख कारणों में उसकी आपसी गुटबाजी के साथ ही कांग्रेस का खुद के खेमे में समय रहते किया गया डैमेज कंट्रोल भी है. तीसरे कारण के रूप में बीजेपी की कमजोर रणनीति को माना जा रहा है.

    पूनिया के जन्मदिन पर खुलकर सामने आ गई थी गुटबाजी
    बीजेपी में गुटबाजी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पंचायत चुनाव के चरणों के दौरान बीते 24 अक्टूबर को बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया का जन्मदिन था. इस मौके पर पार्टी की ओर से लगाये गये होर्डिंग्स में वसुंधरा राजे को जगह नहीं दी गई. इस पोस्टर में पीएम नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और स्थानीय सांसद डॉ. मनोज राजोरिया के फोटो लगाये गये थे. हालांकि बाद में सांसद ने इस तरह के पोस्टर पर उनकी फोटो लगाये जाने पर आपत्ति भी जताई थी लेकिन इन होर्डिंग्स ने गुटबाजी को पूरी तरह से खोलकर सबके सामने रख दिया.

    जिला परिषद में कांग्रेस ने लगाई 6 से 17 पर छलांग
    बीजेपी की आपसी फूट का परिणाम यह हुआ कि बीजेपी के हाथ से जिला परिषद के सात वार्ड हाथ से निकल गये और वह धड़ाम से जमीन पर आ गिरी. कांग्रेस ने उसके सात वार्ड छीन लिये. इससे परिणाम गत बार के मुकाबले बिल्कुल उल्टा हो गया. गत बार जिले के जिला परिषद के कुल 23 वार्डों में से बीजेपी के पास 13 वार्ड थे. वहीं कांग्रेस के पास 6 थे. जबकि 4 पर बसपा का कब्जा था. लेकिन इस बार स्थिति बिल्कुल उलट हो गई. बीजेपी महज 6 वार्डों में सिमट गई. कांग्रेस से 6 वार्ड से काफी आगे बढ़ते हुये 17 वार्डों पर कब्जा लिया. एक

    पंचायत समितियों का यह था गत का परिणाम
    गत बार तक धौलपुर में पांच पंचायत समितियां थी. उनमें से धौलपुर, बसेड़ी और राजखेड़ा कांग्रेस के कब्जे में थी. सैफऊ बसपा के कब्जे में थी. लेकिन बाद में वह भी कांग्रेस के पास आ गई थी. बीजेपी के पास केवल बाड़ी पंचायत समिति थी. इस बार सरमथुरा नई पंचायत समिति बनी तो इनकी संख्या 6 हो गई. इनमें बाड़ी भी कांग्रेस ने बीजेपी से छीन ली है. वहीं कांग्रेस ने राजखेड़ा को बरकरार रखते हुये धौलपुर पंचायत समिति में बढ़त बनाई है. केवल सैफऊ पंचायत समिति में बीजेपी स्पष्ट बहुमत ले पाई है. बसेड़ी में निर्दलीय हावी हैं. सरमथुरा में निर्दलीयों का कब्जा है. यह दीगर बात है कि वहां कौनसी पार्टी तोड़फोड़ कर अपना प्रधान बना पाती है.

    भगवान देवी का जिला प्रमुख बनना तय
    कांग्रेस ने जिला परिषद के वार्ड संख्या 15 से विजयी प्रत्याशी भगवान देवी को जिला प्रमुख का प्रत्याशी बनाया है. उनके नाम पर पूरी कांग्रेस एकजुट बताई गई है. सीएम ने भी उनके नाम पर मुहर लगा दी है. चूंकि जिला परिषद में कांग्रेस के पास भारी बहुमत है. लिहाजा भगवान देवी का जिला प्रमुख बनना तय है. वे पूर्व में भी जिला प्रमुख रह चुकी हैं. कांग्रेस ने बाड़ी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा के निवास पर प्रेसवार्ता कर उनके नाम की घोषणा की.

    Tags: BJP Congress, Panchayat Election 2021, Rajasthan latest news, Rajasthan Politics

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