आनंदपाल के बाद फिर एक बदमाश हुआ कुख्यात, वसुंधरा का महल उड़ाने की दे चुका है धमकी

दो साल पहले कुख्यात बदमाश आनंदपाल के एनकाउंटर के साथ ही राजस्थान के अपराध जगत से एक बड़ी कहानी का अंत हो गया लेकिन पिछले 7 दिन से एक और अपराधी डकैत जगन गुर्जर ने पुलिस की नाक में दम कर रखा है.

sambrat chaturvedi | News18Hindi
Updated: June 21, 2019, 6:04 PM IST
आनंदपाल के बाद फिर एक बदमाश हुआ कुख्यात, वसुंधरा का महल उड़ाने की दे चुका है धमकी
(फोटो- चार साल पहले डकैत जगन गुर्जर.)
sambrat chaturvedi
sambrat chaturvedi | News18Hindi
Updated: June 21, 2019, 6:04 PM IST
दो साल पहले कुख्यात बदमाश आनंदपाल के एनकाउंटर के साथ ही राजस्थान के अपराध जगत से एक बड़ी कहानी का अंत हो गया लेकिन पिछले सात दिन से एक और अपराधी ने पुलिस की नाक में दम कर रखा है. इस कुख्यात बदमाश का नाम जगन गुर्जर है, जो चंबल के बीहड़ों में पिछले कई सालों से अपराध का पर्याय बन चुका है.

80 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज होने और कई बार जेल की हवा खाने के बाद भी हर बार जगन अपने डकैत साथियों के साथ फिर से चंबल के बीहड़ों में आतंक मचाने लगता है. हर बार इस अपराधी के सामने पुलिस बौनी साबित होती है. 40 हजार के इनामी इस डकैत को पकड़ने के लिए धौलपुर पुलिस पिछले सात दिन से ATS और ईआरटी (विशेष सुरक्षा बल) टीमों के साथ सर्च ऑपरेशन चलाए हुए हैं लेकिन न जगन हाथ लगा है, न उसके साथी. बता दें ये वहीं डकैत जगन है, जिसने तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के महल को बम से उड़ाने की धमकी दी थी.

7 दिन से चंबल की खाक छान रही पुलिस

पिछले सात दिनों से पुलिस अपनी पूरी ताकत डकैत जगन गुर्जर को पकड़ने में लगाए हुए हैं. चंबल के बीहड़ों में इस दौरान तीन बार पुलिस और डकैतों के बीच मुठभेड़ भी हुई है लेकिन जगन पुलिस की गिरफ्त से अब भी दूर है. गुरुवार को पुलिस ने 40 हजार रुपए का ईनाम घोषित कर चुकी है. इससे पहले भरतपुर रेंज से पांच हजार का इनाम घोषित किया गया है.

वसुंधरा का महल उड़ाने की धमकी, 11 लाख का ईनाम

डकैत जगन ने गुर्जर आंदोलन के दौरान तत्कालीन सीएम वसुंधरा राजे के महल को उड़ाने की धमकी दी थी. इसके बाद कथित तौर पर उस पर 11 लाख का ईनाम घोषित किया गया था. तब चारों तरफ से घिरे जगन गुर्जर ने दस साल पहले 2009 में वर्ष कांग्रेस नेता सचिन पायलट की मौजूदगी में करौली में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था. करीब 8 साल जेल में रहने के बाद पिछले साल मार्च में जगन को जमानत पर रिहा किया गया.

Chambal dacoit, jagan gurjar
गिरोह के साथियों संग डकैत जगन गुर्जर. (साफा पहने हुए बीच में)

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दूसरी बार भरतपुर में आत्मसमर्पण

जेल से छूटने के बाद भी डकैत जगन ने अपराध नहीं छोड़ा और एक बार फिर पुलिस को 5000 रुपए का ईनाम घोषित करना पड़ा. हत्या, लूटपाट, रंगदारी के कई मुकदमों में लिप्त जगन ने पिछले साल अगस्त में भरतपुर पुलिस के सामने फिर आत्मसमर्पण किया. तब से जगन जेल में बंद था और पिछले महीने ही जमानत पर फिर जेल से बाहर आया था.

खौफ पैदा करने के लिए की फायरिंग, महिलाओं को घुमाया निर्वस्त्र

जेल से बाहर आने के बाद फिर से अपना खौफ पैदा करने के लिए 12 जून को जगन ने बसई डांक थाना इलाके में फायरिंग की और दहशत फैलाते हुए करणसिंह का पुरा गांव में महिलाओं को सरेआम निर्वस्त्र घुमाया. इस घटना के बाद से पुलिस ने जगन को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है.

तीन भाई, प्रेमिका भी थी गैंग में शामिल

डकैतों के लिए बदनाम रहे चंबल के बीहड़ में कुछ साल पहले तक जगन गैंग सबसे कुख्यात था. उसकी गैंग में 25 सदस्य थे, जिसमें उसके तीन भाई और एक प्रेमिका भी शामिल थे. फिलहाल जगन का एक बाही पान सिंह भरतपुर जेल में बंद है जबकि लालसिंह और पप्पू सिंह अब भी उसके साथ हैं. जगन की अनुपस्थिति में उसके भाई लाल सिंह और पप्पू सिंह ही गिरोह चला रहे थे.

अब तक 3 बार मुठभेड़, 400 राउंड फायर, हथगोले भी फेंके

पुलिस से मिल जानकारी के अनुसार पिछले सात दिन में पुलिस की छापामारी कार्रवाई में डकैतों और पुलिस के बीच तीन बार मुठभेड़ हो चुकी है. पहली और दूसरी मुठभेड़ बसई डांग इलाके में हुई थी. जिसमें करीब 300 राउंड फायर हुए. इनमें 150 फायर डकैतों और 200 पुलिस की ओर से किए गए थे. डकैतों ने इस दौरान हथगोले भी फेंके. तीसरी मुठभेड़ गुरुवार को मध्य प्रदेश के मुरैना इलाके में हुई. हालांकि जगन अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है.

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First published: June 21, 2019, 5:02 PM IST
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