राजस्थान: डूंगरपुर में लापरवाही से खराब हुई कोविशील्ड वैक्सीन के 500 डोज, अब बिठाई जांच

वेक्सीन की वॉयल रघुनाथपुरा पीएचसी के ILR फ्रीज में रखे गए थे. इस फ्रीज में अलर्ट मैसेज भेजने का सिस्टम ही नहीं था और उसका तापमान माइनस में चला गया. इसकी वजह से वेक्सीन खराब हो गई.

वेक्सीन की वॉयल रघुनाथपुरा पीएचसी के ILR फ्रीज में रखे गए थे. इस फ्रीज में अलर्ट मैसेज भेजने का सिस्टम ही नहीं था और उसका तापमान माइनस में चला गया. इसकी वजह से वेक्सीन खराब हो गई.

Corona vaccine wastage in dungarpur: राजस्थान में कोरोना वैक्सीन की बर्बादी की पर मचे बवाल के बीच एक और मामला सामने आया है. यह मामला गुजरात से सटे डूंगरपुर जिले का है.

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डूंगरपुर. राजस्थान में कोरोना वैक्सीन की बर्बादी (Corona vaccine wastage) का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. प्रदेश में अब एक बार फिर वैक्सीन बर्बादी का नया मामला सामने आया है. वह भी एक-दो नहीं बल्कि पूरे 500 डोज यूं ही बेकार हो गए. हालांकि, यह मामला करीब दो सप्ताह पुराना बताया जा रहा है. आरोप है कि मेडिकल स्टाफ (Medical staff) ने कार्रवाई के डर से इसे दबा दिया था.

यह मामला गुजरात से सटे राजस्थान के डूंगरपुर जिले से जुड़ा है. यहां स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते कोविशील्ड वैक्सीन के 500 डोज खराब हो गए. मामला 26 मई का है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कार्रवाई के डर से इसे अब तक दबाए रखा. अब खुलासा होने के बाद अधिकारी पूरे मामले की जांच करवाने की बात कह रहे हैं.

रघुनाथपुरा पीएचसी में बर्बाद हुई वैक्सीन

जानकारी के अनुसार, 24 मई से पहले रघुनाथपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को 45 प्लस केटेगरी के लिए कोविशिल्ड वैक्सीन के 500 डोज अलॉट किये गए थे. वेक्सीन की वायल रघुनाथपुरा पीएचसी के ILR फ्रीज में रखे गए थे. इस फ्रीज में अलर्ट मैसेज भेजने का सिस्टम ही नहीं था और उसका तापमान माइनस में चला गया. इसकी वजह से वैक्सीन खराब हो गई.
जिम्मेदार डॉक्टर ने किया गैर जिम्मेदाराना व्यवहार

ब्लॉक सीएमओ डॉ. अमोल परमार को मामले की भनक लगी तो वह 26 मई को जांच के लिए रघुनाथपुरा पहुंच गए, लेकिन जिम्मेदार डॉ. रामचंद्र ने उन्हें यह बोलकर चलता कर दिया कि फ्रिज की चाबी उनके पास नहीं है. इस पर डॉ. अमोल ने डॉ. रामचंद्र को नोटिस भी दिया, लेकिन इसके बाद मामला दबा दिया गया. अब गड़बड़ी का खुलासा होने के बाद सीएमएचओ डॉ. महेंद्र परमार ने जांच कमेटी गठित की है. जांच कमेटी बुधवार तक अपनी रिपोर्ट पेश करेगी.

वैक्सीन बर्बादी पर पहले से ही घमासान



उल्लेखनीय है कि प्रदेश में वैक्सीन की बर्बादी को लेकर पहले से ही काफी घमासान मचा हुआ है. वैक्सीन बर्बादी की मीडिया में आ रही रिपोर्ट पर बीजेपी गहलोत सरकार पर हमलावर हो रखी है. वहीं, राज्य सरकार का दावा है कि राजस्थान में वैक्सीन की बर्बादी का औसत नेशनल एवरेज से काफी कम है.

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