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दलित बस्ती के स्कूलों में बच्चों को परोसी जा रही है पानी वाली दाल, सब्जी और दूध!
Dungarpur News in Hindi

Jayesh Panwar | News18 Rajasthan
Updated: December 17, 2019, 8:03 PM IST
दलित बस्ती के स्कूलों में बच्चों को परोसी जा रही है पानी वाली दाल, सब्जी और दूध!
दलित बस्ती के स्कूलों में बच्चों को पानी वाला दूध पोषाहार में दिया जा रहा है.

डूंगरपुर शहर (Dungarpur City) की दलित बस्ती (Dalit Colony) में स्थित राजकीय बापा उच्च प्राथमिक स्कूल और विवेकानंद कॉलोनी की सरकारी स्कूल में होता दिख रहा है. दोनों स्कूलों में संचालित पोषाहार (Mid Day Meal) और दूध पिलाने की योजना में बड़े स्तर पर गड़बड़ियों का सामने आया है.

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डूंगरपुर. प्रदेश के आदिवासी बहुल डूंगरपुर जिले की सरकारी स्कूलों में बच्चों की सेहत सुधार और नामांकन बढ़ोतरी के लिए सरकार की ओर से कई तरह की योजनाएं संचालित हो रही है. लेकिन स्कूल प्रशासन की लापरवाही के चलते जहां एक ओर सरकारी योजनाएं फैल होती दिख रही है, वही बच्चों का निवाला भी छीना जा रहा है. ऐसा ही डूंगरपुर शहर (Dungarpur City) की दलित बस्ती (Dalit Colony) में स्थित राजकीय बापा उच्च प्राथमिक स्कूल और विवेकानंद कॉलोनी की सरकारी स्कूल में होता दिख रहा है. दोनों स्कूलों में संचालित पोषाहार (Mid Day Meal) और दूध पिलाने की योजना में बड़े स्तर पर गड़बड़ियों का सामने आया है. दलितों की बस्ती में संचालित राजकीय बापा उच्च प्राथमिक स्कूल में पोषाहार प्रभारी की मनमर्जी से मापदंडों के कम बच्चों को पोषाहार खिलाया और दूध दिया जा रहा है, जिसकी पुष्टि स्कूल के संबंधित रिकॉर्ड संधारण से साफ तौर पर की जा सकती है.

सिर्फ ढाई किलो आटे से 30 बच्चों के लिए तैयार की गई थी रोटियां

स्कूल में 30 बच्चे मौजूद थे, लेकिन पानी जैसी सब्जी खिलाई गई और ऐसा ही दूध पिलाया गया. वहीं ढाई किलो गेहूं के आटे की रोटी बनवाये जाने की जानकारी तो दी गयी, लेकिन कुक ने साफ कह दिया कि इतने आटे से तो 20 से ज्यादा बच्चों को नहीं खिलाया जा सकता है. वहीं मौके पर दूध की आधे लीटर की तीन पॉलीथिन पाई गई जिसमें से एक उपयोग तक में नहीं लाई गई. मतलब एक लीटर दूध में तीस बच्चों को कैसा दूध पिलाया गया होगा.



स्कूल में सिर्फ 5 बच्चे मौजूद थे, लेकिन रिकॉर्ड में 35 दर्शाए



इसी तरह शहर के ही महारावल स्कूल की विवेकानंद कॉलोनी में संचालित ब्रांच में भी हालात इसी तरह के हैं, जहां बच्चों के लिए बनाई गई दाल में पानी ही पानी दिखाई दिया. स्कूल की शिक्षिका गायत्री का कहना था कि आधे किलोग्राम दाल उपयोग में ली गयी थी, लेकिन कुकर में दाल का एक दाना नहीं मौजूद था.



वहीं स्कूल के रिकॉर्ड के अनुसार सोमवार को अर्द्ध वार्षिक परीक्षा नहीं देने वाले 35 बच्चों को दूध पिलाया गया. वहीं मंगलवार को मौके पर केवल 5 बच्चे ही थे, जो स्कूल समय के बाद रिकॉर्ड में बच्चों की संख्या बढ़ा कर दर्ज करने की और इशारा करता है. इधर, मामला सामने आने के बाद स्कूल के प्रधानाध्यापक ने माना कि पोषाहार और दूध योजना के रिकॉर्ड और वितरण में गड़बड़ी सामने आई. उन्होंने कहा कि अब प्रभारी को बदल दिया जाएगा.

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First published: December 17, 2019, 7:34 PM IST
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