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श्री हरिदेव जोशी अस्पताल में नहीं मिल रहा मरीजों को निशुल्क स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ

फोटो-(ईटीवी)

फोटो-(ईटीवी)

राजस्थान का आदिवासी बहुल डूंगरपुर जिले का एक मात्र ए श्रेणी का श्री हरिदेव जोशी जिला अस्पताल लंबे समय से वेंटिलेटर पर है.

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राजस्थान का आदिवासी बहुल डूंगरपुर जिले का एक मात्र ए श्रेणी का श्री हरिदेव जोशी जिला अस्पताल लंबे समय से वेंटिलेटर पर है.

जिला अस्पताल में स्वीकृत डाक्टरों के पदों के मुकाबले आधे से भी कम डॉक्टर होने की वजह से जिले वासियों को सरकार की कल्याणकारी निशुल्क स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है और ऐसे में लोग मजबूरी में या तो पड़ोसी जिले उदयपुर की ओर रूख करते हैं या फिर पड़ोसी राज्य गुजरात की ओर पलायन करते हैं.

प्रदेश की गुजरात सीमा पर स्थित आदिवासी बहुल डूंगरपुर जिला प्रदेश के अन्य जिलों की अपेक्षा आज भी पिछड़ों की श्रेणी में आता है. हालांकि प्रदेश सरकार की ओर से जिले के विकास की दौड़ में शामिल करने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं का पूरा लाभ इस क्षेत्र के लोगों को नहीं मिल पा रहा है और इसके पीछे कारण है सालों से रिक्त पड़े चिकित्सकों के पद.

केवल 19 डॉक्टर दे रहे सेवाएं
जिले के एक मात्र ए श्रेणी के श्री हरिदेव जोशी अस्पताल में 81 पद डाक्टरों के स्वीकृत हैं, लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि इन पदों के मुकाबले मात्र 19 डॉक्टर ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं. चिकित्सकों के पद रिक्त होने के चलते लोग मजबूरी में सरकारी अस्पतालों की या तो निजी अस्पतालों का रूख करते हैं या फिर पड़ोसी जिले उदयपुर और पड़ोसी राज्य गुजरात की ओर इलाज के लिए पलायन करते हैं. वहीं वर्तमान में मौसमी बीमारियों ने मरीजों व उनके परिजनों की परेशानियों को ओर बढ़ा दिया है.

सोनोग्राफी जांच सेवा पड़ी है ठप
इतना ही नहीं जिला अस्पताल में चिकित्सकों के पद रिक्त होने का असर सीधा-सीधा लोगों के स्वास्थ्य और जेब पर पड़ रहा है. सरकार की ओर से निशुल्क दवा और जांच योजना होने के बावजूद लोगों को उनका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है. जिला अस्पताल में सोनोलॉजिस्ट का भी पद रिक्त होने के चलते सोनोग्राफी जांच सेवा काफी लंबे समय से ठप पड़ी हुई और जिला अस्पताल प्रशासन के पास वैकेल्पिक व्यवस्था नहीं होने के चलते लोंगों को मजबूरी में निजी केंद्रों पर जाकर जांच करवा रहे हैं.

सरकार नहीं कर रही मदद
इधर, श्री हरिदेव जोशी जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्साधिकारी डॉ. इंद्रलाल पंचाल का कहना है कि कई बार डॉक्टर लगाने की मांग स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ राज्य सरकार से की गई, लेकिन किसी प्रकार की राहत नहीं मिली और जैसे-तैसे करके अस्पताल चलाना पड़ रहा है.

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