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ED को नहीं मिली रॉबर्ट वॉड्रा की रिमांड, अब 28 जनवरी को हाईकोर्ट में होगी सुनवाई

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रॉबर्ट वाड्रा से पूछताछ के लिए राजस्थान हाई कोर्ट में ईडी की याचिका आज सुनवाई नहीं हो पाई.
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रॉबर्ट वाड्रा से पूछताछ के लिए राजस्थान हाई कोर्ट में ईडी की याचिका आज सुनवाई नहीं हो पाई.

ईडी (ED) की ओर से मामले में एएसजी राजदीपक रस्तोगी व एएएसजी भानु प्रताप बोहरा ने एक प्रार्थना पत्र पेश कर राजस्थान हाई कोर्ट (Rajasthan High Court) से रॉबर्ट वाड्रा (Robert Vadra) तथा अन्य आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की अनुमति मांगी थी. इस प्रार्थना पत्र पर सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई समय के अभाव के चलते नहीं हो पाई.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 18, 2021, 7:29 PM IST
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जोधपुर. रॉबर्ट वाड्रा (Robert Vadra) के मामले में आज ईडी (ED) द्वारा पेश प्रार्थना पत्र पर सुनवाई समय की कमी के चलते टल गई. ईडी (ED) ने इस मामले में आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की आवश्यकता बताते हुए राजस्थान हाईकोर्ट (highcourt) से अनुमति मांगी थी. इस प्रार्थना पत्र पर आज सुनवाई होनी थी, लेकिन समय अभाव के चलते कहीं न कहीं एक बार फिर वाड्रा व अन्य आरोपियों को राहत मिली है.

सोमवार को हाई कोर्ट के जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी कोर्ट की मुख्य वाद सूची में वाद संख्या 86 व 87 पर महेश नागर व स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी की विविध अपराधी याचिका 482 विचाराधीन थी. इन दोनों याचिका में ईडी की ओर से उक्त प्रार्थना पत्र पेश था. स्काईलाइट प्राइवेट हॉस्पिटैलिटी लिमिटेड तथा महेश नागर की ओर से दायर विविध अपराधी की याचिका पर हाईकोर्ट जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी की कोर्ट में समय अभाव के चलते सुनवाई नहीं हो पाई.

ईडी की ओर से मामले में एएसजी राजदीपक रस्तोगी व एएएसजी भानु प्रताप बोहरा ने एक प्रार्थना पत्र पेश कर राजस्थान हाई कोर्ट से रॉबर्ट वाड्रा तथा अन्य आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की अनुमति मांगी थी. इस प्रार्थना पत्र पर सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई समय अभाव के चलते नहीं हो पाई. सुनवाई के दौरान वाड्रा की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता केटीएस तुलसी जहां दिल्ली से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पक्ष रखने वाले थे. वहीं अधिवक्ता कुलदीप माथुर कोर्ट में मौजूद थे. ईडी की ओर से एएसी राजदीपक रस्तोगी जयपुर से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पक्ष रखने वाले थे, वहीं एएएसजी भानु प्रताप बोहरा कोर्ट में मौजूद थे.



यह दो याचिकाएं है कोर्ट में सुनवाई के लिए लंबित
मामले में स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी लिमिटेड (जिस के डायरेक्टर रॉबर्ट वाड्रा तथा उनकी मां मौरीन वाड्रा हैं) की ओर से तथा महेश नागर की ओर से हाईकोर्ट में दो अलग-अलग विविध अपराधिक याचिका 482 पेश कर ईडी द्वारा की जा रही कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई थी. जिस पर हाईकोर्ट ने दोनों याचिकाओं में याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत देते हुए मामले में गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी थी.

क्या है पूरा मामला
2007 में वाड्रा ने स्काइलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड नाम से एक कंपनी की शुरुआत की थी. रॉबर्ट और उनकी मां मौरीन इस कंपनी के डायरेक्टर बनाए गए. बाद में कंपनी का नाम बदलकर स्काइलाइट हॉस्पिटैलिटी लिमिटेड लायबिलिटी कर दिया गया. रजिस्ट्रेशन के वक्त बताया गया था कि ये कंपनी रेस्टोरेंट, बार और कैंटीन चलाने जैसे काम करेगी.

2012 में खरीदी थी जमीन
वाड्रा की कंपनी ने 2012 में कोलायत क्षेत्र में कुछ दलालों के जरिए 270 बीघा जमीन 79 लाख रुपये में खरीदी. बीकानेर में भारतीय सेना की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज के लिए जमीन आवंटित की गई थी. यहां से विस्थापित हुए लोगों के लिए दूसरी जगह पर 1400 बीघा जमीन आवंटित की गई थी, लेकिन कुछ लोगों ने इस जमीन के फर्जी कागजात तैयार करवाकर वाड्रा की कंपनी को बेच दिए.

यह जमीन सेना की थी और इसको बेचा नहीं जा सकता था. इन लोगों के माध्यम से ही वाड्रा ने क्षेत्र के कुछ गांवों में और जमीन खरीदने का प्रयास किया, लेकिन मामला आगे बढ़ नहीं पाया. फर्जी तरीके से जमीन के बेचने का मामला उजागर होने से पहले वाड्रा की कंपनी ने इस जमीन को 5 करोड़ रुपये में बेच दिया. ईडी ने इस मामले में कुछ स्थानीय अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी है. आरोप है कि उनकी मिलीभगत से कुछ लोगों ने जमीन के फर्जी कागजात तैयार कराए.

मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े इस मामले की ईडी ने जांच शुरू की
मनी लांड्रिंग से जुड़े इस मामले की ईडी ने जांच शुरू की थी. ईडी की पूछताछ से बचने के लिए वाड्रा लंबे अरसे से प्रयास करते रहे. कई बार समन जारी करने के बावजूद वे ईडी के सामने पेश नहीं हुए. ईडी की सख्ती पर वाड्रा ने राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर स्थित मुख्य पीठ में अपील दायर कर पूछताछ पर ही सवालिया निशान लगाया. हाईकोर्ट ने वाड्रा को आदेश दिया कि वे 12 फरवरी को अपनी मां मौरिन के साथ ईडी के समक्ष पेश होकर उसके सवालों का जवाब दें. इसके बाद वाड्रा जयपुर में ईडी के समक्ष पेश हुए थे.

फिलहाल मामले में अब आगामी 28 जनवरी को सुनवाई होगी तब तक मामले में याचिकाकर्ताओं की गिरफ्तारी पर रोक जारी रहेगी.
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