गुर्जर समाज का गहलोत सरकार को अल्टीमेटम, मांग नहीं मानी तो दौसा में होगा उग्र आंदोलन

गुर्जर समाज ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है.  (फाइल फोटो)
गुर्जर समाज ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है. (फाइल फोटो)

Gujjar Reservation Movement: राजस्थान में गुर्जरों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है. गहलोत सरकार द्वारा मांगे नहीं मानने पर गुर्जर समाज ने दौसा में उग्र आंदोलन (Big Protest) की चेतावनी दी है.

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दौसा. राजस्थान में गुर्जर आरक्षण आंदोलन (Gujjar Reservation Movement) लगातार जारी है. छठे दिन भी प्रदर्शनकारियों ने रेलवे ट्रैक पर कब्जा जमाए रखा.गुर्जर समाज अभी भी मागों पर अड़े है. इन सबके बीच अब गुर्जर आंदोलन की आंच राजस्थान के दूसरे इलाकों तक भी फैल सकती है. वहीं, बावनपाड़ा में कर्नल किरोड़ी बैंसला ने गुर्जर समाज के लोगों की एक अहम बैठक ली. बैठक के बाद गुर्जर समाज ने गहलोत सरकार को साफ तौर पर अल्टीमेटम दे दिया है.

बता दें कि 9 नवंबर को दौसा में भी गुर्जर आंदोलन का आगाज हो सकता है. गुर्जर समाज के नेताओं का साफ कहना है कि सरकार ने मांगे नहीं मानी तो उग्र आंदोलन होगा. दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर छठे दिन भी गुर्जरों ने कब्जा जमा रखा है. इससे इस मार्ग पर रेल यातायात बाधित हो रहा है. ट्रैक पर गुर्जर आंदोलनकारियों को देखते हुए रेलवे की ओर से शुक्रवार को भी इस मार्ग की कई ट्रेनों को रद्द और डायवर्ट किया गया है. वहीं आंदोलन के कारण करौली और भरतपुर समेत आसपास के पांच जिलों में इंटरनेट बंद है. इससे पूर्वी राजस्थान के लोगों को भारी परशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इस बीच करौली में गुरुवार से कुछ मार्गों पर रोडवेज बसों का संचालन शुरू कर दिया गया है.

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दो दिन से नहीं हो रही कोई वार्ता
आंदोलन के मसले के समाधान के लिए राज्य सरकार के प्रशासनिक प्रतिनिधि वरिष्ठ आईएएस नीरज के. पवन दो दिन तक वार्ताओं का दौर करके बुधवार शाम को जयपुर लौट गए थे. उसके बाद गुरुवार और शुक्रवार को आंदोलनकारियों और सरकार के बीच वार्ता का कोई दौर नहीं चला है. आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर पटरी पर तम्बू तानकर बैठे हैं. उनकी जिद है कि जब तक मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा तब तक वे पटरी से नहीं हटेंगे. आंदोलनकारियों के साथ गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के पुत्र विजय सिंह बैंसला बैठे हैं. आंदोलनकारी यहां नाच गाकर अपना टाइम पास कर रहे हैं.



कोटा रेल मंडल ने 5 ट्रेनें रद्द की
दूसरी तरफ ट्रैक बाधित होने के कारण इस मार्ग की ट्रेनों को डायवर्ट और रद्द करने का सिलसिला भी बदस्तूर जारी है. शुक्रवार को भी उत्तर पश्चिम रेलवे ने इस मार्ग की अपनी 10 ट्रेनों को डायवर्ट किया है. वहीं कोटा रेल मंडल ने भी इस रूट से गुजरने वाली कई ट्रेनों को रद्द कर दिया है. कोटा रेल मंडल ने शुक्रवार को अपनी 5 ट्रेनें रद्द की. इनमें कोटा- निजामुद्दीन, निजामुद्दीन-कोटा, कोटा- देहरादून, देहरादून-कोटा, नंदादेवी एक्सप्रेस, कोटा-उधमपुर एक्सप्रेस ट्रेन रद्द कर दी है. आंदोलन के कारण भरतपुर, करौली, सवाईमाधोपुर, धौलपुर और दौसा जिले समेत जयपुर के गुर्जर बाहुल्य इलाकों में इंटरनेट बंद होने से आमजन तथा व्यापारी वर्ग हलकान हो गया है. इंटरनेट के अभाव में ऑनलाइन लेनदेन बंद हैं. लोगों के जरुरी काम अटक रहे हैं.
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