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रॉबर्ट बाड्रा की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई कल

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रॉबर्ट वाड्रा से पूछताछ के लिए राजस्थान हाई कोर्ट में ईडी ने याचिका दायर की है.
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रॉबर्ट वाड्रा से पूछताछ के लिए राजस्थान हाई कोर्ट में ईडी ने याचिका दायर की है.

मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के मामले में ईडी ने राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) में रॉबर्ट वाड्रा और महेश नागर को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए अर्जी दाखिल कर इजाजत मांगी है. इस मामले में कल यानी कि सोमवार को जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी की कोर्ट (Court) में सुनवाई होगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 17, 2021, 6:36 PM IST
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जोधपुर. मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के मामले मे प्रियंका वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा (Robert Vadra) की मुश्किलें एक बार बढ़ती दिखाई दे रही हैं. राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) में स्काईलाइट प्राइवेट हॉस्पिटैलिटी लिमिटेड और महेश नागर की ओर से दायर याचिका में प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र दायर कर रॉबर्ट वाड्रा व महेश नागर को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की इजाजत मांगी है.

इस मामले में कल यानी कि सोमवार को ईडी की अर्जी पर जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी की कोर्ट में सुनवाई होगी. एएसजी राजदीपक रस्तोगी और भानु प्रताप बोहरा वीडियो कॉन्फेंसिंग के जरिए के जरिए ईडी का पक्ष रखेंगे. वहीं सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता केटीएस तुलसी रॉबर्ट वाड्रा का पक्ष रखेंगे.

क्या है पूरा मामला?



साल 2007 में रॉबर्ट वाड्रा ने स्काइलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के नाम से एक कंपनी की शुरू की थी. रॉबर्ट और उनकी मां मौरीन इस कंपनी के डायरेक्टर बने थे. बाद में कंपनी का नाम बदलकर स्काइलाइट हॉस्पिटैलिटी लिमिटेड लायबिलिटी कर दिया गया. रजिस्ट्रेशन के वक्त बताया गया था कि यह कंपनी रेस्टोरेंट, बार और कैंटीन चलाने जैसे काम करेगी.
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2012 में खरीदी थी जमीन

वाड्रा की कंपनी ने 2012 में कोलायत क्षेत्र में कुछ दलालों के जरिए 270 बीघा जमीन 79 लाख रुपए में खरीदी थी. बीकानेर में भारतीय सेना की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज के लिए जमीन आवंटित की गई थी. यहां से विस्थापित हुए लोगों के लिए दूसरी जगह पर 1400 बीघा जमीन आवंटित की गई थी, लेकिन कुछ लोगों ने इस जमीन के फर्जी कागजात तैयार करवाकर वाड्रा की कंपनी को बेच दिए.

यह जमीन सेना की थी और इसको बेचा नहीं जा सकता था. इन लोगों के माध्यम से ही वाड्रा ने क्षेत्र के कुछ गांवों में और जमीन खरीदने का प्रयास किया, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ पाया. फर्जी तरीके से जमीन के बेचने का मामला उजागर होने से पहले वाड्रा की कंपनी ने इस जमीन को 5 करोड़ रुपए में बेच दिया. इस पर ईडी ने इस मामले में कुछ स्थानीय अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी है. उनकी मिलीभगत से कुछ लोगों ने जमीन के फर्जी कागजात तैयार कराए है.

मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में कसा शिकंजा

मनी लांड्रिंग से जुड़े इस मामले की ईडी ने जांच शुरू की थी. ईडी की पूछताछ से बचने के लिए वाड्रा लंबे अरसे से प्रयास करते रहे. कई बार समन जारी करने के बावजूद वे ईडी के सामने पेश नहीं हुए. ईडी की सख्ती पर वाड्रा ने राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर स्थित मुख्य पीठ में अपील दायर कर पूछताछ पर ही सवालिया निशान लगा दिया. हाईकोर्ट ने वाड्रा को आदेश दिया कि वे 12 फरवरी को अपनी मां मौरिन के साथ ईडी के समक्ष पेश होकर उसके सवालों का जवाब दें. इसके बाद वाड्रा जयपुर में ईडी के समक्ष पेश हुए थे.
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