राजस्थान में फिर अटकी कांस्टेबल भर्ती 2019, कल से होने वाले फिजिकल टेस्ट पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक

राजस्थान हाईकोर्ट ने कांस्टेबल भर्ती 2019 के फिजिकल टेस्ट पर अंतरिम रोक लगा दी है.

राजस्थान हाईकोर्ट ने कांस्टेबल भर्ती 2019 के फिजिकल टेस्ट पर अंतरिम रोक लगा दी है.

राजस्थान (Rajasthan) में कांस्टेबल भर्ती 2019 (Constable Recruitment 2019) में हाईकोर्ट (High Court) ने फिजिकल टेस्ट में पदों के अनुरूप 5 गुणा अभ्यर्थी नहीं बुलाने पर अंतरिम रोक लगा दी है. जस्टिस एसपी शर्मा की अदालत ने यह रोक याचिकाओं (Petitions) पर सुनवाई करते हुए लगाई है.

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  • Last Updated: March 23, 2021, 11:12 PM IST
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kfजयपुर. राजस्थान (Rajasthan) में कांस्टेबल भर्ती 2019 एक बार फिर अटक गई है. हाईकोर्ट (High Court) ने फिजिकल टेस्ट में पदों के अनुरूप 5 गुणा अभ्यर्थी नहीं बुलाने पर कल से शुरू होने वाले फिजिकल टेस्ट (Physical Test) पर अंतरिम रोक लगा दी है. जस्टिस एसपी शर्मा की अदालत ने यह रोक दिनेश जाखड़ व अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए लगाई है. याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने बताया कि कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में जिलेवार परिणाम जारी किये गये हैं. कई जिलों में विज्ञप्ति के अनुसार पदवार, वर्गवार, महिला, पुरुष रिक्तियों के पांच गुणा अभ्यर्थियों को पास नहीं किया गया. ऐसा करके विभाग ने रॉस्टर प्रणाली की अव्हेलना की है.



ओबीसी के 57 पदों के लिए पास किए केवल 97 अभ्यर्थी


याचिका में कोर्ट को कई जिलों के परिणामों की जानकारी दी गई है, जिसमें बताया गया कि विभाग ने अजमेर जीआरपी का परिणाम जारी किया है, जिसमें ओबीसी के 57 पदों के लिए केवल 97 अभ्यर्थी पास किए. जबकि 5 गुणा के हिसाब से 285 अभ्यर्थियों को फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाना था, लेकिन विभाग ने यहां एक्स सर्विसमैन कोटे में ज्यादा अभ्यर्थी पास कर दिए. इसमें ओबीसी अभ्यर्थियों को मूल ओबीसी अभ्यर्थियों के साथ दिखा दिया, जो कानूनी रूप से सही नहीं है, ऐसे में मैरिट का निर्धारण कैसे होगा. इसी तरह से बूंदी जिले में एसटी कैटेगिरी के एक पद के लिए 5 अभ्यर्थियों को पास करना था, लेकिन विभाग ने केवल 2 अभ्यर्थियों को ही फिज़िकल टेस्ट के लिए योग्य माना.
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दो माह बाद खुला था भर्ती का रास्ता

हाई कोर्ट ने 9 जनवरी को पहली बार इस भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी करने पर रोक लगा दी थी. बाद में सिंगल बेंच ने 24 फरवरी को जहीर अहमद की याचिका पर फैसला सुनाते हुए मामले में जिलेवार मेरिट बनाने को गलत मानते हुए भर्ती परीक्षा में स्टेट मैरिट जारी करने के आदेश दिए. जिसे पुलिस विभाग की ओर से खंडपीठ में चुनौती दी गई थी. जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने 10 मार्च को एकलपीठ के आदेश पर रोक लगी दी थी. इसके बाद भर्ती का रास्ता खुला था और विभाग ने जिलेवार परिणाम जारी किए थे. अब बुधवार से शारीरिक दक्षता परीक्षा आयोजित होनी थी. गौरतलब है कि 5,438 पदों के लिए पिछले साल करीब 12.41 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी.
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