COVID-19 से जंग में आगे आए राजस्‍थान के हाईटेक गांव, ग्रामीणों ने बनाई ऑटोमेटिक सैनिटाइजर टनल

देबारी गांव से आवश्यक कार्य के लिए बाहर आने जाने वाले लोग अब इस ऑटोमेटिक सैनिटाइजर टनल से गुजर कर गांव में प्रवेश कर सकेंगे.

देबारी गांव से आवश्यक कार्य के लिए बाहर आने जाने वाले लोग अब इस ऑटोमेटिक सैनिटाइजर टनल से गुजर कर गांव में प्रवेश कर सकेंगे.

राजस्‍थान (Rajasthan) में कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए ग्रामीणों ने खुद की सुरक्षा के लिए ऑटोमेटिक सैनिटाइजर टनल (Automatic Sanitizer Tunnel) लगाई है. यह टनल पूरी तरह से मेक इन इंडिया है.

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उदयपुर.  कोरोना वायरस (Coronavirus) की महामारी से बचने के लिए उदयपुर (Udaypur) के देबारी गांव में ऑटोमेटिक सैनिटाइजर टनल (Automatic Sanitizer Tunnel) बनाई गई है. पंचायत मुख्यालय पर यह टनल लगाई गई है. किसी भी पंचायत भवन पर लगने वाली यह जिले की पहली ऑटोमेटिक सैनिटाइजर टनल है. जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोग ओर कर्मचारी इस टनल में आकर सेनेटाइज होकर अपने घर जा सकेंगे.



ग्राम विकास अधिकारी मदनलाल लोहार में बताया की उप सरपंच चन्दन सिंह देवड़ा ने यह टनल शुरू की है, जो आम जनता के लिए 24 घंटे काम करेगी. इस सैनिटाइजर टनल में लगे ऑटोमेटिक सिस्टम, सेंसर, पीसीपी, फ्लोट, फिक्वेंसी सेंसर मोटर सेट को लगाने और इस काम को पूरा ऑपरेटिंग कर स्टार्ट करने में मुकेश लोहार देबारी ओर लोकेश लोहार ने मिलकर अपना योगदान दिया.



सैनिटाइजेशन के बाद ही गांव में हो सकेंगे दाखिल

गांव में सेनिटाइजर का छिड़काव करने के बाद देबारी में कोरोना वाइरस से बचने के लिए टनल लगाई गई है. अब इससे गांव के सभी लोग सैनिटाइज हो सकेंगे. आम आदमी इस यंत्र से अपना बचाव करते हुए सरकार के निर्देशानुसार लॉकडाउन को सफल बनाने में भी योगदान कर सकेगा. देबारी ग्राम पंचायत में कोरोना वायरस को रोकने के लिए 5 दिन पहले इस टनल को बनाने का काम शुरू किया था, जिसे मंगलवार को स्थापित किया गया है.
तीन फीट की दूरी पर पहुंचते ही चालू हो जाती है टनल



टनल में पीसीपी और ऑटोमेटिक सेंसर सेट टनल से 3 फीट की दूरी पर पहुंचते ही चालू हो जाते हैं और 15 सेकेंड बाद अपने आप बंद भी हो जाता है. देबारी ग्राम पंचायत द्वारा कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए किए जा रहे यह प्रयास वाकई में सराहनीय है और अब इस पंचायत को रोल मॉडल मानते हुए जिले की अन्य पंचायत भी कोरोना से लड़ने के लिए हाईटेक तकनीकों का इस्तेमाल करने में पीछे नहीं रहेगी.



सैनिटाइजर टनल आने से ग्रामीणों में उत्‍साह

ऑटोमेटिक सैनिटाइजर टनल लगने से ग्रामीण भी खासे उत्साहित हैं. अब यदि गांव के लोग और अन्य कर्मचारी आवश्यक कार्य से गांव से बाहर जाते हैं तो उन्हें पुनः गांव से प्रवेश करने से पहले टनल से होकर गुजरना पड़ेगा. ऑटोमेटिक सेनीटाइजर टनल में मेड इन इंडिया की झलक नजर आ रही है. गांव के उपसरपंच चंदन सिंह देवड़ा ने बताया कि चाइनीस सेट लगाकर भी शहरी इलाके में कुछ जगह सैनिटाइजर चैनल बनाए गए जो पूरी तरह से सफल नहीं हो सके. ऐसे में उनकी ग्राम पंचायत में सभी मटेरियल मेड इन इंडिया ही इस्तेमाल किए और इसे एक मजबूत टनल बनाकर ग्रामीणों के लिए सुपुर्द किया.


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