100 करोड़ की जमीन की मालकिन चंद पैसों के लिए है मोहताज

बेनामी निषेध यूनिट की जांच में सामने आया कि संजू देवी के नाम जयपुर-दिल्ली हाइवे पर आमेर तहसील के कूकस, खोरामीणा, हरवर, ढन्ड, नांगल तुर्कान और राजपुर खान्या गांवों में स्थित ये जमीनें साल 2006 में खरीदी गई थी

News18Hindi
Updated: July 3, 2019, 11:26 AM IST
100 करोड़ की जमीन की मालकिन चंद पैसों के लिए है मोहताज
प्रतीकात्मक तस्वीर
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Updated: July 3, 2019, 11:26 AM IST
सौ करोड़ की जमीन की मालिकन संजू देवी मीणा खेती और पशुपालन कर अपने बच्चों को पाल रही है. उन्हें नहीं पता है कि उनके नाम पर कीमती जमीन कहां पर है. वह तो बस इतना जानती हैं कि पति की मौत के बाद उन्हें हर महीने कोई पांच हजार रुपए घर का खर्च चलाने के लिए भेजता था. लेकिन अब यह पैसा भी पिछले तीन साल से बंद कर दिया गया है.

संपत्ति अटैच की गई
दरअसल मुंबई के हीरानंदानी ग्रुप की ‘हेजलनट कंस्ट्रक्शन’ कंपनी की करोड़ों की बेनामी संपत्ति का खेल उजागर होने के बाद इस बात का पता चला कि ये संपत्ति नीमकाथाना की पहाड़ियों के बीच दीपावास गांव की रहने वाली संजू देवी के नाम पर खरीदी गई थी. कंपनी ने अपने फायदे के लिए निरक्षर संजू देवी से अंगूठा लगवाकर उनके नाम पर ये संपत्ति खरीदी थी. संजू देवी के नाम से जयपुर-दिल्ली हाइवे पर छह गांवों में खरीदी गई 64 बेनामी संपत्तियों को आयकर विभाग की बेनामी निषेध यूनिट ने बेनामी संपत्ति अधिनियम, 1988 के प्रावधानों के तहत प्रोविजनल रूप से अटैच कर दिया है.

जमीन का 100 करोड़ मूल्य पर दिए सिर्फ 12.93 करोड़

इन जमीनों का बाजार मूल्य करीब 100 करोड़ रुपए बताया जा रहा है. बेनामी निषेध यूनिट की जांच में सामने आया कि संजू देवी के नाम जयपुर-दिल्ली हाइवे पर आमेर तहसील के कूकस, खोरामीणा, हरवर, ढन्ड, नांगल तुर्कान और राजपुर खान्या गांवों में स्थित ये जमीनें साल 2006 में खरीदी गई थी. जांच में पता चला कि कुल 36 हेक्टेयर जमीन 64 अलग-अलग विक्रय पत्रों के माध्यम से संजू देवी मीणा के नाम खरीदी गई, लेकिन ‘हेजलनट कंस्ट्रक्शन’ ने इनके लिए सिर्फ 12.93 करोड़ रुपए का ही भुगतान किया था. संजू देवी से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह तो निरक्षर है. मुझसे तो कागजों पर अंगुठे लगावाए गए थे.

मुंबई में लगवाया गया था अंगूठा
संजू देवी का पति नारूराम और फुफेर ससुर मुंबई में काम करते थे. दोनों संजू देवी को जमीन खरीदने की बात कहकर 2006 में उसे मुंबई ले गए थे. इस दौरान मुंबई के भी कुछ लोग आए थे. उन्होंने जमीन के कागजों पर उनसे अंगुठे लगवाए गए थे. करीब दस वर्ष पहले उनके पति नारूराम की मौत हो गई थी. जिसके बाद उसे घर चलाने के लिए हर महीने पांच हजार रुपए भेजे जाने लगे. यह पैसे उन्हें पहले डाक से बाद में बैंक खाते में भेजे जाते थे. कई बार जयपुर में उनके रिश्तेदार के पास भी भेजे जाते थे. लेकिन पिछले तीन साल से उन्हें कोई पैसा नहीं भेजा जा रहा है.
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जमीन के बारे में पता चलने पर क्या बोलीं
संजू देवी को जब सौ करोड़ की जमीन की मालिक होने के बारे में बताया गया तो उनका कहना था कि वह तो भैंस का दूध बेचकर और खेती से अपने बच्चों का पालन कर रही है. इतनी कीमती जमीन उसके नाम है तो उसे भी कुछ पैसा मिलना चाहिए, जिससे बच्चों का पालन किया जा सके. संजू देवी की दो बेटियां और एक बेटा है.

तीन माह पहले बुलाया था आयकर की टीम ने
संजू देवी को तीन महीने पहले आयकर विभाग की टीम ने नीमकाथाना भी बुलाया था. उनसे जमीन के खरीद के संबंध में पूछताछ की गई थी. अब तक 1400 करोड़ की प्रॉपर्टी की अटैच बेनामी संपत्तियों के इन प्रोविजनल अटैचमेंट्स के साथ ही आयकर विभाग राजस्थान की बेनामी निषेध यूनिट अब तक कुल 458 बेनामी संपत्तियां अटैच कर चुकी है, जिनका कुल बाजार मूल्य करीब 1400 करोड़ रुपए है.

(राकेश शर्मा की रिपोर्ट)

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First published: July 3, 2019, 11:03 AM IST
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