जानिए क्यों है, चीन से बाहर निकलने वाली कंपनियों पर राजस्थान की निगाह
Jaipur News in Hindi

जानिए क्यों है, चीन से बाहर निकलने वाली कंपनियों पर राजस्थान की निगाह
पाली के सांसद पीपी चौधरी

कोरोना संकट (Corona Crises) के लिए चीन को कसूरवार मानते हुए वहां कंपनियां अपना बोरिया बिस्तर लाद रही है. राजस्थान में पाली के सांसद पीपी चौधरी ने चीन को छोड़कर बाहर निकलने वाली कंपनियों को प्रदेश में बुलाने के बारे में पीएम मोदी और सीएम गहलोत को पत्र लिखा है.

  • Share this:
जयपुर. पूरी दुनिया आज कोरोना संकट (Corona Crises) के लिए चीन को कसूरवार मान रही है. यही वजह है अब सभी बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनियां (International Companies) चीन से अपने कारोबार समेटने की कोशिशों में लगी हुई हैं. भारत की भी इस मामले पर पैनी नजर है. पाली सांसद और पूर्व केन्द्रीय राज्य मंत्री एवं संसद में विदेश मामलों की संसदीय समिति के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modia) को पत्र लिख कर पश्चिमी राजस्थान में प्रस्तावित आईटीआईआर की स्थापना के लिए अनुरोध किया है. उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत, मुख्य सचिव व अन्य आला अधिकारियों को भी इस बारे में पत्र लिखे गए हैं.

पत्र में चौधरी ने बताया कि उनके इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री के कार्यकाल के दौरान अन्य राज्यों के साथ-साथ राजस्थान द्वारा भी आईटीआईआर की स्थापना में रूचि दिखाई गई थी. आईटीआईआर के लिए मापदंड निर्धारित भूमि राजस्थान में उनके संसदीय क्षेत्र पाली में (पाली व जोधपुर) के बीच उपलब्ध है. उक्त भूमि सरकारी होने के कारण इसके अधिग्रहण की भी आवश्यकता नहीं है. इस सम्बन्ध में जिला कलेक्टर पाली द्वारा 22000 एकड़ भूमि को दो चरणों में आवंटन के लिए चिन्हित भी किया जा चुका है, जिसे राष्ट्रहित के इस प्रोजेक्ट के लिए राजस्थान सरकार द्वारा निःशुल्क आवंटन किया जा सकता है. इसके अतिरिक्त और अधिक भूमि की आवश्यकता होने पर भी इसे बढ़ाया भी जा सकता है.

'किसानों की जमीन अधिग्रहण नहीं की जाएगी'



अच्छी बात यह है कि प्रोजेक्ट के तहत किसानों की जमीन अधिग्रहण करने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी. राजस्थान उक्त भूमि पर आईटीआईआर की स्थापना हेतु इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना विभाग राजस्थान सरकार द्वारा डीपीआर तैयार कर राज्य सरकार को भेज दिया गया है, जिस पर राज्य सरकार की सहमति अभी लम्बित है.
पाली में मिल सकती है जमीन

पत्र में कोरोना वायरस महामारी फैलने से दुनिया के ज्यादातर देशों में चीन के प्रति नाराजगी बढ़ने का हवाला देते हुए बताया गया है कि समाचार पत्रों में छपी खबरों के अनुसार कई विदेशी कंपनियाँ अपना व्यवसाय चीन से बाहर निकाल कर दूसरे देशों में लाना चाहती हैं. ऐसे में जमीन हासिल करना बड़ी कंपनियों के लिए सबसे बड़ी बाधा है. पाली में उपलब्ध भूमि एक ही चक में उपलब्ध होने से आवंटन में किसी प्रकार की कोई कठिनाई उत्पन्न नहीं होगी. इसी क्षेत्र में प्रस्तावित दिल्ली-मुम्बई इन्डस्ट्रीयल कॉरिडोर, फ्रेट कॉरिडोर, ब्यावर-सिरोही राष्ट्रीय राजमार्ग व जोधपुर-सरदार समन्द-मारवाड़-जोजावर राष्ट्रीय राजमार्ग से इस परियोजना को अवश्य ही अवस्थापना सम्बन्धी लाभ मिल सकेगा.

12 लाख प्रत्यक्ष और 28 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा

चौधरी ने पत्र में राजस्थान में आईटीआईआर की स्थापना से चीन से अन्य देशों में शिफ़्ट होने वाली कम्पनियों को भारत में अनुकुल वातावरण उपलब्ध कराया जा सकने की बात कही है. इसके साथ ही यह भी बताया कि प्रदेश में आईटीआईआर की स्थापना से 12 लाख प्रत्यक्ष और 28 लाख अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उत्पन्न हो सकेगा. इसके अतिरिक्त भारत में इम्पोर्ट किये जाने वाले प्रतिवर्ष 4 लाख करोड़ इलेक्ट्रोनिक्स जिसमें 70 हजार करोड़ के मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स पर कन्ट्रोल कर विदेशी मुद्रा कोष को बचाया जा सकेगा. वर्तमान में कोरोना महामारी के चलते अर्थव्यवस्था में आने वाली गिरावट में राजस्थान में आईटीआईआर की स्थापना सम्पूर्ण भारत की अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के र्लिए इंधन का काम कर सकेगा.

प्रदेश सरकार को मिलेगा 25 हजारा करोड़ रुपया

राज्य सरकार को अपनी ओर से किसी तरह की आर्थिक सहायता भी उपलब्ध नहीं करानी होेगी, बल्कि प्रदेश सरकार को आईटीआईआर डवलपमेंट चार्जेज के रूप में 25 हजार करोड़ से अधिक की धनराशि मिल सकेगी.

ये भी पढ़ें: राजस्थान: हर साल 60 हजार से ज्यादा बच्चों की अकाल मौत, स्टडी में सामने आई बात

एक मंच पर आए 50 देशों में बसे प्रवासी राजस्थानी, CM गहलोत को दी यह सलाह
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज