लाइव टीवी
Elec-widget

देश के 16 रेलवे जोन हुए इलेक्ट्रिफाइड, NWR को अभी करना पड़ेगा इंतजार

Asif Khan | News18 Rajasthan
Updated: November 18, 2019, 9:40 AM IST
देश के 16 रेलवे जोन हुए इलेक्ट्रिफाइड, NWR को अभी करना पड़ेगा इंतजार
NWR में रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन के तहत 67,368 किलोमीटर रूट तय किया गया है. इसमें से अब तक महज 35,488 किलोमीटर रूट को ही इलेक्ट्रफाई किया जा सका है. फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।

देश के 16 रेलवे जोन (Railway zone) लगभग पूरी तरह से इलेक्ट्रिफाइड (Electrified) हो चुके है, लेकिन उत्तर पश्चिम रेलवे (North Western Railway) अभी भी खुद को पूरी तरह से इलेक्ट्रिफाइट नहीं कर पाया है. NWR का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन जयपुर जंक्शन (Jaipur Junction) अभी भी इलेक्ट्रिफिकेशन की राह ताक रहा है.

  • Share this:
जयपुर. देश के 16 रेलवे जोन (Railway zone) लगभग पूरी तरह से इलेक्ट्रिफाइड (Electrified) हो चुके है, लेकिन उत्तर पश्चिम रेलवे (North Western Railway) अभी भी खुद को पूरी तरह से इलेक्ट्रिफाइट नहीं कर पाया है. NWR का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन जयपुर जंक्शन (Jaipur Junction) अभी भी इलेक्ट्रिफिकेशन की राह ताक रहा है. जबकि यह देश का एक बेहद महत्वूर्ण रेलवे जोन (Important Railway Zone) है. रेलवे इलेक्ट्रिफिकेश का कहना है प्रोजेक्ट (Project) को मंजूरी मिल चुकी है और इस काम को जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा.

50 प्रतिशत के करीब कार्य अभी भी अधूरा है
आपको यह जानकर ताज्जुब होगा कि जयपुर जंक्शन अभी भी विद्युतीकरण की राह देख रहा है. NWR में रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन के तहत 67,368 किलोमीटर रूट तय किया गया है. इसमें से अब तक महज 35,488 किलोमीटर रूट को ही इलेक्ट्रफाई किया जा सका है. 31,880 किलोमीटर यानि की लगभग 50 प्रतिशत के करीब अभी भी अधूरा है.

राजस्थान में अभी यहां भी काम अधूरा है

जयपुर-फुलेरा मार्ग-        51 किलोमीटर बाकी
मदार-भीनवालिया मार्ग- 181 किलोमीटर बाकी
बांदीकुई-जयपुर मार्ग-    91 किलोमीटर
Loading...

कुल-                            323 किलोमीटर बाकी

ये जयपुर को दूसरे रेलवे स्टेशनों से कनेक्ट करते हैं
ये वो महत्वपूर्ण रूट हैं जो जयपुर को दूसरे रेलवे स्टेशनों से कनेक्ट करते हैं और इन्हीं से जयपुर से लंबी दूरी की गाड़ियां चलती हैं. रेलवे के इलेक्ट्रिफिकेशन विभाग का कहना है कि इन रूट्स पर काम चल रहा है और इन्हें जल्द पूरा कर लिया जाएगा.

13,500 करोड़ रूपए बचाए जा सकते हैं
समय रहते है अगर इन रूट्स पर विद्युतीकरण हो जाता तो NWR को इससे बेहद लाभ भी मिलता. रेलवे के अनुमान के मुताबिक 100 प्रतिशत विद्युतीकरण के बाद 13,500 करोड़ रूपए बचाए जा सकते हैं. इससे पेट्रोलियम उत्पाद पर से निर्भरता भी खत्म हो जाएगी. ट्रांसपोर्टेशन को सुगम बनाया जा सकेगा. रेल सेवाएं तेजी से चलेंगी और पर्यावरण फ्रेंडली होंगी. वर्तमान स्पीड से 18 प्रतिशत तक बढ़ाई जा सकेगी. वहीं अन्य खर्चों में भी कमी आएगी.

समय और पर्यावरण की जरूरत है यह
रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन विभाग ने लाभ का अनुमान तो लगा रखा है, लेकिन कछुआ चाल से चल रहे विद्युतीकरण को लेकर उसके पास कोई स्पष्ट जवाब नहीं है. एक तरफ पूरी दुनिया की ट्रेन इलेक्ट्रीफाइड हो चुकी है, वहीं NWR अभी भी विद्युतीकरण का इंतज़ार कर रहा है. समय और पर्यावरण की जरूरत है कि अब पेट्रोलियम उत्पाद पर निर्भरता खत्म हो और साधनों को प्रकृति के अनुरूप ढाला जाए.

बीकानेर में दर्दनाक हादसा: बेकाबू कार ने 4 लोगों को कुचला, चारों की मौत

Alert: जयपुर में बदमाशों की फिर एंट्री, शंकरा रेजीडेंसी से पकड़े 7 शातिर

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए जयपुर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 18, 2019, 9:35 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...