जयपुर के 20 CHC को बनाया जाएगा COVID-19 केयर सेंटर: डॉ. रघु शर्मा

उन्होंने बताया कि यह वैन प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में प्रतिदिन दस गांवों में घूमेगी. ( फाइल फोटो)

चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा (Dr. Raghu Sharma) ने शनिवार को यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि जयपुर जिले में फैल रहे कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए संपूर्ण क्षेत्र में घर-घर जाकर ’टेस्टिंग (जांच), ट्रेकिंग (पहचान) ऐंड ट्रीटमेंट (इलाज)’ पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.

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    जयपुर. कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण से जूझ रही राजस्थान की राजधानी में 20 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) को कोविड-19 मरीज देखभाल केंद्र में तब्दील किया जाएगा. साथ ही घर-घर जाकर जांच व उपचार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा (Dr. Raghu Sharma) ने शनिवार को यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि जयपुर जिले में फैल रहे कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए संपूर्ण क्षेत्र में घर-घर जाकर ’टेस्टिंग (जांच), ट्रेकिंग (पहचान) ऐंड ट्रीटमेंट (इलाज)’ पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.

    उन्होंने कहा कि विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा विभाग की मोबाइल वैन के जरिए व्यापक स्तर पर एंटीजन और आरटीपीसीआर जांच करवाए जाएंगे, ताकि संक्रमितों को चिह्नित कर उनका तुरंत उपचार शुरू किया जा सके. डॉ. शर्मा शनिवार को जयपुर में कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण और चिकित्सा सुविधाओं से जुड़े सभी प्रशासनिक, पुलिस, चिकित्सा अधिकारियों के साथ ऑनलाइन समीक्षा बैठक कर रहे थे. डॉ. शर्मा ने कहा कि प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की सर्वाधिक संख्या जयपुर में है. उन्होंने कहा कि जयपुर के अस्पतालों में दबाव कम करने के लिए यहां की 20 सीएचसी में कोरोना वायरस के उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें कोविड-19 मरीज देखभाल केंद्र में तब्दील करने के निर्देश दिए गए हैं.

    आरटीपीसीआर जांच की जाएगी
    मंत्री ने बताया कि इन सभी केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन सांद्रक, रेमडेसिविर जैसी दवाएं सहित चिकित्सक और मेडिकल की स्टाफ की पूरी व्यवस्था की जाएगी. उन्होंने कहा कि आसपास के क्षेत्र के मरीजों को जब स्थानीय स्तर पर चिकित्सकीय सुविधाएं मिलने लगेंगी तो उनका रूख जयपुर की ओर स्वतः ही कम हो जाएगा और राजधानी के अस्पतालों में दबाव भी कम हो सकेगा. उन्होंने इससे संबंधित व्यवस्थाओं के लिए जिला कलेक्टर अंतर नेहरा और शहर के दोनों मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. चिकित्सा मंत्री ने कहा कि गांवों में संक्रमण को कम करने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल ओपीडी वैन के जरिए एंटीजन व आरटीपीसीआर जांच की जाएगी.

    आरटीपीसीआर जांच के लिए नमूना लिया जाएगा
    उन्होंने बताया कि यह वैन प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में प्रतिदिन दस गांवों में घूमेगी. इसके जरिए अधिक संक्रमण वाले इलाकों में एंटीजन जांच की जाएगी. डॉ.शर्मा ने बताया कि एंटीजन जांच में संक्रमित पाए जाने वाले रोगियों को तुरंत उपचार या भर्ती करने की कार्यवाही शुरू की जाएगी और इनमें जिनकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आएगी, उनका आरटीपीसीआर जांच के लिए नमूना लिया जाएगा.