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क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाटियों के खिलाफ 37 हजार शिकायतें, निवेशकों से 765 करोड़ रुपयों की धोखाधड़ी

Dinesh Sharma | News18 Rajasthan
Updated: December 9, 2019, 4:33 PM IST
क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाटियों के खिलाफ 37 हजार शिकायतें, निवेशकों से 765 करोड़ रुपयों की धोखाधड़ी
रजिस्ट्रार नीरज के. पवन का कहना है कि मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के खिलाफ एसओजी में प्रकरण लम्बित हैं. जरुरत पड़ी तो इन्हें सीबीआई को भी भेजा सकता है.

प्रदेश में क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाटियों (Credit Co-operative Societies) द्वारा निवेशकों (Investors) के साथ की गई धोखाधड़ी (Fraud) की कलई एक के बाद एक खुलकर सामने आ रही है. शिकायत के लिए पोर्टल की शुरुआत करने के बाद सहकारिता विभाग (Co-operative department) के पास इन सोसायटियों के खिलाफ शिकायतों का अंबार लगता जा रहा है.

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जयपुर. प्रदेश में क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाटियों (Credit Co-operative Societies) द्वारा निवेशकों (Investors) के साथ की गई धोखाधड़ी (Fraud) की कलई एक के बाद एक खुलकर सामने आ रही है. शिकायत के लिए पोर्टल की शुरुआत करने के बाद सहकारिता विभाग (Co-operative department) के पास इन सोसायटियों के खिलाफ शिकायतों का अंबार लगता जा रहा है. प्राप्त शिकायतों में से 99.99 फीसदी शिकायतें मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के खिलाफ है. मामले में सख्ती के बाद अब इन सोसायटियों का पैसा सहकारी बैंकों (Co-operative banks) में जमा होने लगा है.

सबसे ज्यादा बाड़मेर जिले से 5,172 शिकायतें
सहकारिता विभाग को अब तक धोखाधड़ी की 37 हजार शिकायतें मिल चुकी हैं. इन शिकायतकर्ताओं के साथ 765 करोड़ रुपयों की धोखाधड़ी की गई है. राज्य की सोसायटियों के खिलाफ केवल 68 शिकायतें मिली है. 99.99 फीसदी शिकायतें मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के खिलाफ आई है. यानि मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव सोसायटियों ने ही निवेशकों को जमकर लूटा है. सबसे ज्यादा बाड़मेर जिले से 5,172 शिकायतें मिली है. इसके अलावा जोधपुर से 4,658, पाली से 3,017 शिकायतें मिल चुकी हैं. सबसे कम धौलपुर जिले से 33 शिकायतें मिली हैं.

प्रकरण को सीबीआई को भी भेजा सकता है

सहकारिता विभाग ने अब इन सोसायटियों पर सख्ती दिखानी शुरु कर दी है. हाल ही में नए एक्ट के तहत कार्रवाई के लिए सहकारिता रजिस्ट्रार को सक्षम भी बनाया गया है. रजिस्ट्रार नीरज के. पवन का कहना है कि मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के खिलाफ एसओजी में प्रकरण लम्बित हैं. जरुरत पड़ी तो इन्हें सीबीआई को भी भेजा सकता है.

सोसायटियों ने 30 करोड़ रुपया सहकारी बैंकों में जमा कराया
वहीं निवेशकों के पैसे पर पूरी निगरानी रहे इसके लिए सोसायटियों को अपनी जमा पूंजी सहकारी बैंकों में ही जमा करवाने की सख्त हिदायत दी गई है. अब तक इन सोसायटियों का करीब 30 करोड़ रुपया सहकारी बैंकों में जमा भी हो चुका है. निवेशकों का भी कहना है कि पूंजी सुरक्षित हाथों में होगी तो धोखाधड़ी के मामले अपने आप ही कम हो जाएंगे.अचल संपत्तियों को गुपचुप तरीके से लगा रहे थे ठिकाने
दूसरी तरफ कार्रवाई की भनक लगते ही सोसायटी संचालकों ने अपनी अचल संपत्तियों को भी गुपचुप तरीके से ठिकाने लगाना शुरू कर दिया था. उस पर अब सहकारिता रजिस्ट्रार ने पत्र लिखकर रोक लगवाई है. विभाग को शिकायतें मिलने का सिलसिला जारी है और ये आंकड़ा कहां जाकर थमेगा कहा नहीं जा सकता.

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First published: December 9, 2019, 4:26 PM IST
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