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राजस्थान पुलिस के मुखिया का दावा, दुष्कर्म के 42 फीसदी केस झूठे, इनमें आरोप ही प्रमाणित नहीं हुए

पुलिस के मुताबिक रेप के कई मामलों में पीड़िता को त्वरित रूप से न्याय दिलाया गया है. (सांकेतिक तस्वीर)

पुलिस के मुताबिक रेप के कई मामलों में पीड़िता को त्वरित रूप से न्याय दिलाया गया है. (सांकेतिक तस्वीर)

Rape cases in Rajasthan : पुलिस मुख्यालय के आंकड़ों के मुताबिक बलात्कार के मामलों में वर्ष 2019 की तुलना में इस साल 0.13% की आंशिक वृद्धि हुई है. मुख्यालय का दावा है कि अब बलात्कार पीड़िताओं को त्वरित न्याय मिल रहा है.

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जयपुर. कोरोना काल के बावजूद प्रदेश में महिलाओं के साथ दुष्कर्म (Rape) की घटनाओं में इजाफा हो रहा है. पुलिस मुख्यालय (Police Headquarters) के आंकड़ों के मुताबिक बलात्कार के मामलों में वर्ष 2019 की तुलना में इस साल 0.13% की आंशिक वृद्धि हुई है. हालांकि इसमें वे केस शामिल नहीं हैं, जो डर, दबाव और ध​मकियों के कारण दर्ज ही नहीं हो पाते. डीजीपी के मुताबिक अनुसंधान में पाया गया है कि प्रदेश में बलात्कार के 42 फीसदी प्रकरण झूठे मिले हैं. इनमें आरोप ही प्रमाणित नहीं हुए.

प्रदेश में बढ़ती बलात्कार की घटनाओं के खिलाफ विपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सरकार को आड़े हाथों ले चुकी हैं. आरोप है कि पिछले बरसों में महिलाओं के खिलाफ अपराध और उनमें भी दुष्कर्म की घटनाओं में वृद्धि हुई है. जबकि पुलिस मुख्यालय के मुताबिक बलात्कार के प्रकरणों में वर्ष 2017-18 में 30-33% महिलाओं को अपनी एफआईआर दर्ज कराने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ता था. अब यह आंकड़ा घटकर 15% रह गया है.

दुष्कर्म के मामलों में सिर्फ 0.13% की वृद्धि
महानिदेशक पुलिस एम एल लाठर ने बताया कि राज्य सरकार और राजस्थान पुलिस द्वारा प्रदेश में महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए किये व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं. बलात्कार के मामलों में साल 2019 के मुकाबले इस साल बस 0.13% की ही आंशिक वृद्धि हुई है.

दुष्कर्म पीड़िताओं को मिल रहा है त्वरित न्याय
उन्होंने बताया कि महिलाओं को अब त्वरित न्याय मिल रहा है. पुलिस मुख्यालय ने कुछ मामलों का जिक्र कर बताया कि गत दिनों 5 साल की बच्ची का पिलानी में अपहरण कर बलात्कार हुआ. आरोपी अज्ञात था और बच्ची इतनी छोटी थी कि मुल्जिम का हुलिया भी नहीं बता सकती थी. पुलिस ने 150 अधिकारियों व कर्मियों को नियोजित कर न केवल कुछ ही घंटों में आरोपी की पहचान की,  बल्कि उसे उसी रात गिरफ्तार भी किया. उसके बाद महज 11 दिन में अनुसंधान पूर्ण कर चालान पेश किया. घटना के 26वें दिन ट्रायल पूर्ण करवाकर आरोपी को मृत्यु दण्ड भी दिलवाया.

आरोपी को 7 दिन में आजीवन कारावास
इसी प्रकार चूरू में 4 वर्ष की बच्ची का उसी गांव के आरोपी ने अपहरण कर बलात्कार किया. पुलिस ने उसी दिन आरोपी को गिरफ्तार कर मात्र 4 दिन में कोर्ट में चालान पेश किया और 7 दिन में आजीवन कारावास की सजा दिलवाई. भीलवाड़ा के आसींद में बलात्कार कर हत्या के प्रकरण में मुल्जिम को आजीवन कारावास के दण्ड से दण्डित करवाया.

सीरियल रेपिस्ट जीवाणु को पकड़ा
इसके अलावा जयपुर में एक के बाद एक बलात्कार की blind घटनाओं में शामिल मुल्जिम सिकंदर उर्फ जीवाणु को पुलिस ने चिन्हित कर और गिरफ्तार किया. उसे आजीवन कारावास के दण्ड से दण्डित किया गया. थानागाजी सामूहिक बलात्कार प्रकरण में भी बलात्कार करने वाले 5 अपराधियों को आजीवन कारावास और वीडियो वायरल करने वाले अपराधी को आई.टी. एक्ट में 5 वर्ष के कारावास की सजा करवाई.

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