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Rajasthan: ब्यूरोक्रेट्स के टकराव के कारण सीएम गहलोत के पिछले बजट के 7 संकल्प नहीं चढ़ पाए परवान

मुख्यमंत्री गहलोत ने निरोगी राजस्थान, संपन्न किसान, महिला- बाल और वृद्ध कल्याण, सक्षम मजदूर- छात्र- युवा- जवान, शिक्षा- पानी, बिजली सहित उच्च कौशल एवं तकनीक के संकल्प लिये थे.
मुख्यमंत्री गहलोत ने निरोगी राजस्थान, संपन्न किसान, महिला- बाल और वृद्ध कल्याण, सक्षम मजदूर- छात्र- युवा- जवान, शिक्षा- पानी, बिजली सहित उच्च कौशल एवं तकनीक के संकल्प लिये थे.

Rajasthan budget; सीएम अशोक गहलोत दो दिन बाद राज्य का बजट पेश करेंगे. लेकिन गहलोत के गत बजट में लिये गये सात संकल्प (Seven resolutions) ही अभी तक सिरे नहीं चढ़ पाये हैं. इसके पीछे मुख्य वजह ब्यूरोक्रेट्स (Bureaucrates) की खींचतान बताई जा रही है.

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जयपुर. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत 24 फरवरी को अपने तीसरे कार्यकाल का तीसरा बजट पेश करने जा रहे हैं. पिछले बजट में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य के विकास के लिए 7 संकल्प गिनाए थे. लेकिन मुख्यमंत्री के ये सात संकल्प ब्यूरोक्रेट्स के अहम और टकराव के कारण परवान नहीं चढ़ पाए. सीएम की बजट घोषणाएं समय पर पूरा नहीं होने पर मुख्य सचिव निरंजन आर्य विभागों के सचिवों और अतिरिक्त मुख्य सचिवों से नाराजगी भी जता चुके हैं. ब्यूरोक्रेट्स में अहम और टकराव की प्रमुख वजह निरंजन आर्य को मुख्य सचिव बनाना माना जा रहा है. मुख्यमंत्री ने 9 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को दरकिनार कर निरंजन आर्य को मुख्य सचिव बनाया था. सचिवालय में मात्र दो अतिरिक्त मुख्य सचिव हैं.

घोषणाओं को जमीन पर उतरने का इंतजार
पिछले दो बजट की दर्जनों घोषणायें ऐसे हैं, जिनका प्रदेशवासी जमीन पर उतरने का इंतजार कर रहे हैं. इसकी प्रमुख वजह नौकरशाही का सुस्त रवैया है. ब्यूरोक्रेट्स के ढीले ढाले एवं सुस्त रवैये के कारण बजट की कुछ घोषणाओं का काम काफी धीमी गति से चल रहा है. जबकि कई बजट घोषणाओं को जमीन पर आने का इंतजार है. योजनायें धरातल पर नहीं उतर पाने के कारण आम आदमी को इसका लाभ नहीं मिला. हालांकि कोविड काल में राजस्व कमी भी इसका एक बड़ा कारण रहा है.

काम समय पर नहीं हो पा रहा है
अफसरों की आरामतलबी की वजह से काम समय पर नहीं हो पा रहा है. आलम यह है कि नौकरशाही के रवैये ने विकास-कार्यों की गति बढ़ने नहीं दिया. सरकार की मौजूदा वित्तीय स्थिति को देखते हुए पहले हो चुकी घोषणाओं को ही पूरा कर पाना बड़ी चुनौती है.



सीएम गहलोत के ये थे 7 संकल्प
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 20 फरवरी 2020 को वित्त वर्ष 2020-21 के लिए सात संकल्पों के आधार पर विधानसभा में बजट पेश किया था. गत वर्ष के बजट में मुख्यमंत्री गहलोत ने निरोगी राजस्थान, संपन्न किसान, महिला, बाल और वृद्ध कल्याण, सक्षम मजदूर, छात्र, युवा, जवान, शिक्षा, पानी, बिजली सहित उच्च कौशल एवं तकनीक के संकल्प लिये थे.

इन प्रमुख घोषणाओं पर काम ही शुरू नहीं हुआ
- परकोटे में पेयजल तंत्र की मजबूती पर 165 करोड़ की योजना
- 4 हजार 718 करोड़ देकर अलवर को चंबल परियोजना से जोड़ना
- 15 मिनट में मौके पर पुलिस के मौके पर पहुंचने के लिए अलवर व भरतपुर जिले में पायलट प्रोजेक्ट
- बूंदी में मेडिकल कॉलेज के लिये जमीन आवंटन
- खेतड़ी और उदयपुरवाटी में सीवरेज तंत्र का विकास
- चित्तौड़गढ़ और सवाई माधोपुर में मेडिकल कॉलेज
- मिलावट जांच लैब और फास्ट ट्रेक कोर्ट
- पोकरण में ट्रोमा सेंटर, कृषि मंडी, इंडोर स्टेडियम और ऑडिटोरियम हाल की स्थापना
- प्रतापगढ़ जिले में गर्ल्स कॉलेज का भवन
- उदयपुर में आयड़ नदी का सौंदर्यकरण
- मकराना में राजकीय कॉलेज तथा नावां में कॉमर्स कॉलेज

इन घोषणाओं की काम की गति धीमी
- विधायकों के लिए बहुमंजिला फ्लैट
- जयपुर में जनता क्लिनिक
- ओटीएस में इंदिरा गांधी शोध संस्थान
- प्रताप नगर में कोचिंग हब
- नीमराणा भिवाड़ी में ग्रुप हाउसिंग की विसंगतियां
- बांसवाड़ा में मेडिकल कॉलेज
- भीलवाड़ा में आयुष चिकित्सा भवन तैयार लेकिन चालू नहीं हुआ
- सवाई माधोपुर नादौती मंडरायल परियोजना कार्य
- सिरोही में बत्तीसा वह भैसासिंह पेयजल परियोजना
- सिरोही व आबू रोड में सीवरेज योजना
- जैसलमेर में महाविद्यालय का संचालन लेकिन भवन नहीं
- खेतड़ी में अभ्यारण का विकास
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