अक्षय तृतीया पर होने वाले बाल-विवाहों पर प्रशासन की चौकस नजर, सख्ती से होगी कार्रवाई

राजस्थान में होने वाले कुल विवाहों में 31 फीसदी विवाह बाल-विवाह होते हैं. चिंता की बात ये हैं कि ये आंकड़ा सरकार का है. लेकिन, वास्तविकता इससे भी ज्यादा भयावह है.


Updated: April 17, 2018, 8:57 PM IST
अक्षय तृतीया पर होने वाले बाल-विवाहों पर प्रशासन की चौकस नजर, सख्ती से होगी कार्रवाई
सांकेतिक तस्वीर. (फाइल फोटो)

Updated: April 17, 2018, 8:57 PM IST
आखा तीज पर प्रदेश में बाल विवाह को रोकने की मुहिम जारी रहेगी. महिला एंव बाल विकास विभाग पुलिस और प्रशासन समेत कई स्वयंसेवी संगठन इसको लेकर कमर कस चुके हैं. राजस्थान में होने वाले कुल विवाहों में 31 फीसदी विवाह बाल-विवाह होते हैं. चिंता की बात ये हैं कि ये आंकड़ा सरकार का है. लेकिन, वास्तविकता इससे  भी ज्यादा भयावह है.

राजस्थान में किए गए सरकारी सर्वे के मुताबिक यहां होने वाले कुल विवाहों में 31 फीसदी विवाह बाल विवाह होते हैं. हालांकि महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रयासों से बाल विवाह के मामलों में कमी जरूर आई है. विभाग का दावा है कि 2011 तक राजस्थान में 60 फीसदी विवाह बाल विवाह होते थे. विभाग द्वारा उठाए गए कदमों के बाद इनमें कमी आई है.पिछले साल झालावाड़ और चित्तौड़ जैसी जगहों पर ऐसे माता-पिताओं को गिरफ्तार भी किया गया था. जो अपने नाबालिग बच्चों का विवाह करा रहे थे.

बाल विवाह की रोकथाम को लेकर चलाए जा रहे अभियानों के बारे में जब महिला बाल विकास मंत्री अनिता भदेल से बात की गई तो उन्होंने कि पांच साल में राजस्थान में बाल विवाहों की संख्या में काफी कमी आई है. हमारी कोशिश रहेगी कि आगामी पांच सालों में इस कुप्रथा को जड़ से खत्म कर दिया जाए.

(अरबाज अहमद की रिपोर्ट)
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