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Rajasthan: दौसा के पूर्व SP IPS मनीष अग्रवाल को ACB ने लिया 2 दिन के रिमांड पर

भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर पूर्व में भी विवादित रह चुके मनीष अग्रवाल पिछले काफी समय से एसीबी के राडार पर थे.

भ्रष्टाचार (Corruption) के आरोप में पकड़े गये दौसा के पूर्व पुलिस अधीक्षक मनीष अग्रवाल (IPS Manish Aggarwal) को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Anti-corruption bureau) ने 2 दिन रिमांड पर लिया है.

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जयपुर. भ्रष्टाचार (Corruption) के आरोप में गिरफ्तार किये गये दौसा के पूर्व पुलिस अधीक्षक आईपीएस मनीष अग्रवाल (IPS Manish Aggarwal) को कोर्ट ने दो दिन के रिमांड पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Anti-corruption bureau) को सौंप दिया है. अब ब्यूरो मनीष अग्रवाल से पूछताछ करेगा. मनीष अग्रवाल को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था. उसके बाद एसीबी ने उनके घर पर देर रात तक सर्च अभियान भी चलाया था.

ब्यूरो की टीम ने आरोपी मनीष अग्रवाल को कोर्ट में पेश करने से पहले सेठी कॉलोनी स्थित सेटेलाइट हॉस्पिटल में उनका कोविड-19 और मेडिकल चैकअप करवाया. उसके बाद ब्यूरो की टीम उन्हें लेकर एसीबी की स्पेशल कोर्ट पहुंची. ब्यूरो ने कोर्ट से मनीष अग्रवाल को 2 दिन रिमांड पर सौंपे जाने की मांग की. लंच से पहले कोर्ट में मामले को लेकर बहस हुई. उसके बाद कोर्ट ने आईपीएस मनीष अग्रवाल को दो दिन की रिमांड पर ब्यूरो को सौंप दिया. इस दौरान इस मामले की जांच कर रहे एसीबी के एएसपी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ भी मौजूद रहे.

अग्रवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार के कई मामले हैं
उल्लेखनीय है कि आईपीएस मनीष अग्रवाल पर सड़क निर्माण की 2 कंपनियों से बड़ी मात्रा में घूस लेने और मांगने के अलावा भ्रष्टाचार के कई मामले हैं. अग्रवाल पर आरोप है कि दौसा पुलिस अधीक्षक के पद पर रहते उन्होंने एक सड़क निर्माण कंपनी से 38,00,000 रुपये की घूस मांगी. यह घूस सात महीने के मंथली और एक अन्य केस को रफा-दफा करने की एवज में मांगी गई थी.

पिछले काफी समय से एसीबी के राडार पर थे
भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर पूर्व में भी विवादित रह चुके मनीष अग्रवाल पिछले काफी समय से एसीबी के राडार पर थे. करीब 20 दिन पहले एसीबी ने उनके लिये दलाली करने वाल एक एजेंट को पकड़ा था. बाद में एसीसी ने मनीष अग्रवाल के मोबाइल भी जब्त कर लिये थे. ब्यूरो की टीम ने दोनों की बातचीत के आधार पर सभी सबूत जुटाने के बाद मंगलवार को मनीष अग्रवाल को अपनी गिरफ्त में ले लिया था. मनीष अग्रवाल पर एक और सड़क निर्माण कंपनी से 31 लाख रुपये बतौर रिश्वत वसूलने का आरोप भी है. इसके अलावा पोक्सो एक्ट के एक केस को रफा-दफा करने के लिए 25 लाख रुपये की घूस मांगने के मामले की जांच और चल रही है.
Published by:Sandeep Rathore
First published: