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Rajasthan: अधिवक्ताओं ने कांग्रेस को याद दिलाया चुनावी वादा, बोर्डों और मंचों में मांगी भागीदारी

कांग्रेस के घोषणा-पत्र में आयोगों और मंचों में वकीलों को नियुक्तियां देने का वादा किया गया था. लेकिन अभी तक एक भी आयोग और बोर्ड में वकील की नियुक्ति नहीं की गई है.
कांग्रेस के घोषणा-पत्र में आयोगों और मंचों में वकीलों को नियुक्तियां देने का वादा किया गया था. लेकिन अभी तक एक भी आयोग और बोर्ड में वकील की नियुक्ति नहीं की गई है.

बार काउंसिल ऑफ राजस्थान (Bar Council of Rajasthan) ने प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार को उसका चुनावी वादा याद दिलाते हुये विभिन्न बोर्डों और आयोगों (Commissions and forums) में रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स को नियुक्तियां दिये जाने का विरोध जताया है.

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जयपुर. मुख्य सूचना आयुक्त सहित अन्य आयोगों और बोर्डों में रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स को नियुक्तियां देने का वकीलों (Advocates) ने विरोध शुरू कर दिया है. बार काउंसिल ऑफ राजस्थान ने सूचना आयोग सहित विभिन्न आयोगों और मंचों (Commissions and forums) में वकीलों को नियुक्तियां (Appointments) देने की मांग उठाई है. बार काउंसिल ने प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अजय माकन, सीएम अशोक गहलोत, महासचिव केसी वेणुगोपाल और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को ज्ञापन भेजकर इनमें रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स को नियुक्ति देने पर आपत्ति जताई है.

कांग्रेस के घोषणा-पत्र में विभिन्न बोर्ड और मंचों में अधिवक्ताओं की भागीदारी देने का वादा किया गया था. लिहाजा बार काउंसिल के अध्यक्ष सैयद शाहीद हुसैन और कांग्रेस नेता सुशील शर्मा ने कहा कि आयोगों को रिटायर्ड ब्यूरोक्रेटस का स्वर्ग बनाना गलत है. कांग्रेस के घोषणा-पत्र में आयोगों और मंचों में वकीलों को नियुक्तियां देने का वादा किया गया था. अभी तक एक भी आयोग और बोर्ड में वकील की नियुक्ति नहीं की गई है. घोषणा-पत्र में किए गए वादे को पूरा किया जाना चाहिए.

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रेरा और सूचना आयोग में एक भी वकील की नियुक्ति नहीं होना गलत
बार काउंसिल के ज्ञापन में कहा गया है कि हाल ही में राज्य सरकार ने राजस्थान लोक सेवा आयोग और रियल एस्टेट रेगुलेटरी एक्ट (रेरा) में नए सदस्यों की नियुक्तियां की है. इनमें एक भी अधिवक्ता को नियुक्त नहीं किया गया है. तीन पदों पर सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारियों को नियुक्तियां दी जा चुकी है. यह गलत है. सूचना आयोग में एक मुख्य सूचना आयुक्त और चार अन्य पद स्वीकृत हैं. उनको आज तक केवल रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स से ही भरा जा रहा है. यह भी अनुचित है. अभी दो पदों पर रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स को नियुक्ति दी गई है. अब बाकी के अन्य तीन पदों को अधिवक्ता और अन्य वर्गों से भरा जाना चाहिए.

रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स की जगह वकील को बनाया जाए सूचना आयुक्त
ज्ञापन के मुताबिक मुख्य सूचना आयुक्त के पद को भरने के लिए पिछले करीब एक वर्ष से प्रशासनिक सुधार विभाग की ओर से 6 बार आवेदन की तिथि बढ़ाई जा चुकी है. राजस्थान सूचना आयोग और अन्य महत्वपूर्ण आयोगों में विधिक बिन्दुओं को ध्यान में रखकर प्रकरणों का निस्तारण करना होता है. अधिवक्ता कानून पर पकड़ रखते हैं. इसलिए इन पदों पर न्याय और जनहित में अधिवक्ताओं को नियुक्त किया जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट भी निर्देश दे चुका है कि एक्ट की भावना के अनुसार सूचना आयोग और अन्य महत्वपूर्ण आयोगों में सेवारत और सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारियों की बजाय वकीलों को नियुक्ति का अवसर देना चाहिए.
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