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Explained: गहलोत-पायलट गुट फिर आमने-सामने, क्या मंत्रिमंडल विस्तार पर असर पड़ेगा?

जयपुर जिला प्रमुख के चुनाव में कांग्रेस की हार को लेकर पायलट गुट और गहलोत गुट में फिर तकरार बढ़ी.

जयपुर जिला प्रमुख के चुनाव में कांग्रेस की हार को लेकर पायलट गुट और गहलोत गुट में फिर तकरार बढ़ी.

Gehlot Vs Sachin Politics : राजनीतिक नियुक्तियां और मंत्रिमंडल विस्तार पहले से ही अटका हुआ है. इस बीच मुख्यमंत्री का स्वास्थ्य भी खराब हो गया. रही-सही कसर जिला प्रमुख चुनाव में क्रॉस वोटिंग ने पूरी कर दी है. इसके चलते मंत्रिमंडल विस्तार पर असर पड़ेगा.

  • News18Hindi
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    जयपुर. कांग्रेस और कलह जैसे एक-दूसरे के पर्यायवाची बन गए लगते हैं. एक सियासी संकट (Political crisis)  थमने का नाम लेता है तो आपसी अंतर्कलह (Dispute) के चलते दूसरा राजनीतिक तूफान सामने आ जाता है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok gehlot) और सचिन पायलट गुटों के मतभेद इस बार जिला परिषद चुनावों में मुखर हुए हैं. बहुमत के बावजूद जयपुर जिला परिषद चुनाव में कांग्रेस की हार क्रॉस वोटिंग का नतीजा है. गहलोत समर्थकों का आरोप है कि क्रॉस वोटिंग पायलट (Sachin Pilot) समर्थकों ने कराई है.

    इन सियासी आरोप प्रत्यारोप के बीच कांग्रेस एक बार फिर से सालभर पहले वाले सियासी संकट के मुहाने पर खड़ी नजर आ रही है. पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के समर्थक वेद प्रकाश सोलंकी पर कांग्रेस के खिलाफ क्रॉस वोटिंग करवाकर भाजपा को जितवाने का आरोप है.

    क्रॉस वोटिंग की लिखित शिकायत पार्टी को

    जयपुर पर्यवेक्षक पूर्व पीसीसी महासचिव मुमताज मसीह ने आरोप लगाया है कि वेद सोलंकी ने पार्टी के साथ धोखेबाजी की है और इसकी लिखित रिपोर्ट वे पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा को सौंपी है. क्रॉस वोटिंग को लेकर बीते 24 घंटों में कांग्रेस में गहलाेत ओर पायलट कैंप की तरफ से एक-दूसरे पर तीखे हमले किए जा रहे हैं.

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    गहलोत-पायलट गुट परस्पर बोल रहे जवाबी हमला

    दरअसल, दोनों ही गुट कोई मौका छोड़ना नहीं चाहते. पहले कोरोना काल में सियासी बाड़ेबंदी के बाद से दोनों गुटों के नेताओं के बीच खाई और बढ़ी है. कांग्रेस हाईकमान के दूतों ने इसे पाटने की कोशिश की है, लेकिन उन्हें पूरी सफलता नहीं मिल पा रही. परस्पर हमलों का दौर जारी है. पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और युवा एवं खेल मंत्री अशोक चांदना ने बयान दिया. इसके बाद पायलट समर्थक इंद्रराज गुर्जर और रामनिवास गावड़िया ने जवाबी हमला बोला.

    कुछ ‘जयचंद’ बीजेपी के हाथ बिके हुए हैं : चांदना

    गहलोत सरकार में खेल मंत्री अशोक चांदना ने कहा कि कुछ ‘जयचंद’ बीजेपी के हाथ बिके हुए हैं. कांग्रेस में रहकर बीजेपी का काम कर रहे हैं. ये लोग रह तो कांग्रेस में रहे हैं, लेकिन काम बीजेपी का कर रहे हैं. ये पहले कोरोनाकाल में ही बीजेपी के हाथ बिक गए हैं. आलाकमान और मुख्यमंत्री ने एक साल पहले ‘फॉरगेट एंड फॉरगिव’ पॉलिसी के तहत बड़ा दिल रखकर सबका स्वागत किया. उसके बाद भी अगर इस तरह की धोखाधड़ी पार्टी के साथ होती है तो निश्चित रूप से तक शिकायत जाएगी.

    पायलट समर्थक इंद्रराज ने पूछा- जैसलमेर में जयचंद कौन था

    खेलमंत्री अशोक चांदना के हमले के बाद पायलट समर्थक भी कहां पीछे रहने वाले थे. विराट नगर विधायक और सचिन समर्थक इंद्रराज गुर्जर ने कहा कि जैसलमेर में कांग्रेस का बहुमत होने के बाद भी जिला प्रमुख क्यों नहीं बन पाया और क्रॉस वोटिंग हुई थी उस समय जयचंद कौन था ? इसका जवाब खेल मंत्री अशोक चांदना को जरूर देना चाहिए.

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    क्रॉस वोटिंग के बाद बयानबाजी से मंत्रिमंडल विस्तार लटकना तय

    जोशी-राठौड़ का रिश्ता क्या कहलाता है : गावड़िया

    इतना ही नहीं पायलट समर्थक एक और विधायक ने भी हमला बोला. विधायक रामनिवास गावड़िया ने कहा-अगर क्रॉस वोटिंग ही करवानी होती तो अन्य जगहों भी करवा सकते थे. रही बात जयचंद की तो जो महेश जोशी परिणाम से 5 मिनट पहले राजेंद्र राठौड़ पर हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगा रहे थे. वे उन्हीं की गाड़ी में बैठकर गए. ये रिश्ता क्या कहलाता है?

    सोलंकी बोले-सचिन काे बदनाम करने की साजिश

    वेद प्रकाश सोलंकी ने खुद पर लगे आरोपों को गलत बताया है. उन्होंने कहा कि स्थानीय कांग्रेस नेता गड़बड़ी करेंगे, इस बारे में पहले ही प्रदेशाध्यक्ष को अवगत करा दिया था. फिर भी संगठन ने कोई कदम नहीं उठाया. अब उन्हें जिम्मेदार ठहराना गलत है. बाकी जिलों में भी क्रॉस वोटिंग हुई है. यह महज पायलट काे बदनाम करने की साजिश है. काबिले गौर है कि जिला प्रमुख चुनाव में बगावत करने वाले दोनों जिला परिषद सदस्यों को सचिन पायलट समर्थक विधायक वेद प्रकाश सोलंकी के कहने पर टिकट दिए थे.

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