Jaipur: निकाय चुनाव की हार की समीक्षा के बाद BJP पूर्वी राजस्थान में करेगी आमूलचूल परिवर्तन

प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि अब पार्टी का फोकस है कि हार वाले स्थानों पर राजनैतिक और संगठनात्मक जमीन तैयार की जाए.

प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि अब पार्टी का फोकस है कि हार वाले स्थानों पर राजनैतिक और संगठनात्मक जमीन तैयार की जाए.

पूर्वी राजस्थान में निकाय चुनाव में हार के बाद बीजेपी (BJP) अब वहां पर विशेष फोकस करेगी. पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि वहां सोशल इंजीनियरिंग (Social engineering) को मजबूत किया जायेगा.

  • Share this:

जयपुर. हाल ही में हुये 50 स्थानीय निकाय चुनावों (Local body elections) में पूर्वी राजस्थान में बुरी तरह से पिट चुकी बीजेपी (BJP) अब वहां सोशल इंजिनियरिंग (Social engineering) पर जोर देगी. बीजेपी वहां अपने आप को कुछ वर्गों में सामाजिक तौर पर कमजोर मान रही है. लिहाजा पार्टी का कहना है कि वहां नेतृत्व को तैयार करने के लिये ऊर्जावान लोगों को आगे लाने की कोशिश की जाएगी. पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि वहां योजनाबद्ध तरीके से पार्टी को मजबूत किया जाएगा.

स्थानीय निकाय चुनाव में बीजेपी को पूर्वी राजस्थान में बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा है. पूर्वी राजस्थान के दौसा, सवाई माधोपुर, धौलपुर, भरतपुर, करौली और बारां में अत्यन्त कमजोर प्रदर्शन ने पार्टी के बड़े नेताओं को मैराथन बैठकें करने को मजबूर कर दिया है। पार्टी ने हारने वाले स्थानों से सीक्रेट रिपोर्ट मंगवाई है. बीजेपी अब मान रही है कि पूर्वी राजस्थान के हालात की गंभीरता से समीक्षा की जानी चाहिये.

Rajasthan: निकाय चुनावों में BJP की बुरी हार, 5 से 6 जिलाध्यक्षों की हो सकती है छुट्टी

पूर्णकालीक कार्यकर्ताओं की टीम तैयार की जाएगी
प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि अब पार्टी का फोकस है कि हार वाले स्थानों पर राजनैतिक और संगठनात्मक जमीन तैयार की जाए. पूनिया ने संकेत दिए हैं कि इन इलाकों में पूर्णकालीक कार्यकर्ताओं की टीम तैयार की जाएगी. पूनिया ने माना कि पूर्वी राजस्थान में बूथ इकाइयों और राजनैतिक गतिविधियों समेत राजनैतिक मुद्दों पर काम करने की आवश्यकता है. पूर्वी राजस्थान का एक अपना मिजाज रहा है. वहा संगठन और राजनैतिक तौर पर निर्दलीयों का ज्यादा दबदबा रहता है. पूनिया ने ऐलान किया कि पूर्वी राजस्थान के लिये एक एक्शन प्लान  तैयार किया जा रहा है ताकि एक अच्छी टीम का गठन हो.

91 और निकायों में जल्द ही चुनाव होने वाले हैं

दरअसल पूर्वी राजस्थान के  दौसा, सवाई माधोपुर, धौलपुर, भरतपुर, बारां और करौली में 32 निकाय आते हैं. हाल ही में 50 निकायों में हुये चुनाव में पार्टी इन 32 निकायों में सबसे बुरी तरह से पिछड़ी है. लिहाजा बीजेपी अब इस क्षेत्र में सोशल इंजीनियरिंग को मजबूत करेगी. बहरहाल हार से घबराई की बीजेपी की प्रदेश इकाई अब आगामी चुनावों के लिहाज से फिर सक्रिय हो गई है. प्रदेश के 21 जिलों के 91 निकायों में जल्द ही चुनाव होने वाले हैं. पार्टी आगामी चुनावों में पिछली हार की भरपायी करने की भी कोशिश करेगी.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज