अंबेडकर जयंती : केन्द्रीय राज्यमंत्री अर्जुन मेघवाल ने सीएम गहलोत को दी नसीहत, जानिये क्या कुछ कहा ?

मेघवाल ने कहा कि अशोक गहलोत सरकार के मंत्री किस तरह से बात करते हैं. जनता हो या शिक्षक हो सरकार उनके साथ व्यवहार ठीक नहीं कर रही है.

मेघवाल ने कहा कि अशोक गहलोत सरकार के मंत्री किस तरह से बात करते हैं. जनता हो या शिक्षक हो सरकार उनके साथ व्यवहार ठीक नहीं कर रही है.

Arjun Ram Meghwal Vs Ashok Gehlot : अंबेडकर जयंती के मौके पर आज केन्द्रीय राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने दलित जनप्रतिनिधियों के मान सम्मान के मुद्दे को लेकर राजस्थान की अशाेक गहलोत सरकार पर जमकर हमला बोला.

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जयपुर. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की 130वी जयंती (Ambedkar Jayanti) पर केन्द्रीय संसदीय कार्य राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल (Arjun Ram Meghwal) ने राजस्थान सरकार पर कई सवाल खड़े किए हैं. कुछ दिनों पहले राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) के ऊपर कांग्रेस पार्टी के ही कुछ विधायकों ने इस बात का आरोप लगाया था कि इस सरकार में दलित और पिछड़े वर्ग की बात सुनने वाला कोई नहीं है.

केन्द्रीय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने अंबेडकर की जयंती के मौके पर आज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को नसीहत देते हुए कहा कि वे सबसे पहले गांव और दूरदराज के क्षेत्रों से चुने गए आदिवासी, अनुसूचित जाति, जनजाति और दलित वर्ग के जो विधायक हैं उनके ऊपर ध्यान दें. उसके बाद बाबा साहब की जयंती मनाएं.

दलित विधायकों को फटकार लगाते हैं

मेघवाल बोले अंबेडकर ने स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे की बात की थी. लेकिन आज राजस्थान में जब दलित वर्ग, अनुसूचित जाति जनजाति और आदिवासी वर्ग से चुने हुए विधायक प्रदेश सरकार के मंत्री के पास जाते हैं तो वे उनसे मिलना पसंद नहीं करते हैं. अगर कोई मिल भी लिया तो उन्हें फटकार लगाते हैं. जिस तरह से उनकी उपेक्षा होती है वह उचित नहीं है.
मेघवाल ने शिक्षा राज्मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा को घेरा

राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष और शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा की तरफ से शिक्षकों के साथ किए गए व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए मेघवाल ने कहा कि अशोक गहलोत की सरकार ने आज तक नौकरी तो दी नहीं है. जब शिक्षकों का एक संगठन शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा से मिलने गया तो शिक्षकों से पूछा कि आपको नौकरी किसने दी. आप क्या छुट्टी लेकर के मिलने आए हैं. आपकी हिम्मत कैसे हुई कि आप मंत्री से मिलने चले आए. जब शिक्षकों ने निवेदन किया कि एक बार बात तो सुन लीजिए तो गोविंद सिंह डोटासरा का कहना था यह 'नाथी का बाड़ा है क्या' ?

प्रदेश की जनता देख रही है



शिक्षकों का इस तरह का अपमान कोई भी बर्दाश्त नहीं करेगा. प्रदेश की जनता देख रही है. अशोक गहलोत सरकार के मंत्री किस तरह से बात करते हैं. जनता हो या शिक्षक हो सरकार उनके साथ व्यवहार ठीक नहीं कर रही है. प्रदेश में तीन सीटों पर हो रहे उपचुनाव में राजस्थान की जनता शिक्षकों के अपमान का बदला कांग्रेस से लेगी.
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