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अन्नपूर्णा दूध योजना शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बना राजस्थान

बच्चों को दूध पिलाकर योजना का शुभारंभ करती सीएम राजे। फोटो: न्यूज18 राजस्थान

बच्चों को दूध पिलाकर योजना का शुभारंभ करती सीएम राजे। फोटो: न्यूज18 राजस्थान

प्रदेश के सभी 66 हजार 506 स्कूलों के 62 लाख से अधिक बच्चों को मीड-डे-मिल योजना के तहत दूध पिलाया जाएगा.

    नवाचारों की कड़ी में वसुंधरा सरकार ने बडी छलांग लगाई हैं. राजस्थान स्कूलों में बच्चों के पोषण के लिए अन्नपूर्णा दूध योजना शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है. मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सोमवार को बच्चों को दूध पिलाकर इसकी शुरूआत की है. अब प्रदेश के सभी 66 हजार 506 स्कूलों के 62 लाख से अधिक बच्चों को मीड-डे-मिल योजना के तहत दूध पिलाया जाएगा. इनमें स्कूलों, मदरसों, स्पेशल ट्रेनिंग सेंटर्स में कक्षा 1 से 8 वीं तक के बच्चों को सप्ताह में 3 दिन ताजा दूध वितरित किया जाएगा.

    राजधानी के पास दहमी कलां गांव में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने स्कूली बच्चों को दूध पिलाकर इसका शुभारंभ किया. प्रदेश के सभी जिलों में जिला प्रभारी मंत्रियों और ब्लॉक स्तर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस योजना का आगाज किया. मिड-डे-मिल योजना के तहत सरकारी स्कूलों के बच्चों को दूध पिलाने वाला राजस्थान अब देश का पहला राज्य बन गया है. योजना के तहत हर सप्ताह तीन दिन स्कूलों में बच्चों को दूध पिलाया जाएगा.

    मां को अपने बच्चों की सेहत की चिंता हमेशा रहती है
    राज्यस्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा की एक मां को अपने बच्चों की सेहत की हमेशा चिंता रहती है. ऐसे में बच्चों की सेहत के लिए राज्य सरकार ने यह कदम उठाया है. उन्होंने बताया की महिला दुग्ध समितियां दुग्ध उपलब्ध कराएंगी. राजे ने बताया की कई बच्चों को दूध पसंद नहीं होता है. ऐसे में आने वाले समय में दूध में फ्लेवर्स भी शामिल किए जाएंगे ताकि जो बच्चे दूध पंसद नहीं करते हैं वे भी दूध पिया करेंगे. इसके लिए भामाशाहों का सहयोग लिया जाएगा.

    स्कूलों में दूध की गुणवत्ता की जांच भी होगी
    शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने बताया की बच्चों के लिए दुध की उपलब्धता के लिए शहरों में डेयरियों से तो ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सहकारी दूध समतियों से दूध लिया जाएगा. उन्होंने बताया की सभी स्कूलों में दूध की गुणवत्ता की जांच भी की जाएगी. स्कूलों में बच्चों को दूध पिलाने की राज्य सरकार की योजना कई मायनों काफी बड़ी योजना है. इस योजना के चलते एक ओर जहां सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को कुपोषण से मुक्ति मिलेगी तो वहीं स्कूलों में ड्रॉप आउट रेट भी कम हो सकेगी.

    (रिपोर्ट: दिनेश शर्मा एवं सौरभ गृहस्थी)

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    Tags: Jaipur news, Rajasthan news

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