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नागरिकता कानून पर मचे बबाल को लेकर राजस्थान के CM ने देर रात अधिकारियों की बुलाई मीटिंग

News18Hindi
Updated: December 16, 2019, 1:16 AM IST
नागरिकता कानून पर मचे बबाल को लेकर राजस्थान के CM ने देर रात अधिकारियों की बुलाई मीटिंग
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य के शीर्ष अधिकारियों की बैठक की.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Chief Minister Ashok Gehlot) ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था (Law and order) को बनाए रखने के लिए सभी पुलिस अधीक्षकों को एडवाइजरी जारी कर सतर्क रहने के लिए कहा है.

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  • Last Updated: December 16, 2019, 1:16 AM IST
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जयपुर. नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) को लेकर कई राज्यों में हिंसा के बाद राजस्थान (Rajasthan) के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य के शीर्ष अधिकारियों की बैठक की. मुख्यमंत्री ने सभी पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक एडवाइजरी जारी कर एहतियात बरतने के निर्देश दिए. इस संबंध में मुख्यमंत्री ने कई ट्वीट किये हैं.

मुख्यमंत्री ने राज्य में कानून-व्यवस्था की समीक्षा कर पुलिस अधिकारियों को माफिया एवं संगठित अपराधों के खिलाफ अभियान चलाने के लिए कहा. पुलिस की सभी विंग को माफियाओं के खिलाफ सूचनाएं साझा करने के लिए कहा गया है.

साथ ही फर्जी एवं भ्रामक विज्ञापनों के जरिए आमजन को अपने जाल में फंसाने वाले विज्ञापनदाताओं के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. पुलिस को जिलावार सर्वे करा ऐसे माफियाओं को चिन्हित करने और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा गया है. सीएम ने कहा कि इससे आमजन में पुलिस एवं कानून-व्यवस्था के प्रति विश्वास बढ़ेगा और उन्हें अपराध नियंत्रण में सहयोग भी मिलेगा.

माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश
जमीन, खनन, शराब, मादक पदार्थों, बजरी,बकाया पैसे की वसूली सहित सभी प्रकार के माफिया पर अंकुश लगाने के लिए पब्लिक इनफो को प्रोत्साहित करने पर बल देने के लिए कहा गया है, जिससे कि आमजन से पुख्ता सूचनाएं मिले. इससे माफिया पर लगाम कसने में आसानी होगी. सरकार ने माफियाओं से मिलीभगत करने वाले पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं.

भ्रामक विज्ञापन करने वालों पर कार्रवाई के आदेश
आमतौर पर देखा जाता है कि युवा एवं अन्य लोग समाचार पत्रों, पत्रिकाओं और विभिन्न चैनल्स पर स्वास्थ्य से संबंधित भ्रामक विज्ञापनों के चक्कर में फंसकर आर्थिक नुकसान के साथ-साथ शारीरिक समस्याओं का शिकार हो जाते हैं. ऐसे विज्ञापनों के जरिए आमजन को गुमराह करने वाले ठगों पर कार्रवाई के लिए अगर नए कानून की आवश्यकता है तो और बनाये जाएं. कुछ समाचार पत्र जनहित में ऐसे भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित नहीं करते हैं, उनकी ऐसी पहल सराहनीय है. ब्लैकमेलिंग किसी के साथ किसी भी तरह की हो, बर्दाश्त नहीं की जाएगी.



एसओजी, एटीएस और क्राइम ब्रांच में भी एसीबी की तरह ही इंसेंटिव स्कीम के तहत एक हायर पोस्ट पर पदस्थापित कर प्रोफेशनल एप्रोच रखने वाले अधिकारियों एवं कार्मिकों को लगाने के आदेश दिए हैं. इससे ये विंग और बेहतर ढंग से कार्य कर सकेगी.

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First published: December 16, 2019, 1:16 AM IST
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