ANALYSIS: अशोक गहलोत अध्यक्ष बने तो कांग्रेस में आएगा कितना बदलाव?

राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत के कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने की अटलकों के बीच सवाल यह उठ रहा है कि अध्यक्ष पद गांधी परिवार के बाहर जाने पर पार्टी में क्या बदलाव आएगा?

Anil Rai | News18 Rajasthan
Updated: June 20, 2019, 9:07 PM IST
ANALYSIS: अशोक गहलोत अध्यक्ष बने तो कांग्रेस में आएगा कितना बदलाव?
राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा है
Anil Rai
Anil Rai | News18 Rajasthan
Updated: June 20, 2019, 9:07 PM IST
राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत के कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने की अटकलों के बीच सवाल यह उठ रहा है कि कांग्रेस का अध्यक्ष पद गांधी परिवार के बाहर जाने पर पार्टी में क्या बदलाव आएगा? यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या अशोक गहलोत के अध्यक्ष बनाए जाने से कांग्रेस गांधी परिवार के साये से बाहर निकल पाएगी. राहुल गांधी, प्रियकां गांधी के कांग्रेस वर्किंग कमेटी में रहते हुए अशोक गहलोत कोई बड़ा फैसला ले पाएंगे?

दरअसल, यह सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि एक-दो मौकों को छोड़ दें तो कांग्रेस पार्टी को हमेशा नेहरू-गांधी परिवार के नेतृत्व में रहने की आदत है. इंदिरा गांधी के रहते हुए कुछ समय तक लाल बहादुर शास्त्री के नेतृत्व वाली सरकार को छोड़ दें तो आजादी के बाद से नेहरू-गांधी परिवार के किसी शख्स ने कांग्रेस या सरकार में किसी दूसरे नेता के नेतृत्व में नंबर-2 पर काम नहीं किया है.

फिर राहुल और प्रियंका की क्या होगी भूमिका

ऐसे में सवाल ये उठता है कि आखिर अशोक गहलोत को कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने के बाद राहुल गांधी की क्या भूमिका होगी? इस सवाल को लेकर भी अटकलों का दौर जारी है. कुछ सूत्र ये दावा कर रहे हैं कि राहुल गांधी बिना किसी पद के काम करते रहेंगे लेकिन क्या बिना पद के काम कर रहे राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष का कद बड़ा हो पाएगा? राहुल गांधी के समर्थन में खड़े कुछ नेता राहुल गांधी को यूपीए का चेयरपर्सन बनाए जाने की बात भी कह रहे हैं. हालांकि यूपीए चेयरपर्सन बनाने का फैसला सहयोगी दलों से पूछकर ही लिया जाएगा.

प्रियंका गांधी वॉड्रा फिलहाल पार्टी की महासचिव के रूप में काम कर रही हैं. अब गहलोत की इस भूमिका में आने के बाद क्या प्रियंका गांधी पार्टी की सत्ता का दूसरा केंद्र बनकर उभर पाएंगी?

क्यों है गहलोत अध्यक्ष पद के सबसे मजबूत दावेदार

अशोक गहलोत को करीब से जानने वाले यह मानते हैं कि गहलोत गांधी परिवार और पार्टी में तालमेल रखने में सक्षम हैं. गहलोत गांधी परिवार के करीबी होने के साथ ही संगठन के पुराने और अनुभवी नेता हैं. उन्हें कांग्रेस को कर्नाटक और मध्यप्रदेश चुनाव जिताने का श्रेय भी दिया जाता है. यही वजह है कि उन्हें कांग्रेस के अध्यक्ष पद का सबसे मजबूत उम्मीदवार माना जा रहा है. इस साल के अंत में कई राज्यों में चुनाव होने वाले हैं इसलिए अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी को निभाना उनके लिए बहुत चुनौतियों से भरा होगा.
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First published: June 20, 2019, 7:40 PM IST
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