गहलोत कैबिनेट का अहम फैसला, अब सरकार घर-घर जाकर बांटेगी एक करोड़ मास्क

राजस्थान सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. ( कॉन्सेप्ट इमेज).
राजस्थान सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. ( कॉन्सेप्ट इमेज).

सभी मंत्री और विधायकों (MLA) को अपने जिलों और विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करने के निर्देश दिए गए हैं. 

  • Share this:
जयपुर. कोरोना (COVID-19) की रोकथाम और जागरूकता को लेकर 2 अक्टूबर से  सरकार का जन आंदोलन  अभियान शुरू होगा. अभियान की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने बुधवार को मंत्री परिषद की  बैठक की. मुख्यमंत्री आवास पर शुरू हुई बैठक में कैबिनेट और राज्यमंत्री शामिल हुए. बैठक में अभियान के दौरान प्रदेश में एक करोड़ मास्क का वितरण करने का निर्णय लिया गया. जन प्रतिनिधि घर-घर जाकर मास्क वितरण करेंगे. इसके लिए तीन और चार अक्टूबर को सभी मंत्री और विधायक अपने जिलों और विधानसभा के दौरे पर रहेंगे. साथ ही घर-घर जाकर लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जागरूक किया जाएगा.



अभियान को आंदोलन का रूप दिया


मुख्यमंत्री ने कोरोना जागरूकता अभियान को अब आंदोलन का रूप देने पर जोर दिया. कोरोना जागरूकता आंदोलन को लेकर सरकार में पूरा होम वर्क भी हो चुका है और अब इसे मंत्रिपरिषद की बैठक में रखा गया है. मंत्रिपरिषद के साथ चर्चा के बाद इस कोरोना जागरूकता आंदोलन पर मुहर लग गई है और शीघ्र ही इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा.




सख्ती और गांधीगिरी से कराई जाएगी पालना


सूत्रों की मानें तो कोरोना जागरूकता आंदोलन के जरिए कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालना कराई जाएगी. मास्क पहनने, हाथों को सेनेटाइज करने और सामाजिक दूरी पर विशेष फोकस रहेगा. कोरोना जागरूकता आंदोलन से कार्मिकों, स्वयंसेवी संगठनों के लोग, वॉलियंटर्स को इस काम में लगाया जाएगा जो गली-गली जाकर लोगों को कोरोना को लेकर जागरुक करेंगे.





गहलोत सरकार का बड़ा फैसला




वहीं, अशोक गहलोत सरकार ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और अहम कदम बढ़ाया है. महिलाओं को सशक्त करने के दृष्टिकोण से राज्य में अब सार्वजनिक वितरण प्रणाली के आउटलेट्स में उन्हें 30 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा. कुल आउटलेट्स में से 30 फीसदी महिलाओं को आवंटित किये जायेंगे. पीडीएस के नए आउटलेट में इस प्रावधान को लागू किया जायेगा. सीएम अशोक गहलोत ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. सीएम गहलोत के इस फैसले से महिलाओं के लिये रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.

इसके साथ ही सीएम गहलोत ने सहयोग-उपहार योजना में 11 करोड़ का अतिरिक्त बजट भी मंजूर किया है. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की इस योजना के तहत बेटी के विवाह पर जरुरतमंद परिवार को राज्य सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाती है. इस योजना में जरुरतमंद परिवार को बेटी की शादी में 21 से 31 हजार रुपए की सहायता देने का प्रावधान है. इसमें बीपीएल, अन्त्योदय, आस्था कार्डधारी परिवार, विशेष योग्यजन व्यक्तियों, पालनहार योजना की लाभार्थी और महिला खिलाड़ियों सहित आर्थिक दृष्टि से कमजोर विधवा महिलाओं की 18 वर्ष या इससे ज्यादा उम्र की पुत्रियों के विवाह पर हथलेवा राशि के रूप में 21 हजार से लेकर 31 हजार रुपए तक की आर्थिक सहायता दी जाती है.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज