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सोनिया गांधी से नहीं बनी अशोक गहलोत की बात, अब लगाई मोदी सरकार से गुहार, जानें पूरा मामला

सोनिया गांधी से नहीं बनी अशोक गहलोत की बात, अब लगाई मोदी सरकार से गुहार, जानें पूरा मामला

सोनिया गांधी से बात नहीं बनने पर अशोक गहलोत सरकार की ओर से नरेन्द्र मोदी सरकार को पत्र लिखा गया है.

सोनिया गांधी से बात नहीं बनने पर अशोक गहलोत सरकार की ओर से नरेन्द्र मोदी सरकार को पत्र लिखा गया है.

Rajasthan News: राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार की ओर से केन्द्र नरेन्द्र मोदी सरकार को पत्र लिखा गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ में आवंटित परसा कोल खदान में दूसरे चरण की खनन की अनुमति दिलाने की मांग की गई है. इससे पहले छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल से स्वीकृति प्रदान कराने के लिए अशोक गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखा था, लेकिन वहां से बात नहीं बनी. इसके बाद अब मोदी सरकार को पत्र लिखा गया है.

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अनूप कुमार गुप्ता
जयपुर. राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार से गुहार लगाई है. अशोक गहलोत सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने केन्द्र सरकार को पत्र लिख मांग की है कि छत्तीसगढ़ में उसे आवंटित कोल ब्लॉक में खनन की अनुमति दिलवा दी जाए. इससे पहले राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल को मनाने के लिए कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी पत्र लिखा था पर कोई हल नहीं निकला. इसके बाद केंद्र सरकार से संपर्क साधा गया है. सोनिया गांधी से समाधान नहीं होने के बाद राजस्थान सरकार ने केंद्र से अशोक गहलोत सरकार ने गुहार लगाई है.

राजस्थान ने परसा ईस्ट एंड कांते बेसिन (पीईकेबी) ब्लॉक में अगले चरण के कोयला खनन के लिए छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल से मंजूरी दिलाने को लेकर अब केंद्र से गुहार लगाई है. राजस्थान में ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल ने 31 दिसंबर को जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव आरपी गुप्ता को छत्तीसगढ़ सरकार से पीईकेबी ब्लॉक के विस्तार के लिए जमीन आवंटन और जरूरी मंजूरियां दिलाने को पत्र लिखा है. इसमें राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की थर्मल इकाइयों से सहज बिजली उत्पादन के लिए पीईकेबी ब्लॉक में 1136 हेक्टेयर जमीन मिलना जरूरी है.

छत्तीसगढ़ सरकार से अटकी हैं स्वीकृतियां
बता दें कि बीते माह ही केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की एक समिति ने छत्तीसगढ़ में राजस्थान की परसा ईस्ट एंड कांते बेसिन कोयला खनन के दूसरे चरण को पर्यावरण मंजूरी दी थी. लेकिन भूपेश बघेल ने जरूरी स्वीकृतियां अटका रखी हैं. गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ परस ब्लॉक में खनन की मंजूरी के विरोध में वहां के आदिवासी प्रदर्शन कर रहे हैं. आदिवासी, ग्रामीणों की मांग है कि खनन की मंजूरी पर रोक लगा दी जाए. क्योंकि यदि खनन की अनुमति मिलती है तो उससे क्षेत्र के लोग प्रभावित होंगे.

Tags: Ashok gehlot news, Coal mining

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