गहलोत सरकार ने बदला राज्य प्रशासनिक सेवा का चेहरा, 237 RAS अधिकारियों के तबादले

स्थानीय निकाय एवं पंचायत चुनाव (Local Body and Panchayat Elections) से पूर्व गहलोत सरकार (Gehlot Government) ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा (Rajasthan Administrative Service) के बेड़े में बड़ा बदलाव करते हुए शुक्रवार को 237 आरएएस (RAS officers) अधिकारियों के तबादले (Transfer) कर दिए हैं.

Prem Meena | News18 Rajasthan
Updated: September 13, 2019, 8:22 PM IST
गहलोत सरकार ने बदला राज्य प्रशासनिक सेवा का चेहरा, 237 RAS अधिकारियों के तबादले
स्थानीय निकाय एवं पंचायत चुनाव से पूर्व गहलोत सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा के बेड़े में बड़ा बदलाव करते हुए शुक्रवार को 237 आरएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं. फाइल फोटो
Prem Meena | News18 Rajasthan
Updated: September 13, 2019, 8:22 PM IST
जयपुर. स्थानीय निकाय एवं पंचायत चुनाव (Local Body and Panchayat Elections) से पूर्व गहलोत सरकार (Gehlot Government) ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा (Rajasthan Administrative Service) के बेड़े में बड़ा बदलाव करते हुए शुक्रवार को 237 आरएएस अधिकारियों के तबादले (Transfer) कर दिए हैं. सरकार ने ब्यूरोक्रेसी में बड़ा बदलाव करते 68 एसडीएम भी बदल दिए हैं. तबादला सूची में विधायकों (MLAs) और अन्य जनप्रतिनिधियों की डिजायर (Desire) का प्रमुखता से ध्यान रखा गया है. सरकार ने विधायकों की डिजायर के आधार पर ही ब्यूरोक्रेसी (Bureaucracy) में बड़ा फेरबदल किया है.

RTS सेवा के 37 अधिकारियों को मिला प्रमोशन का तोहफा
माना जा रहा है कि ये अधिकारी गहलोत सरकार के सुशासन के एजेंडे को जमीनी धरातल पर उतारने में विफल रहे हैं. लोकसभा चुनाव से पूर्व बदले गए अधिकारी भी सरकार ने बदल दिए हैं. राज्य के कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार आरटीएस सेवा के 37 अधिकारियों को आरएएस सेवा में प्रमोशन का तोहफा देते हुए उन्हें नियुक्तियां दी गई हैं. आरएएस कैलाशचंद रैगर का तबादला निरस्त कर दिया गया है, वहीं भंवरलाल कसौटिया को एपीओ कर दिया गया है. आरएएस नखतदान बारहट को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.

तीन दिन पहले ही लगाई थी तबादलों पर रोक

राज्य सरकार ने 3 दिन पहले मंगलवार को ही 30 सितंबर से प्रदेश में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के तबादलों पर रोक लगाई थी. अब सरकार को तबादले करने हैं तो वो दो सप्ताह के भीतर ही किए जा सकेंगे. लिहाजा तबादलों पर रोक के आदेश के दो दिन बाद ही सरकार ने इसकी शुरुआत कर दी है. बताया जा रहा है कि जल्द ही आरएएस अधिकारियों की एक और तबादला सूची जारी हो सकती है. वहीं सरकार दर्जनभर जिलों के कलक्टर भी बदल सकती है. विभागों के सचिवों में भी फेरदबल की संभावना जताई जा रही है.

जनघोषणा-पत्र को धरातल पर उतारना चाहती है सरकार
अशोक गहलोत सरकार सरकारी दस्तावेज बने जनघोषणा-पत्र के अहम बिंदुओं को धरातल पर उतारना चाहती है. ये कार्य केवल ब्यूरोक्रेसी ही कर सकती है. राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की फील्ड में पोस्टिंग होने के कारण उनकी ज्यादा जिम्मेदारी बनती है. सरकार की मंशा है कि लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन को मिले. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शपथ ग्रहण करने के एक सप्ताह बाद ही लगभग पूरी ब्यूरोक्रेसी का चेहरा बदल दिया था. सरकार ने जिस मंशा से अधिकारी बदले थे, वे उस पैमाने पर खरे नहीं उतर पाए. लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद सरकार को 7 महीने में ही अधिकारी बदलने पड़ गए हैं.
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First published: September 13, 2019, 8:15 PM IST
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