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राजस्थान: एसीबी पर नकेल वाली एसओपी, अब लोक सेवक के खिलाफ जांच से पहले लेनी होगी अनुमति

हाल ही में एक मामले में  आरएएस अधिकारियों ने एसीबी के खिलाफ मोर्चा खोल  दिया था. उसके बाद सरकार ने ये कदम उठाया है.

हाल ही में एक मामले में आरएएस अधिकारियों ने एसीबी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. उसके बाद सरकार ने ये कदम उठाया है.

गहलोत सरकार ने एसीबी पर कसी नकेल: राजस्थान में भ्रष्टाचारियों के खिलाफ अब तक धड़ाधड़ कार्रवाई करने वाले भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Anti corruption bureau) को अब जरा संभलकर काम करना होगा. प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार ने (Ashok Gehlot government) ब्यूरो पर नकेल कसते हुये अब किसी भी लोकसेवक के खिलाफ पूछताछ और जांच शुरू करने से पहले संबंधित विभाग के सक्षम अधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया है.

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जयपुर. राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot government) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो पर नकेल कस दी है. अब एसीबी को किसी भी लोकसेवक के खिलाफ पूछताछ और जांच शुरू करने से पहले संबंधित विभाग के अधिकारी से अनुमति (Permission) लेनी होगी. ये मानक प्रक्रिया ट्रेप के मामलों में लागू नहीं होगी. इस नई एसओपी को राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार के मानक प्रक्रियाओं को अपनाने की बात कही है.

हाल ही में एक आरएएस अधिकारी से पूछताछ की प्रकिया को लेकर आरएएस एसोसिएशन ने कड़ा एतराज जताया था. आरएएस एसोसिएशन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में आरएएस अधिकारियों ने दो बार मुख्य सचिव से मुलाकात कर अपना विरोध जताया था. हालांकि इसके बाद एसीबी के एक एडिशनल एसपी का तबादला कर दिया था लेकिन पूछताछ की प्रक्रिया को लेकर लोकसेवकों में नाराजगी थी. अब राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार पर कार्रवाई को लेकर नई एसओपी जारी कर दी है. मानक प्रक्रिया में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारियों के स्तर और समकक्ष लोक सेवकों के स्तर निर्धारित किए गए हैं.

दिशा-निर्देशों के अनुसार ही कर सकेंगे जांच और पूछताछ
गृह विभाग के आदेशों के अनुसार अब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारी को किसी भी लोक सेवक के खिलाफ पूछताछ, जांच एवं अनुसंधान शुरू करने से पहले संबंधित विभाग के अधिकारी से अनुमति लेनी होगी. एसीबी को निर्धारित प्रपत्र में संबंधित प्रशासनिक विभाग के सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेनी होगी. एसीबी के अधिकारी इन दिशा-निर्देशों के अनुसार ही संबंधित से अनुसंधान और जांच की कार्रवाई कर सकेंगे. राज्य सरकार ने केंद्र सरकार की ओर से भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 17 (ए) के क्रम में जारी मानक प्रक्रिया को ही प्रदेश में भी लागू किया है.

यह रहेगी पूछताछ और जांच की प्रक्रिया
मंत्री, विधायक, सातवें वेतन आयोग के तहत पे लेवल 15 और इससे ऊपर के लोक सेवक, विभिन्न बोर्ड, आयोग, निगम तथा राजनीतिक इकाइयों के चेयरमैन और सदस्यों से एसीबी पुलिस महानिदेशक या इसके समकक्ष स्तर के अधिकारी से अनुमति प्राप्त करने के बाद पूछताछ और जांच कर सकेंगे. पे लेवल 21 से 24 तक के लोक सेवकों से पूछताछ के लिए एसीबी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक या इसके समकक्ष अधिकारी से ही सक्षम स्तर से अनुमति प्राप्त कर पूछताछ एवं जांच कर सकेंगे.

राज्य सेवा के अधिकारियों के लिये इनकी लेनी पड़ेगी अनुमति
राज्य सेवा के अधिकारियों के पे लेवल 12 से 20 तक के लोक सेवकों से पूछताछ एवं जांच के लिए पुलिस महानिरीक्षक या पुलिस उप महानिरीक्षक या समकक्ष स्तर के अधिकारी अधिकृत रहेंगे. अधीनस्थ, मंत्रालयिक एवं चतुर्थ श्रेणी के लोक सेवकों से पूछताछ एवं जांच के लिए पुलिस अधीक्षक,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक या उप पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी द्वारा संबंधित प्रशासनिक विभाग के सक्षम प्राधिकारी के स्तर से अनुमति प्राप्त करनी होगी.

कई राज्य इन मानकों को कर चुके हैं लागू
इस नई एसओपी के जरिये लोकसेवकों को निर्भीक होकर अपने आधिकारिक दायित्वों का निर्वहन करने का सुरक्षा कवच दिया गया है. केन्द्र सरकार की अनुपालना में इस मानक प्रक्रिया को मध्यप्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, मिजोरम और पंजाब सहित अन्य राज्य पहले ही लागू कर चुके हैं. यह मानक प्रक्रिया ट्रेप के प्रकरणों में लागू नहीं होगी.

आरएएस अधिकारियों ने इसलिये खोला था मोर्चा
रिटायर्ड पुलिस अधिकारी नरपत सिंह राठौड ने कहा कि ये नई एसओपी आने वाले समय में भ्रष्ट अधिकारियों का कवर ना बन जाए इसका ध्यान रखने की जरुरत है. हालांकि उन्होंने यह भी माना की नई एसओपी एसीबी के काम को ज्यादा प्रभावित नहीं करेगी. दरअसल आरएएस अधिकारी भागचंद बधाल से एक मामले में पूछताछ को लेकर आरएएस एसोसिएशन ने एसीबी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था. उसके बाद मामला ठंडा करने के लिए एसीबी के एडिशनल एसपी नरोत्तम वर्मा का तबादला कर दिया था.

Tags: Anti corruption bureau, Ashok Gehlot Government, Jaipur news, Rajasthan news

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