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Rajashan: कोविड-19 से मुकाबले के लिये गहलोत सरकार ने अपनायी अब यह रणनीति ताकि ना रहे बेड्स की कमी

Rajashan: कोविड-19 से मुकाबले के लिये गहलोत सरकार ने अपनायी अब यह रणनीति ताकि ना रहे बेड्स की कमी

एमबीसी आरक्षण की पालना के लिए पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखा था. (फाइल फोटो)

एमबीसी आरक्षण की पालना के लिए पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखा था. (फाइल फोटो)

राजस्थान सरकार ने कोरोना (COVID-19)से मुकाबला करने के लिये अपनी रणनीति में बदलाव कर निजी अस्पतालों को होटल्स में केयर सेंटर (Care center) बनाने की मंजूरी दी है.

जयपुर. प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार ने लगातार फैल रहे कोरोना को देखते हुये इस पर काबू पाने के लिये अब नई रणनीति अपनाई है. इसके तहत राजधानी जयपुर के तीन निजी चिकित्सालयों को होटल में कोविड सेंटर बनाने की अनुमति प्रदान की गई है. इन सेंटर्स में असिम्प्टोमैटिक मरीजों को रखा जा सकेगा. इसके भुगतान के अनुरूप ही मरीजों को बेहतर आइसोलेशन की सुविधा मिल सकेगी. उम्मीद जताई जा रही है कि प्रदेश के अन्य शहरों में भी इसकी तर्ज पर सुविधायें जुटाई जा सकती है.

निजी अस्पतालों के लिए दरें निर्धारित कर दी
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा का कहना है कि प्रदेश में कोरोना से निपटने के लिए बेड्स की कमी ना रहे इसके लिए निजी अस्पतालों को उनके नजदीक के होटल में कमरे लेने की छूट दे दी गई है. इसके साथ ही श्रेणी के अनुरूप निजी अस्पतालों के लिए दरें निर्धारित कर दी हैं. स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि निजी अस्पतालों में कोविड का इलाज करा रहे लोगों के लिए पिछले दिनों विभाग की ओर से दरें निर्धारित की गई हैं. सभी प्रोटोकॉल के साथ उन्हें चाय, नाश्ता, पीपीई किट से लेकर एम्बुलेंस व अन्य सभी जांचों की दरों को निर्धारित कर दिया गया है. अब प्रदेश में कोई भी निजी अस्पताल मनमानी दरों पर पैसा वसूल नहीं सकता है.

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इन अस्पतालों को मिली मंजूरी
बकौल डॉ. शर्मा यही नहीं जो मरीज बिना लक्षण के हैं और निजी अस्पताल में निजी कमरों में रहना चाहते हैं उनके लिए भी 3 तरह के कमरों की दरें सरकार ने निर्धारित कर इसके लिये निजी अस्पतालों को अधिकृत किया है. उन्होंने कहा कि जो सामान्य और बिना लक्षण के मरीज हैं तथा जिन्हें सिर्फ अलग कमरे एवं चिकित्सकों की देखरेख में रहने की आवश्यकता है उनके लिये राजधानी जयपुर के महात्मा गांधी हॉस्पिटल, नारायणा हॉस्पिटल और शैल्बी हॉस्पिटल के होटल में बनाए कोविड केयर सेन्टर को मंजूरी दे दी गई है. इसके तहत MGH को 3 और नारायणा तथा शैल्बी हॉस्पिटल को 1- 1 सेंटर की मंजूरी दी गई है. इन कोविड केयर सेंटर में असिम्प्टोमैटिक मरीजों को रखा जा सकेगा.

असिम्प्टोमेटिक कोरोना रोगियों को इनमें रखा जायेगा
महात्मा गांधी मेडिकल यूनिवर्सिटी के प्रेसीडेंट तथा वाइस चांसलर डॉ. सुधीर सचदेव ने बताया कि सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार अस्पताल ने सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर सीतापुरा, टोंक रोड और जवाहरलाल नेहरू मार्ग के कुछ होटल्स के साथ अनुबंध किया है. असिम्प्टोमेटिक कोरोना रोगियों को इन होटल्स में चिकित्सकों व नर्सिंगकर्मियो की देखरेख में रखा जाएगा. ये मरीज क्वारेंटाइन रहते हुए उपचारित हो सकेंगे तथा संक्रमण के प्रसार से भी अपने परिजनों तथा अन्य लोगों को बचा सकेंगे.

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ये सुविधायें मिलेंगी
डॉ. सचदेव ने बताया कि ऐसे रोगियों को आवास, साफ सफाई व खानपान की व्यवस्था उपलब्ध करायी जायेगी. अस्पतालकर्मी सामान्य कोविड उपचार के लिए 24 घण्टे परामर्श, निर्धारित दवाइयां, ऑक्सीजन व बीपी, शुगर जैसी जांचों की सेवाएं देंगे. आवश्यकता होने पर रोगियों को अस्पताल में शिफ्ट किया जा सकेगा. उन्होंने बताया सरकार के इस प्रयास से जहां अस्पतालों में कम लक्षणों वाले रोगियों की भर्ती संख्या में कमी आएगी वहीं अस्पतालकर्मी भी गंभीर रोगियों को और अच्छी सेवाएं दे पाएंगे.

Tags: Ashok gehlot, COVID 19, Health bulletin

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