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अशोक गहलोत सरकार का बड़ा निर्णय, RAS अधिकारियों को बनाया और 'पावरफुल'
Jaipur News in Hindi

Prem Meena | News18 Rajasthan
Updated: February 18, 2020, 8:38 PM IST
अशोक गहलोत सरकार का बड़ा निर्णय, RAS अधिकारियों को बनाया और 'पावरफुल'
उपखंड अधिकारी के निर्णय के खिलाफ संबंधित अधिकारी और कर्मचारी अपने विभाग की अपील अथॉरिटी के समक्ष नियम-23 के तहत अपील कर सकता है.

प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) ने बड़ा नीतिगत निर्णय (Policy decision) लेते राज्य प्रशासनिक सेवा (RAS) के अधिकारियों को और शक्तियां (Powers) प्रदान कर दी है.

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जयपुर. प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) ने बड़ा नीतिगत निर्णय (Policy decision) लेते राज्य प्रशासनिक सेवा (RAS) के अधिकारियों को और शक्तियां (Powers) प्रदान कर दी है. सरकार के निर्णय के अनुसार अब उपखंड अधिकारी (SDM) उपखंड में कार्यरत अधीनस्थ सेवाओं एवं मंत्रालयिक सेवा के कार्मिकों को 17-सीसीए के तहत चार्जशीट (Chargesheet) देकर दो वार्षिक इंक्रीमेंट (Annual increment) रोक सकेंगे. पूर्व की व्यवस्था के तहत उपखंड अधिकारी को लापरवाह अधिकारी-कर्मचारी को महज कारण बताओ नोटिस जारी कर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए जिला कलेक्टर को अनुशंसा करने का ही अधिकार था.

आरएएस एसोशिएशन लंबे समय से मांग कर रही थी
राजस्थान प्रशासनिक अधिकारी एसोसिएशन लंबे समय से उपखंड अधिकारियों को अधिक शक्तियां देने की मांग कर रही थी. अब गहलोत सरकार ने एसोसिएशन की यह मांग मान ली है. राज्य के कार्मिक विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार अब उपखंड अधिकारी आबकारी इंस्पेक्टर, रसद इंस्पेक्टर, ट्रांसपोर्ट और लेबर डिपार्टमेंट के अधिकारियों द्वारा लापरवाही बरते जाने पर उन्हें 17- सीसी के तहत चार्जशीट देकर उनका वार्षिक इंक्रीमेंट रोक सकेंगे. उपखंड अधिकारी मंत्रालयिक सेवा के कर्मचारियों जैसे एलडीसी और यूडीसी के लापरवाही बरतने पर वार्षिक इंक्रीमेंट रोक सकेंगे. उपखंड अधिकारी के निर्णय के खिलाफ संबंधित अधिकारी या कर्मचारी अपने विभाग की अपील अथॉरिटी के समक्ष नियम-23 के तहत अपील कर सकता है.

लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपना रखा है सीएम ने



उल्लेखनीय है कि सीएम अशोक गहलोत कई बार कह चुके हैं कि उनकी सरकार पारदर्शी, संवदेनशील और जवाबदेही प्रशासन का वादा कर सत्ता में आई है. इसमें किसी भी तरह की कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसके लिए सीएम लगातार फ्लैगशीप योजनाओें की न केवल मॉनिटरिंग करते हैं, बल्कि लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कड़ा रुख भी अपनाते हैं. पिछली कई वीसी में ऐसे उदाहरण सामने आ चुके हैं, जब सीएम ने लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ तत्काल निर्णय लिए हैं.

 

 

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First published: February 18, 2020, 8:36 PM IST
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