Rajasthan: मूंग, उड़द, सोयाबीन और मूंगफली की होगी समर्थन मूल्य में खरीदी, जानें कब से होगा रजिस्ट्रेशन

किसानों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा.
किसानों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा.

खरीद के लिए पंजीकरण करवाने के लिए किसान को जन आधार कार्ड नंबर, खसरा गिरदावरी की कॉपी और बैंक पासबुक की प्रति अपलोड करनी होगी. समस्याओं के समाधान के लिए हेल्पलाइन नम्बर (Helpline Number) 1800-180-6001 20 अक्टूबर से शुरू हो जाएगा. 

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जयपुर. राजस्थान में मूंग, उड़द, सोयाबीन और मूंगफली की समर्थन मूल्य (Support Price) पर खरीद की जाएगी. इसके लिए 20 अक्टूबर से पंजीयन शुरू हो जाएगा. एक नवम्बर से सोयाबीन और 18 नवम्बर से मूंगफली की खरीद शुरू हो जाएगी. सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना के मुताबिक 850 से ज्यादा केन्द्रों पर खरीद होगी जो पिछले साल करीब 500 ज्यादा है. मूंग के लिए 365 और उड़द के लिए 161 खरीद केंद्र बनाए जाएंगे, जबकि मूंगफली के लिए 266 और सोयाबीन के लिए 79 खरीद केन्द्र चिह्नित किए गए हैं. ई-मित्र और खरीद केन्द्रों पर ऑनलाइन पंजीकरण सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक हो सकेगा. बिना पंजीकरण के किसानों से खरीद नहीं होगी.

इतनी खरीद और इतना समर्थन मूल्य

भारत सरकार द्वारा मूंग की 3.57 लाख मीट्रिक टन और मूंगफली 3.74 लाख मीट्रिक टन की खरीद का लक्ष्य स्वीकृत किया गया है। इसी तरह उडद की  71.55 हजार और सोयाबीन 2.92 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य है. सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना के मुताबिक, भारत सरकार द्वारा साल 2020-210 में मूंग के लिए 7196 रुपये प्रति क्विंंटल समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है, जबकि उड़द के लिए 6000 रुपये, मूंगफली के लिए 5275 रुपये और सोयाबीन के लिए 3880 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य घोषित है. सहकारिता मंत्री ने कहा कि किसानों को उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी ना हो इसके लिए खरीद केन्द्रों पर जरूरत के मुताबिक तौल-कांटें लगाए जाएंगे. साथ ही पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध कराया जाएगा.



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गलत रजिस्ट्रेशन पर होगी कार्रवाई

खरीद के लिए पंजीकरण करवाने के लिए किसान को जन आधार कार्ड नंबर, खसरा गिरदावरी की कॉपी और बैंक पासबुक की प्रति अपलोड करनी होगी. प्रमुख सचिव सहकारिता कुंजीलाल मीणा के मुताबिक बिना गिरदावरी के किसान का पंजीयन समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए मान्य नहीं होगा. उन्होंने कहा कि यदि ई-मित्र द्वारा गलत पंजीयन किए जाते या तहसील के बाहर पंजीकरण किए जाते है तो ऐसे ई-मित्रों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. वहीं सहकारिता रजिस्ट्रार मुक्तानन्द अग्रवाल का कहना है कि किसान जनआधार कार्ड में अंकित नामों में से जिसके नाम गिरदावरी होगी उसके नाम से एक पंजीयन करवा सकेगा. राजफैड एमडी सुषमा अरोडा ने बताया कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए हेल्पलाइन नम्बर 1800-180-6001 20 अक्टूबर से शुरू हो जाएगा. उन्होंने कहा कि परेशानी से बचने के लिए किसान सही मोबाइल नंबर और सही बैंक खाता संख्या देना सुनिश्चित करें.
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