COVID-19: राजस्थान सरकार विधायक फंड से फ्रीज राशि करेगी बहाल, मिलेंगे 3 करोड़

वैक्सीनेशन को लेकर गहलोत सरकार का बड़ा फैसला. (File)

वैक्सीनेशन को लेकर गहलोत सरकार का बड़ा फैसला. (File)

Rajasthan News: राजस्थान की गहलोत सरकार एमएलए  फंड (MLA Fund) की फ्रिज राशि को बहाल करने की तैयारी में है. अब वैक्सिनेशन के लिए मिलेंगे 3 करोड़ रुपए.

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जयपुर. आर्थिक चुनौतियों से जूझ रही गहलोत सरकार (CM Ashok Gehlot) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की 18 से 44 उम्र के लोगों के लिए मुफ्त टीकाकरण की घोषणा के बाद 3000 करोड़ के अतिरिक्त भार से बड़ी राहत मिली है. अब गहलोत सरकार वैक्सीनेशन (COVID-19 Vaccination) के लिए विधायकों के MLA फंड से प्रत्येक विधायक के फ्रिज किए 3 करोड़ रुपये की बहाली करने की तैयारी कर रही है. सरकार के उच्च स्तर पर मंथन चल रहा है. माना जा रहा है कि सरकार प्रत्येक विधायक के फ्रिज किए 3- 3 करोड़ रुपए को बहाल करेगी. विधायक बहाल की गई राशि को अपने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च कर सकेंगे. केंद्र सरकार के इनकार के बाद राज्य सरकार ने 18 से 44 साल के आयु वर्ग के लोगों के फ्री वैक्सीनेशन की घोषणा की थी.

सरकार ने इसके लिए फंड का इंतजाम भी किया. सीएम अशोक गहलोत ने विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम ​MLA फंड का बजट वैक्सीनेशन के लिए उपयोग करने की घोषणा कर दी. हर विधायक के फंड से 3 करोड़ रुपए लिए. 200 विधायकों के फंड से 600 करोड़ रुपए की राशि जुटाई.

विधायक कोष की राशि 5 करोड़ की थी

गहलोत सरकार ने 11 मई 2021 को विधायक कोष की राशि को ढाई करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ कर दिया था. इस बार कोविड-19 के हालात को देखते हुए इसे खर्च करने की रूपरेखा सरकार के स्तर पर तय की गई थी. राज्य सरकार ने 18 से 44 उम्र के लोगों को मुफ्त का टीका के नाम पर करीब ढाई हजार अफसरों का 2 से 3 दिन का वेतन काटा था. सरकार अधिकारियों का कटा हुआ वेतन लौटाएगी या नहीं फिलहाल इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है. हालांकि राज्य सरकार का कहना है कि 100 करोड़ की वैक्सीन का आर्डर दिया जा चुका है. 57 करोड़ मूल्य की वैक्सीन आ चुकी है. बाकी के टीके भी खरीदे जाएंगे सरकार पैसे वापस नहीं लेगी.
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर रहेगा फोकस

विशेषज्ञ कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जता रहे हैं. गहलोत सरकार का मुख्य फोकस ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने पर रहेगा. ग्रामीण इलाकों में आई स्वास्थ्य सेवाओं की समस्या को देखते हुए सरकार की प्राथमिकता रहेगी कि किस तरीके से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाए. यही वजह है कि विधायकों के फ्रिज किए हुए फंड को बहाल किया जा रहा है.  ग्रामीण इलाकों के पीएचसी और सीएचसी स्वास्थ्य केंद्रों को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं से मजबूत किया जाएगा, ताकि भविष्य में अगर किसी भी तरह की कोई आपात स्थिति आती है तो उससे निपटा जा सके.

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